धार में सहकारी समिति प्रबंधक के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा: 65 लाख वेतन, 2.41 करोड़ की संपत्ति और खर्च का चला पता

Arohi Raj | Sootr Creatives | Nov 04, 2026, 10:50 IST
इंदौर लोकायुक्त की टीमें सहकारी समिति प्रबंधक के तीन ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की है।
The Lokayukta has taken major action in a case involving assets disproportionate to known sources of income in Madhya Pradesh. On November 3, the Indore Lokayukta team conducted raids at three premises linked to a cooperative society manager in Dhar district.
मध्य प्रदेश में आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। बता दें इंदौर लोकायुक्त की टीम ने धार जिले में तीन नवंबर को एक सहकारी समिति प्रबंधक के तीन ठिकानों पर छापा मारा है। मंगलवार यानी 3 नवंबर को एक साथ तीनों जगहों पर जांच शुरू की गई। टीम ने मकान, कमर्शियल बिल्डिंग, जमीन और वाहनों से जुड़े डॉक्यूमेंट की तलाशी ली।

यह कार्रवाई आदिम जाति सेवा सहकारी समिति नालछा के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के ठिकानों पर हुई है। लोकायुक्त की टीमें सोड़पुर, नालछा और मांडव में जांच कर रही हैं। अब तक की जांच में करीब दो करोड़ 41 लाख 45 हजार रुपए की संपत्ति और खर्च का पता चला है।



वहीं, शेरसिंह ठाकुर का पूरे सेवाकाल का अनुमानित वेतन करीब 65 लाख रुपए बताया गया है। लोकायुक्त को शिकायत मिली थी कि उन्होंने अपनी वैध कमाई से ज्यादा संपत्ति जुटाई है। इसी सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई।



आय से ज्यादा संपत्ति जुटाने का आरोप

लोकायुक्त को सूचना मिली थी कि शेरसिंह ठाकुर ने करीब 20 साल के सेवाकाल में आय से अधिक संपत्ति बनाई है। शिकायत में उनकी संपत्ति और कमाई के बीच अंतर होने की बात कही गई थी। इसके बाद लोकायुक्त ने मामले की जांच शुरू की। तीन नवंबर को टीम ने उनके तीन ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। जांच के दौरान संपत्ति और खर्च से जुड़े डॉक्यूमेंट जुटाए गए।



जानकारी के मुताबिक, अब तक की जांच में 2 करोड़ 41 लाख 45 हजार रुपए की संपत्ति और खर्च का पता चला है। वहीं, पूरे सेवाकाल में उनका अनुमानित वेतन करीब 65 लाख रुपए बताया गया है।



शुरुआती जांच में उनकी कमाई से 271% ज्यादा संपत्ति मिली है। यानी उनकी कमाई और संपत्ति में बड़ा अंतर सामने आया है।



सोड़पुर, नालछा और मांडव में जांच जारी

लोकायुक्त की जांच में अलग-अलग तरह की संपत्तियों का पता चला है। सोड़पुर में शेरसिंह ठाकुर का दो मंजिला मकान मिला है। वहीं, नालछा में एक कमर्शियल बिल्डिंग भी सामने आया है। इसके अलावा उनकी पत्नी के नाम पर एग्रीकल्चरल लैंड, कई वाहन और फार्म इक्विपमेंट भी मिले हैं। इनमें जेसीबी, ट्रैक्टर, कार और बुलेट शामिल हैं। इसके अलावा खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी मिले हैं।



लोकायुक्त की टीम इन सभी संपत्तियों से जुड़े डिटेल जुटाने में जुटी है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आए डॉक्यूमेंट्स और प्रॉपर्टी का आकलन किया जा रहा है। इसके बाद संपत्ति का एक्चुअल वैल्यू सामने आएगा।



भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। यह कानून सरकारी पद पर रहते हुए आय से अधिक संपत्ति जुटाने जैसे मामलों में कार्रवाई का आधार बनता है। फिलहाल मामले की जांच शुरुआती चरण में है। लोकायुक्त की टीमें तीनों ठिकानों पर दस्तावेज और संपत्तियों की जानकारी जुटा रही हैं।



यह खबर क्यों जरूरी है

खबरों के मुताबिक, सहकारी समितियां गांव और किसान के सबसे नजदीकी फाइनेंशियल सट्रक्चर में आती हैं। यहां के प्रबंधक पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप हो तो यह आम लोगों के भरोसे से जुड़ा मामला बन जाता है। धार जिला से जुड़ी ऐसी जांच यह भी बताती है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के मामलों पर निगरानी कितनी जरूरी है।



FAQs



  1. लोकायुक्त ने किसके ठिकानों पर छापा मारा है?
    लोकायुक्त ने धार जिले की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति नालछा के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के ठिकानों पर छापा मारा है।
  2. जांच में अब तक कितनी संपत्ति और खर्च का पता चला है?
    अब तक करीब दो करोड़ 41 लाख 45 हजार रुपए की संपत्ति और खर्च का पता चला है।
  3. शेरसिंह ठाकुर पर किन आरोपों के तहत जांच की जा रही है?
    शेरसिंह ठाकुर पर आय से अधिक संपत्ति जुटाने का आरोप है, जिसके तहत लोकायुक्त ने जांच शुरू की है।
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