भोजशाला विवाद: आज हिंदू फ्रंट रखेगा पक्ष, मांग है कि सरस्वती देवी की प्रतिमा स्थापित हो, नमाज बंद हो
News In Short
- भोजशाला विवाद पर अंतिम सुनवाई आज यानी 6 अप्रैल से शुरू होगी।
- पहले दिन हिंदू फ्रंट पक्ष रखेगा।
- इस दौरान सरस्वती प्रतिमा स्थापना की मांग की जाएगी।
- साथ ही, नमाज पर रोक लगाने की मांग की जाएगी।
- सुनवाई करीब एक सप्ताह चलने की संभावना है।
News In Detail
धार की भोजशाला का विवाद हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट और फिर इंदौर हाईकोर्ट पहुंच चुका है। इस मामले में सोमवार से अंतिम सुनवाई शुरू की जा रही है। इसके पहले 2 अप्रैल की सुनवाई में तय हुआ था कि सोमवार 6 अप्रैल से हर दिन लंच के बाद इसकी सुनवाई होगी। पहले क्रम से याचिकाकर्ता को पक्ष रखने दिया जाएगा, फिर पक्षकार पक्ष रखेंगे और आखिर में समय मिला तो मध्यस्थ (इंटरवेनर) पक्ष रखेंगे।
पहले क्रम में हिंदू फ्रंट रखेगा पक्ष
इसमें पहले क्रम पर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका है। फिर अंतर सिंह व अन्य की याचिका। इसके बाद मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी धार, अब्दुल समद, इसके बाद कुलदीप तिवारी की याचिका है। आखिर में काजी जकुलल्लाह की रिट अपील है। वहीं भोजशाला को जैन मंदिर बताने को लेकर सलेक चंद जैन की याचिका भी लगी है।
हिंदू फ्रंट की ओर से यह अधिवक्ता होंगे
हिंदू फ्रंट की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन पक्ष रखेंगे। उनके साथ अधिवक्ता विनय जोशी होंगे। वहीं याचिकाकर्ता आशीष गोयल भी उपस्थित रहेंगे।
हिंदू फ्रंट की मांग: नमाज बंद हो, प्रतिमा स्थापित हो
- भारत सरकार को ट्रस्ट अधिनियम 1882 के प्रावधानों के तहत भोजशाला मंदिर और संस्कृत शिक्षण के मामलों के प्रशासन और प्रबंधन के लिए ट्रस्ट बनाने के निर्देश दिए जाएं।
- इसी ट्रस्ट को देवी सरस्वती की प्रतिमा को फिर स्थापित करने तथा देवी सरस्वती के दर्शन, पूजा और उपासना की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं।
- मंदिर परिसर के भीतर मुसलमानों को किसी भी प्रकार से प्रार्थना या पूजा करने की अनुमति देने से रोकने के लिए आदेश जारी हो।
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के निदेशक के 7 अप्रैल 2003 को पारित आदेश के उस पैराग्राफ को रद्द किया जाए, जो हिंदुओं को पूजा करने के अधिकार को प्रतिबंधित करता है। हिंदुओं को बिना किसी प्रतिबंध के हर दिन पूजा करने की मंजूरी दी जाए।
- भारत सरकार को निर्देश दिए जाएं कि वह यूनाइटेड किंगडम के लंदन संग्रहालय से देवी सरस्वती की प्रतिमा को वापस लाने और धार भोजशाला में स्थापित करने का हर संभव प्रयास करे।
- प्रतिवादियों को मुस्लिम समुदाय के सदस्यों को शुक्रवार को नमाज अदा करने की अनुमति देने से रोका जाए।
सुनवाई में सप्ताह भर लगना संभव
माना जा रहा है कि रोज सुनवाई में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है। सभी पक्षों को पूरा मौका दिया जाएगा। इसके बाद कोर्ट फैसला सुना सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले समय सीमा तय की थी। 90 दिन में फैसला देने को कहा गया था। अब उसी दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
ये खबर भी पढ़िए...
6 अप्रैल से रोज होगी भोजशाला केस में सुनवाई, जल्द आएगा फैसला
धार भोजशाला विवाद: मामले में सुप्रीम कोर्ट का दखल से इनकार, मुस्लिम पक्ष को झटका
भोजशाला विवाद: मुस्लिम पक्ष की गुहार पर सुप्रीम सुनवाई आज, हिंदू पक्ष भी शीर्ष अदालत में
भोजशाला विवाद: हमें सुना नहीं जा रहा, मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई गुहार