दतिया उपचुनाव: राजेंद्र भारती का बड़ा बयान- छोड़ा टिकट का दावा
समझें क्या है पूरा मामला
- दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव 30 जुलाई को होगा।
- नामांकन भरने की आखिरी तारीख 13 जुलाई तय है।
- भाजपा और कांग्रेस ने अब तक उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं।
- पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने परिवार का टिकट दावा छोड़ दिया।
- अवधेश नायक और घनश्याम सिंह की दावेदारी अब मजबूत मानी जा रही है।
दतिया में सरगर्मी तेज
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर हलचल बढ़ गई है। 30 जुलाई को यहां वोट डाले जाएंगे। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 13 जुलाई है। इसके बावजूद भाजपा और कांग्रेस ने अब तक प्रत्याशी तय नहीं किए हैं। दोनों दलों में उम्मीदवार को लेकर मंथन जारी है।
इसी बीच, कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने पार्टी हाईकमान से खास अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि परिवार की जगह और कोई नेता लड़ सकता है। भारती ने कहा, पार्टी जिसे भी उतारे, वे साथ देंगे। वे उस उम्मीदवार के लिए पूरी ताकत से प्रचार करेंगे। भारती ने कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व से यह अनुरोध किया है। भारती के मुताबिक उन्हें टिकट देना जरूरी नहीं है। अगर पार्टी किसी और योग्य नेता को उतारती है तो भी वे साथ देंगे। वे तन मन और धन से काम करेंगे। वे उसकी जीत पक्की करने की पूरी कोशिश करेंगे।
टिकट का फैसला पार्टी पर छोड़ा
राजेंद्र भारती ने कहा कि अब फैसला पार्टी नेताओं पर छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि उनका चुनाव लड़ना बहुत जरूरी नहीं है। भारती बोले, पार्टी को अच्छा उम्मीदवार मिले तो उसे लड़ाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पूरा सपोर्ट करेंगे।
अब नायक और घनश्याम टिकट के दावेदार
भारती के परिवार की दावेदारी पीछे हटी है। अब दो नाम चर्चा में आ गए हैं। इनमें पाठ्य पुस्तक निगम के पूर्व उपाध्यक्ष अवधेश नायक शामिल हैं। दूसरा नाम घनश्याम सिंह का है, जो दतिया से दो बार विधायक रहे हैं। दोनों नेता मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
2023 में भी बदला था टिकट
गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भी ऐसा ही हुआ था। कांग्रेस ने पहले अवधेश नायक को उम्मीदवार घोषित किया था। बाद में भारती समर्थकों के विरोध के चलते टिकट बदल दिया गया। पार्टी ने राजेंद्र भारती को नया प्रत्याशी बनाया था। अब उपचुनाव में कांग्रेस किसे मौका देगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
भाजपा भी खामोश अभी
दूसरी ओर भाजपा ने भी अब तक अपने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है। इससे दतिया का सियासी मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है। दोनों दलों में टिकट को लेकर अंदरखाने मंथन चल रहा है। नामांकन की तारीख नजदीक आने से सस्पेंस बढ़ता जा रहा है।
दतिया उपचुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों की नजरें टिकी हैं। यह चुनाव आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिए अहम माना जा रहा है। जीत हार से स्थानीय राजनीति पर असर पड़ सकता है। दोनों दलों के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। इसलिए उम्मीदवार चयन में देरी हो रही है।
रणनीतिक बयान या सच
राजनीति के जानकार भारती के इस बयान को रणनीतिक दांव भी मान रहे हैं। दरअसल टिकट को लेकर कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान चल रही है। कई दावेदार टिकट को लेकर नाराज बताए जा रहे हैं। ऐसे में भारती का यह बयान सोची समझी रणनीति लग रहा है। जानकारों का कहना है, भारती पहले भी दूसरे दलों से लड़े हैं। वे समाजवादी पार्टी के टिकट पर भी विधायक रह चुके हैं। ऐसे में यह बयान अन्य दावेदारों की नाराजगी से बचाव भी हो सकता है। साथ ही यह अच्छी छवि बनाने की कोशिश भी हो सकता है। यह पार्टी नेतृत्व को सकारात्मक संदेश देने की कोशिश है।
क्षेत्र की सियासी अहमियत
दतिया सीट ग्वालियर चंबल इलाके में आती है। यह इलाका मध्य प्रदेश की राजनीति में अहम माना जाता है। यहां के नतीजे राज्य सरकार की रणनीति पर असर डाल सकते हैं। इसलिए दोनों दल फूंक फूंक कर कदम रख रहे हैं। उम्मीदवार चयन में सावधानी बरती जा रही है।
दतिया के मतदाता भी उम्मीदवारों के ऐलान का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि जल्द तस्वीर साफ हो। नामांकन की तारीख नजदीक आने से माहौल गरमा गया है। राजनीतिक विश्लेषक भी हर घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। आने वाले दिनों में कई बड़े ऐलान हो सकते हैं।
आगे की रणनीति क्या होगी
कांग्रेस और भाजपा दोनों नामांकन की तारीख नजदीक आते ही सक्रिय हो सकते हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक जल्द बड़ा ऐलान संभव है। नामांकन की आखिरी तारीख 13 जुलाई तय है। इससे पहले उम्मीदवार तय करना दोनों दलों की मजबूरी बन गई है। आने वाले दिनों में स्थिति और साफ हो सकती है।
राजेंद्र भारती का बयान कांग्रेस के लिए राहत भरा माना जा रहा है। इससे पार्टी में टिकट को लेकर टकराव कम हो सकता है। अब सबकी नजर पार्टी हाईकमान के फैसले पर टिकी है। जल्द ही उम्मीदवारों के नाम सामने आ सकते हैं। दतिया का यह मुकाबला अब और दिलचस्प हो गया है।
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