देवास शराब कांड: कांग्रेस प्रवक्ता का बेटा हिरासत में, जहरीली शराब के लिए केमिकल बेचने का आरोप

Aman Vaishnav | Oct 29, 2026, 09:02 IST
देवास में केमिकल युक्त मिलावटी शराब पीने से 13 मजदूरों की मौत के बाद पुलिस ने 11 आरोपियों को दबोचा, पीड़ित परिवारों को अभी भी सरकारी मदद का इंतजार है।
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मध्य प्रदेश के देवास जिले में शराब कांड अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अब तक जिला प्रशासन नमूनों की जांच का हवाला देकर शराब को पीने योग्य बता रहा था। लेकिन पुलिस की जांच में प्रशासन के इस दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि चंदाना और बिंजाना गांव में केमिकल से बनी मिलावटी शराब बेची जा रही थी।

बता दें कि इन्हीं गांवों में शराब पीने से मजदूरों की संदिग्ध मौत हुई थी।



देवास जहरीली शराब कांड, प्रशासन का दावा गलत निकला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच दोनों गांवों में शराब पीने के बाद 13 मजदूरों की संदिग्ध हालत में मौत हुई थी। इस जहरीली शराब (देवास शराब कांड) के असर से कई लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई। मृतक मजदूरों के परिवार वाले शुरू से ही जहरीली शराब (Dewas hooch tragedy) को मौत की वजह बता रहे थे, लेकिन उस समय अधिकारियों ने उनकी बात को अनसुना कर दिया था।



11 आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे

जानकारी के अनुसार सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम (MP Excise Act) की धारा 49-ए जोड़ दी है। यह धारा तब लगाई जाती है जब शराब या स्पिरिट इंसानों के पीने के लायक नहीं होती। साथ ही उससे किसी की जान को गंभीर खतरा होता है। पुलिस ने केमिकल खरीदने से लेकर शराब में मिलावट करने और उसे गांवों में बेचने तक की पूरी कड़ी जोड़ ली है।



मामले में अब तक की बड़ी कार्रवाई और मौजूदा स्थिति...



  • पुलिस ने शराब बनाने और बेचने के इस पूरे नेटवर्क से जुड़े 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
  • सरकार ने मामले को बढ़ता देख जिले के कलेक्टर और एसपी का ट्रांसफर कर दिया है।
  • काम में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन आबकारी अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

कांग्रेस प्रवक्ता का बेटा हिरासत में

कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने पूरे मामले की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अजय राठौर ने विनोद जायसवाल की मदद से चंदाना और बिंजाना गांव में यह खतरनाक शराब सप्लाई की थी। विनोद को पुलिस पहले ही पकड़ चुकी थी। पूछताछ में पता चला कि अजय ने इंदौर के दवा बाजार में मौजूद अमन कासलीवाल की दुकान से केमिकल खरीदा था। इसके बाद इसी केमिकल को शराब में मिलाकर बोतलों में भरा गया और गांवों में अवैध तरीके से बेचा गया।



पुलिस ने अमन कासलीवाल को भी हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि अमन ने यह जाने बिना ही केमिकल बेच दिया कि खरीदार इसका इस्तेमाल किस काम में करने वाला है। वहीं अमन के पिता और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जैन कासलीवाल ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने हुए कहा कि हमने बाकायदा पक्का बिल देकर पेंट थिनर बेचा था। उनका कहना है कि अगर कोई खरीदार उस थिनर का गलत इस्तेमाल करता है, तो उसके लिए दुकानदार को जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है।



एआई (AI) से सीखा शराब बनाना

पुलिस पूछताछ में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। आरोपी ने इंटरनेट पर Artificial Intelligence की मदद से घर पर ही शराब बनाने का तरीका ढूंढा था। इसके बाद उसने इंदौर से केमिकल लाकर यह खतरनाक शराब तैयार की।



स्वास्थ्य विशेषज्ञों और जानकारों का कहना है कि पेंट थिनर कोई साधारण चीज नहीं है। इसकी थोड़ी सी मात्रा भी अगर पेट में चली जाए, तो यह इंसान के शरीर के अंदरूनी हिस्सों को पूरी तरह बर्बाद कर देती है। इससे आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है, लिवर और किडनी तुरंत फेल हो सकते हैं। साथ ही दिमाग को कभी न ठीक होने वाला नुकसान पहुंचता है और पलक झपकते ही इंसान की मौत हो जाती है।



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