फिर उठी मांग, 51% आरक्षण को लेकर ओबीसी महासभा कर रही लामबंदी, चुनाव में किसका साथ देंगे ओबीसी मतदाता!
वेंकटेश कोरी, JABALPUR. मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के ठीक पहले एक बार फिर ओबीसी वर्ग ने अपने अधिकारों की बात छेड़ दी है। इसके लिए ओबीसी महासभा जहां सक्रिय हो गई है तो वहीं अपनी मांगों को लेकर इससे जुड़े पदाधिकारियों ने लामबंदी भी शुरू कर दी है। महासभा ने आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी देने की आवाज बुलंद करते हुए शुरुआती दौर में प्रदेश में अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी वर्ग के प्रत्याशियों को अपना समर्थन देने का पत्र भी सौंप दिया है। ओबीसी महासभा ने कांग्रेस को समर्थन पत्र देते हुए मांग की है कि अगर कांग्रेस की सरकार प्रदेश में काबिज होती है तो कैबिनेट की बैठक और विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर जातीय जनगणना कराए और ओबीसी वर्ग को 51 फीसदी आरक्षण देने के लिए ठोस कदम उठाएं जाएं।
प्रदेश सरकार के आंकड़ों को बताया आधार
महासभा ने ओबीसी आरक्षण को लेकर अदालतों में लंबित याचिकाओं और उनकी सुनवाईयों के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा पेश आंकड़ों को भी बड़ा आधार बताया है। ओबीसी महासभा ने प्रदेश सरकार द्वारा पेश आंकड़ों के हवाले से कहा है कि सरकार खुद मान रही है कि मध्य प्रदेश में ओबीसी की आबादी 51 फीसदी है लिहाजा इस आधार पर उन्हें अधिकार दिए जाएं। ओबीसी महासभा ने इस सिलसिले में कहा है कि पूर्व में कांग्रेस की सरकार ने ओबीसी वर्गों के हित में कई फैसले लिए थे जिसे देखते हुए उन्होंने कांग्रेस को सशर्त समर्थन देने का निर्णय लिया है।
निर्णायक होती है ओबीसी की आबादी
मध्य प्रदेश में सरकार बनाने में ओबीसी वर्ग की अहम भूमिका होती है। ओबीसी महासभा की मानें तो प्रदेश में ओबीसी की आबादी 51 फीसदी है जो किसी भी राजनीतिक दल के लिए बेहद अहम है। 2018 के विधानसभा के चुनाव में भी कांग्रेस ने ओबीसी वर्ग को साधने तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने का दांव चला था। इसके बाद कांग्रेस ने यह प्रचारित करना शुरू कर दिया कि कांग्रेस ही पिछड़े वर्गों की सच्ची हिमायती है और उसने वादे के मुताबिक आरक्षण में बढ़ोतरी भी कर दी।
137 दिनों तक दिया गया था धरना
ओबीसी वर्ग को अधिकार दिए जाने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा के द्वारा पिछले करीब 5 सालों से लगातार सड़क से लेकर अदालतों तक लड़ाइयां लड़ी जा रही है। ओबीसी महासभा ने अपने हकों को लेकर 137 दिनों तक धरना दिया था जिसे देश में सबसे लंबे समय तक चल धरने के रूप में भी याद किया जाता है। ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य वैभव सिंह के मुताबिक कांग्रेस की सरकार बनती है तो महासभा इस कोशिश में रहेगी कि लोकसभा चुनाव के पहले प्रदेश में जातिगत जनगणना का कार्य पूरा कराया जाए ताकि आबादी के हिसाब से ओबीसी वर्ग को पंचायती राज, नगरीय निकाय, न्यायपालिका, विधायिका, कार्यपालिका और प्राइवेट सेक्टर सहित अन्य क्षेत्रों में 51% की हिस्सेदारी मिले।