न बैंड बजा, न बारात लगी, दुल्हन के इंतजार में रात भर बैठे रहे 42 दूल्हे, एक भी नहीं आई

Aman Vaishnav | May 25, 2026, 13:26 IST
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MP के देवास में सामूहिक विवाह के नाम पर दूल्हा पक्ष के साथ ठगी हुई। हैरान कर देने वाली बात ये है कि इसमें एक-दो नहीं बल्कि 42 दूल्हों के साथ धोखाधड़ी हुई है। पूरा मामला जानने के लिए खबर आखिरी तक पढ़िए...

समझें क्या है पूरा मामला...

  • देवास में शादी कराने का झांसा देकर 42 परिवारों को ठग लिया गया।
  • आरोपियों ने सामूहिक विवाह सम्मेलन के नाम पर हर परिवार से पैसे वसूले।
  • दूल्हे और उनके परिवार देवास पहुंचे लेकिन देर रात तक कोई दुल्हन ही नहीं आई।
  • ठगी का अहसास होने पर पीड़ित परिवारों ने जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस ने मामले को संभाला।
  • पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर दो को गिरफ्तार कर लिया है।

शादी के नाम पर लूटे पैसे

कैसा हो जब कोई दूल्हा अपनी जिंदगी के सबसे खास दिन, सेहरा सजाकर, अपनी दुल्हन के इंतजार में बैठा हो, लेकिन आखिर में कोई दुल्हन आए ही नहीं?



दिल तोड़ने और हैरान करने वाला ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला मध्य प्रदेश के देवास से सामने आया है। यहां कुछ शातिर जालसाजों ने सामूहिक विवाह सम्मेलन के नाम पर एक खतरनाक मायाजाल बुना।



इसमें एक-दो नहीं बल्कि 42 दूल्हे और उनके परिवार बुरी तरह फंस गए। इंदौर अनाथ आश्रम की लड़कियों से शादी कराने और सोशल मीडिया पर मॉडल्स की तस्वीरें दिखाकर इन परिवारों से हजारों रुपए ऐंठ लिए गए।



जब शादी का दिन आया, तो न तो कोई मंडप था और न ही कोई दुल्हन। रात भर इंतजार करने के बाद आखिरकार पीड़ित परिवारों का गुस्सा फूट पड़ा और मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया।



अनाथ आश्रम की लड़कियों से शादी का दिया झांसा

ठगी के शिकार हुए दूल्हे (राहुल) ने बताया कि वे देवास के हरनियाकलां से आए हैं। उनसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर ढाई-ढाई हजार रुपए लिए गए थे। आयोजकों ने कहा था कि इंदौर के मातृ छाया आश्रम की लड़कियों से उनकी शादी कराई जाएगी।



जब राहुल ने लड़की की फोटो देखनी चाही तो बदमाशों ने चालाकी दिखाते हुए सोशल मीडिया से मॉडल की तस्वीरें निकालकर उनके मोबाइल पर भेज दीं।



आरोप है कि आयोजकों ने सभी परिवारों को 24 मई को देवास पहुंचने और 25 मई को सामूहिक विवाह होने की बात कही थी।



साथ ही यह लालच भी दिया था कि शादी में दहेज का सामान भी दिया जाएगा। जब लोग वहां पहुंचे तो कोई तैयारी नहीं थी और आरोपियों के फोन भी बंद आने लगे।



हल्दी-मेहंदी तक के लिए किया था मना

एक और पीड़ित दूल्हे अशोक ने बताया कि शादी तय करने के नाम पर उनसे 12 हजार रुपए वसूले गए थे। बदमाशों की प्लानिंग इतनी शातिर थी कि उन्होंने अशोक को घर से हल्दी या मेहंदी लगाने के लिए भी मना कर दिया था।



उनसे कहा गया था कि वे बिल्कुल सादे कपड़ों में देवास आएं। दूल्हे की ड्रेस से लेकर शादी की पूरी रस्म और प्रक्रिया वहीं पर पूरी की जाएगी।



किराए की गाड़ियां लेकर पहुंचे थे मेहमान

भोपाल से देवास (देवास न्यूज) आए दूल्हे ओमप्रकाश प्रजापति ने बताया कि उन्हें देवास की प्रसिद्ध माता टेकरी पर शादी होने की बात कही गई थी। मोबाइल पर दिखाई गई तस्वीरों में से उन्होंने दुल्हन पसंद की थी।



वहीं एक और पीड़ित महिला राजकुमारी ने बताया कि वे अपने भाई रोहित की शादी कराने के लिए यहां आई थीं। उन्होंने सारे कागजात ऑनलाइन जमा कराए थे।



जब वे देवास पहुंचे, तो उन्हें बहाने बनाकर रात 12 बजे तक रोका गया कि कोई मैडम आ रही हैं लेकिन कोई नहीं आया।



इस धोखे की वजह से कई परिवार भारी परेशानी में आ गए। क्योंकि वे दूर-दूर से किराए की कारें करके और अपने रिश्तेदारों को साथ लेकर आए थे।



चार पर केस दर्ज, पुलिस ने दो को दबोचा

जब पीड़ित परिवारों का सब्र टूट गया तो उन्होंने आयोजन स्थल पर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस सभी को थाने लेकर आई।



पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपी मुकेश बैरागी ने सारा ठीकरा अपने भाई पर फोड़ दिया। मुकेश ने बताया कि उसका बड़ा भाई दिनेश दास बैरागी इंदौर में काम करता है।



दिनेश ने ही उसे कहा था कि इंदौर के अनाथ आश्रम की लड़कियों की शादी करानी है। उसी ने दूल्हों के नंबर दिए थे।



मुकेश के अनुसार उसने अपने भाई दिनेश को कई बार फोन किया, तो दिनेश ने कहा कि वे दुल्हनों को लेकर बस पहुंच ही रहे हैं।



काफी देर बाद दिनेश ने अपना फोन बंद कर लिया। इस पूरे खेल में मुकेश का ससुर नरसिंह दास बैरागी भी शामिल था, जो लोगों को फंसाने और संपर्क कराने का काम करता था।



पुलिस ने इस मामले में मुकेश बैरागी उसकी पत्नी सुनीता बैरागी भाई दिनेश बैरागी और ससुर नरसिंह दास बैरागी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।



साथ ही पुलिस ने मुकेश और सुनीता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार दिनेश और नरसिंह की तलाश के लिए पुलिस टीमें भेजी गई हैं।



क्या बोले थाना प्रभारी?

बीएनपी थाना प्रभारी प्रीति कटारे ने बताया कि फिलहाल दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच अभी जारी है। इसमें आरोपी और भी बढ़ सकते हैं। मुख्य आरोपी मुकेश दास बैरागी है, जो विदिशा का रहने वाला है। उसका भाई इंदौर में एक कंपनी में काम करता है। उसी ने मुकेश को कहा था कि वे इंदौर की लड़कियों से शादी करेंगे।



इस फर्जीवाड़े में शामिल लोगों ने हर दूल्हे से 12 हजार से 20 हजार रुपए तक लिए। सोशल मीडिया पर खूबसूरत मॉडलों की तस्वीरें दिखाकर दुल्हनें पसंद करवाई गईं।



ग्राफिक्स से समझें पूरी खबर

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