देवास में शराब माफिया की दबंगई! अवैध शराब रोकने पहुंचे TI को ट्रक से कुचला, मौत
यह सनसनीखेज घटना ऐसे वक्त सामने आई है, जब देवास में संदिग्ध जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत का मामला पहले ही प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर चुका है। इस मामले के बाद एसपी और कलेक्टर तक बदले गए थे।
क्या है पूरा माजरा?
दरअसल रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि एक आयशर गाड़ी में अवैध शराब भरकर ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही टीआई दिलीप पुरी अपनी पुलिस टीम के साथ इंदौर-बैतूल हाईवे पर पहुंचे। इसी गाड़ी का पीछा नेमावर थाने की पुलिस भी कर रही थी।
घेराबंदी के दौरान पुलिस को वह गाड़ी हाईवे के डिवाइडर के किनारे खड़ी मिल गई। टीआई दिलीप पुरी गाड़ी के पास पहुंचे और उन्होंने ड्राइवर को तुरंत नीचे उतरने के लिए कहा।
डिवाइडर पर गाड़ी चढ़ाकर टीआई को रौंदा
जानकारी के अनुसार ड्राइवर नीचे उतरने के बजाय गाड़ी को डिवाइडर पर चढ़ाने लगा ताकि वह वहां से भाग सके। इसी दौरान गाड़ी का पिछला पहिया सीधे टीआई दिलीप पुरी के ऊपर चढ़ गया। इस भयानक टक्कर से उनके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आईं और काफी ज्यादा खून बह गया।
घटना के तुरंत बाद साथी पुलिसकर्मी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों की टीम ने करीब दो घंटे तक सीपीआर देकर उनकी सांसें लौटाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान चली गई।
संदलपुर में गाड़ी छोड़कर भागा ड्राइवर
टीआई को कुचलने के बाद आरोपी ड्राइवर गाड़ी को डिवाइडर के दूसरी तरफ ले गया। इसके बाद वह गाड़ी को संदलपुर में ही सड़क किनारे छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। पुलिस ने उस वाहन को जब्त कर संदलपुर थाने में खड़ा करवा दिया है। साथ ही फरार ड्राइवर की तलाश तेज कर दी है।
इस घटना की जानकारी मिलते ही देवास के एसपी आदित्य मिश्रा सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे खातेगांव पहुंचे। वहीं, टीआई दिलीप पुरी के परिवार के लोग भी खातेगांव पहुंच गए हैं।
चंदाना और बिंजाना में जहरीली शराब से 13 मौतें
बता दें कि देवास जिले में अवैध शराब का मामला काफी समय से गरमाया हुआ है। इससे पहले जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर बसे चंदाना और बिंजाना गांव में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से हड़कंप मचा था।
ग्रामीणों ने दावा किया था कि दोनों गांवों में 20 दिनों के भीतर 13 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। कई लोगों की आंखों की रोशनी चले जाने की बात भी सामने आई थी। ग्रामीणों के अनुसार मौतों का यह सिलसिला 27 सितंबर को शुरू हुआ था। शराब पीने के बाद लोगों को उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और घबराहट की शिकायत हुई थी और कुछ ही घंटों में उन्होंने दम तोड़ दिया था।
बड़े स्तर पर प्रशासनिक कार्रवाई
जहरीली शराब कांड के सामने आने के बाद शासन स्तर पर बड़ी कार्रवाई हुई थी। देवास और सागर दोनों जिलों के कलेक्टर और एसपी बदल दिए गए थे। इसके साथ ही देवास की जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया और 3 अन्य आबकारी अफसरों को निलंबित कर दिया गया था। अब पुलिस अधिकारी की इस तरह हुई मौत के बाद जिले में हड़कंप मच गया है।