डीएवीवी इंदौर में गर्भ संस्कार में होगा PG डिप्लोमा: जुलाई 2027 से शुरू हो सकता है कोर्स; पहले बैच में 30 सीटें

Arohi Raj | Oct 16, 2026, 12:02 IST
इंदौर डीएवीवी में गर्भ संस्कार पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा की तैयारी।
इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी (DAVV) में अब गर्भ संस्कार की पढ़ाई होगी। यूनिवर्सिटी जुलाई 2027 से पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स शुरू करने की तैयारी कर रही है। स्कूल ऑफ योग में प्रस्तावित इस कोर्स में पहले बैच के लिए 30 सीटें होंगी। इसमें ट्रेडिशनल बिलीफ के साथ मेटरनल हेल्थ और भ्रूण विकास (Fetal development) की आधुनिक जानकारी भी दी जाएगी। हालांकि, यह कोर्स डॉक्टरी की योग्यता नहीं देगा।
Devi Ahilya University (DAVV) in Indore will now offer studies in 'Garbh Sanskar' (prenatal cultural/spiritual enrichment). The university is preparing to launch a postgraduate diploma course starting in July 2027.

गर्भ संस्कार क्या है?

यह प्राचीन भारतीय परंपरा (ancient indian tradition) और मान्यताओं पर टिका है। इसका केंद्र एक विश्वास है। गर्भावस्था में मां का शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक माहौल मायने रखता है। यह माहौल अजन्मे बच्चे के लिए जरूरी माना जाता है।



एक मान्यता यह भी है कि मां का गर्भ बच्चे की पहली कक्षा है। भक्ति संगीत सुनना और श्लोक पाठ इस दर्शन के केंद्र में हैं। मेटरनिटी हॉस्पिटल और निजी वेलनेस केंद्रों में ऐसे कार्यक्रम आजकल ज्यादा दिख रहे हैं। इनमें परंपरागत तरीके योग,ब्रथिंग एक्सरसाइज, ध्यान,न्यूट्रिशन एडवाइस और परामर्श से मिलते हैं। कुछ कार्यक्रम प्रसव और शुरुआती पालन-पोषण की तैयारी तक जाते हैं।



डीएवीवी इंदौर में कहां चलेगा कोर्स?

डीएवीवी (Devi Ahilya Vishwavidyalaya) का स्कूल ऑफ योग यह डिप्लोमा चलाएगा। यह स्कूल, स्कूल ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंस के तहत आता है। डीएवीवी इंदौर की इस योजना में पहले बैच के लिए 30 सीटें प्रस्तावित हैं।



इसका सिलेबस क्या होगा?

पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा में कॉन्सेप्शन (गर्भधारण) से प्रसव तक प्रेग्नेंसी को परखा जाएगा। ट्रेडिशनल कॉन्सेप्ट मेटरनल हेल्थ और भ्रूण विकास की आधुनिक जानकारी के साथ मिलेंगी। साथ ही स्टूडेंट्स रिप्रोडक्टिव


हार्मोन और प्रेग्नेंसी में शरीर के बदलाव समझेंगे। यहां बैलेंस्ड न्यूट्रिशन और मेंटल हेल्थ का महत्व भी सिखाया जाएगा।



आयुर्वेद में गर्भ में बच्चे के विकास का महीने-दर-महीने वर्णन है। कोर्स में इसकी तुलना आधुनिक भ्रूण विज्ञान (Embryology) से की जाएगी। इसमें मंत्र जाप, संगीत और पॉजिटिव सेल्फ टॉक के बारे में पढ़ाया जाएगा। भारतीय पौराणिक कथाओं को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।



इसके साथ योग, प्राणायाम, ध्यान और आराम करने की तकनीकें सिखाई जाएंगी। सिलेबस में अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और योग निद्रा भी शामिल हैं। पेट से गहरी सांस लेने की तकनीक भी सिखाई जाएगी।



डिप्लोमा के साथ तीन और कोर्स शामिल

गर्भ संस्कार (pregnancy rituals) डिप्लोमा कोर्स के साथ तीन और कोर्स आ सकते हैं। स्कूल ऑफ योग तीन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की योजना बना रहा है। ये योग और पोषण, योग और प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy) एवं योग और एक्यूप्रेशर पर होंगे। इन्हें इसी नवंबर तक शुरू करने की तैयारी है।



फिलहाल, यह योजना जुलाई 2027 के सत्र के लिए है। पहले बैच में सिर्फ 30 स्टूडेंट्स को मौका मिलेगा। उससे पहले इसी नवंबर तक तीन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की योजना है।



इंटर्नशिप और करियर के मौके क्या हैं?

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय अब अस्पतालों के साथ मिलकर एक शानदार योजना बना रहा है। इसके तहत स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप दी जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि विद्यार्थियों को सीधे बड़े डॉक्टरों और प्रेग्नेंट महिलाओं से मिलने-बात करने का मौका मिलेगा। इससे उन्हें किताबों के अलावा असल जिंदगी का प्रैक्टिकल अनुभव मिलेगा।



गीता के श्लोक और कथाएं सिलेबस में शामिल है

प्रेग्नेंसी के दौरान हर ट्रिमेस्टर में अलग-अलग योग प्रैक्टिस होंगे

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूल ऑफ फिजिकल एजुकेशन के चीफ सुंधिरा चंदेल ने बताया कि हर ट्रिमेस्टर की बदलती जरूरत के मुताबिक योग प्रैक्टिस सिखाए जाएंगे। शुरुआती प्रेग्नेंसी में हल्की हलचल और ट्रिटीज की मोबिलिटी सिखाई जाएगी। दूसरी ट्रिमेस्टर में बैलेंस और पीठ को सहारा देने वाले प्रैक्टिस होंगे। तीसरी ट्रिमेस्टर में कुशन या कुर्सी की मदद से बदले हुए आसन सिखाए जाएंगे।



FAQs



  1. गर्भ संस्कार क्या है?
    गर्भ संस्कार एक प्राचीन भारतीय परंपरा है, जो मानती है कि गर्भावस्था के दौरान मां का शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक माहौल अजन्मे बच्चे के विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है।
  2. डीएवीवी इंदौर में गर्भ संस्कार कोर्स किस तरह का है?
    डीएवीवी इंदौर का गर्भ संस्कार कोर्स एक पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा है, जिसमें गर्भधारण से प्रसव तक की प्रक्रिया का अध्ययन किया जाएगा, जिसमें पारंपरिक और आधुनिक ज्ञान का समावेश होगा।
  3. गर्भ संस्कार कोर्स के बाद छात्रों के लिए करियर के अवसर क्या हैं?
    गर्भ संस्कार कोर्स के अंतर्गत छात्रों को अस्पतालों में इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा, जिससे वे डॉक्टरों और प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ वास्तविक जीवन का अनुभव हासिल कर सकेंगे।
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