भोजशाला केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 19 अगस्त को सुनवाई, दोनों पक्षों की टिकी नजरें
समझें क्या है पूरा मामला
- भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट 19 अगस्त सुनवाई करेगा।
- लगातार टलने के बाद नई तारीख तय हुई है।
- खसरा 612 पर तीन शुक्रवार नमाज पढ़ी गई।
- प्रशासन ने हर बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए।
धार भोजशाला केस (Dhar Bhojshala Case) में अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी। लगातार टल रही सुनवाई के बाद नई तारीख तय हुई है। सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था के तहत खसरा 612 पर नमाज हुई है। अब दोनों पक्षों और प्रशासन की नजर आगामी सुनवाई पर है।
अब 19 अगस्त पर टिकी नजरें
धार भोजशाला प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई कई बार टल चुकी है। अब अगली सुनवाई की तारीख 19 अगस्त तय की गई है। इस तारीख को लेकर दोनों पक्षों के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन की भी नजरें टिकी हुई हैं।
यह सुनवाई इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि इसमें दो अहम पहलुओं पर स्पष्टता आ सकती है। पहला, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का रुख, जिसमें भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर माना गया था। दूसरा, नमाज की अंतरिम व्यवस्था को लेकर आगे की स्थिति।
खसरा 612 पर तीसरी बार भी शांति से नमाज
सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम व्यवस्था के तहत भोजशाला परिसर के पीछे स्थित खसरा नंबर 612 की भूमि पर नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। इस व्यवस्था के तहत अब तक लगातार तीन शुक्रवार यहां नमाज अदा की जा चुकी है।
हर बार जिला प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए। पुलिस बल की तैनाती और निगरानी के बीच यह नमाज हर बार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई है।
हाईकोर्ट का फैसला अब भी केंद्र में
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 15 मार्च को भोजशाला को मंदिर होने का फैसला सुनाया था। इस फैसले को लेकर मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। 19 अगस्त की सुनवाई में इस पर सुप्रीम कोर्ट का रुख स्पष्ट होने की संभावना जताई जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट में नहीं हुई सुनवाई
उधर सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में लगातार सुनवाई टल रही है। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ मुस्लिम समाज ने तीन याचिकाएं दायर की हुई है। इसमें बुधवार को भी केस लिस्ट था लेकिन सुनवाई नहीं हुई। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम की अंतरिम याचिका का निराकऱण करते हुए परिसर के पास सटकर जगह पर हर शुक्रवार दोपहर 1 से तीन बजे तक नमाज की मंजूरी दी हुई है।
कब-कब टली में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
धार के ऐतिहासिक भोजशाला-कमल मौला परिसर मामले में सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की याचिकाओं पर सुनवाई मुख्य रूप से 5 अगस्त और 12 अगस्त को टल चुकी है, और अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को तय की गई है।
मुस्लिम समाज ने यह की थी शिकायत
वहीं इसके पहले मंगलवार को मुस्लिम समाज ने शिकायत में कहा था कि दरगाह व दरगाह परिसर के बाहर खड़े होकर हिंदूवादी नेता आशीष बसु, गोपाल शर्मा, सुमित, अशोक जैन व उनके साथी दरगाह को लेकर आपत्तिजनक बातें कहते हैं। संत बाबा कमालउद्दीन चिश्ती को लेकर अपमानजनक शब्द कहने से मुस्लिम समाज की आस्था को ठेस पहुंचती है।
कहा जाता है कि दरगाह व आसपास की जमीन तोड़ी जाएगी और यहां पर सरस्वती लोक बनाएंगे, सरस्वती मंदिर बनाएंगे। साथ ही बेदखल करने की धौंस दी जा रही है। मुस्लिम समाज के सदर अब्दुल समद ने कहा था कि कुछ लोग धार का माहौल गंदा कर रहे हैं। हमारी बातों पर ध्यान दिया जाए, ऐसा नहीं होने पर अगले शुक्रवार से दरगाह पर धरने पर बैठेंगे।
पहली बार मना खास स्वतंत्रता दिवस
इस साल भोजशाला परिसर में स्वतंत्रता दिवस का उत्सव खास रहा। हाई कोर्ट के मार्च वाले फैसले के बाद यह पहला मौका था जब यहां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। शनिवार को परिसर में तिरंगा फहराया गया।
इस दौरान परिसर में मां वाग्देवी और भारत माता के जयकारे गूंजे। भोजशाला के गर्भगृह में मां वाग्देवी के आंगन को खास तरीके से सजाया गया था।
FAQ
- भोजशाला केस में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई कब है?
अगली सुनवाई अब 19 अगस्त को होगी। इससे पहले कई बार सुनवाई टल चुकी है। - खसरा नंबर 612 पर नमाज को लेकर क्या व्यवस्था है?
सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम व्यवस्था के तहत यहां नमाज की अनुमति है। अब तक तीन शुक्रवार शांतिपूर्वक नमाज हो चुकी है।
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