डिप्टी डायरेक्टर पर रिवॉल्वर तान चपरासी बोला-सैलरी नहीं आई तो फोटो पर माला चढ़ेगी
पांच पाइंट में समझें पूरा मामला
- चपरासी भूरे सिंह ने अटेंडेंस कम होने से कटी सैलरी पर नाराजगी जताई।
- आरोपी ने गुस्से में पहले दफ्तर के सीसीटीवी कैमरे बंद किए।
- उसने चैंबर में घुसकर डिप्टी डायरेक्टर के सीने पर रिवॉल्वर तानी।
- पांच दिन में सैलरी न मिलने पर जान से मारने की धमकी दी।
- कलेक्टर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी चपरासी को तुरंत सस्पेंड किया।
मुरैना। जिले के डिप्टी डायरेक्टर, वेटनरी विभाग डॉ. ब्रिज किशोर शर्मा के कार्यालय में 2 जून को एक गंभीर घटना हुई। कार्यालय में तैनात चपरासी भूरे सिंह भदौरिया ने डॉ. शर्मा पर लाइसेंसी रिवॉल्वर तान दी और जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कर आरोपी को निलंबित कर दिया गया।
अचानक अधिकारी पर तान दी रिवॉल्वर
डॉ. शर्मा ने बताया कि वे सुबह अपने कार्यालय में काम कर रहे थे। इसी दौरान भूरे भदौरिया कार्यालय में आए और पहले सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए। इसके बाद वह सीधे डिप्टी डायरेक्टर के चैम्बर में घुस गया और रिवॉल्वर तान धमकी देने लगा।
भदौरिया ने कहा कि पांच दिन के अंदर उसकी कट गई तनख्वाह वापस नहीं आई तो डॉ. शर्मा की तस्वीर पर माला चढ़ाई जाएगी।
तनख्वाह कटने से था नाराज
डॉ. शर्मा ने बताया कि वर्तमान में कर्मचारियों की उपस्थिति सार्थक एप के माध्यम से दर्ज की जाती है। भूरे भदौरिया नियमित रूप से कार्यालय नहीं आते थे और सही लोकेशन पर उपस्थिति दर्ज नहीं हुई। इसी कारण उनकी तनख्वाह कट गई।
अधिकारियों ने कहा कि भूरे भदौरिया ने तनख्वाह कटने की वजह से नाराज होकर धमकी दी।
पुलिस कार्रवाई और निलंबन
डिप्टी डायरेक्टर ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। आरोपी भृत्य को तत्काल निलंबित कर दिया गया।
एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस 3 जून शाम को दर्ज किया। मामले की विवेचना चल रही है और आवश्यक धाराओं को बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने भी निलंबन को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया।
आरोपी भृत्य तत्काल प्रभाव से नौकरी से सस्पेंड
सरकारी दफ्तरों के अंदर हथियार लहराने की इस गुंडागर्दी पर प्रशासन ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने डिप्टी डायरेक्टर की तरफ से भेजी गई रिपोर्ट का तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए आरोपी भृत्य भूरे सिंह भदौरिया को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
निलंबन अवधि के दौरान आरोपी भृत्य को दफ्तर आने से रोक दिया गया है और उसका मुख्यालय भी बदल दिया गया है। इस कड़े एक्शन से साफ है कि सरकारी दफ्तरों में ऐसी रंगदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस पूरी घटना ने सरकारी विभागों में काम करने वाले अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। दफ्तर के अन्य बाबू और कर्मचारी भी इस अप्रत्याशित वारदात के बाद से खौफ में नजर आ रहे हैं।
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