धरने की धमकी देने वाले विधायक कालू सिंह तलब; सीएम और प्रदेश अध्यक्ष ने लगाई फटकार, वीडियो जारी कर मांगनी पड़ी माफी
विधायक तलब, CM से मुलाकात
विधायक के बयान के बाद मामला पार्टी संगठन तक पहुंच गया था। नेतृत्व ने इसे अनुशासन के लिहाज से गंभीर माना। इसी कारण कालू सिंह ठाकुर को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था।
विधायक कालू सिंह ठाकुर ने सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, दोनों से मुलाकात की। विधायक के मुताबिक दोनों नेताओं ने उनकी पूरी बात सुनी। उन्होंने मामले को ध्यान से समझा। इसके बाद बयान को लेकर फटकार भी लगाई गई।
फटकार के बाद वीडियो जारी
मुलाकात के बाद विधायक ने एक वीडियो जारी किया है। उसमें उन्होंने खुद को धरमपुरी से दूसरी बार का विधायक बताया है।
विधायक ने कहा कि उनसे कुछ त्रुटि हुई है। उन्हें डांट भी पड़ी है। फिर भी उन्होंने अपनी गलती मानी और माफी भी मांगी है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे ऐसी गलती नहीं होगी। वे बोले कि वे पार्टी के कार्यकर्ता हैं और रहेंगे। पार्टी जो भी आदेश करेगी, उसका पालन करेंगे। यह वीडियो अब इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सबूत बन गया है।
धामनोद विवाद की जड़ क्या है
पूरा मामला धार जिले की धामनोद नगर परिषद से जुड़ा है। यहां की सीएमओ माया मंडलोई की कार्यप्रणाली पर विधायक को आपत्ति है। सीएमओ (Chief Municipal Officer) नगर परिषद का प्रशासनिक प्रमुख होता है।
विधायक का आरोप है कि सीएमओ के कारण नगर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि जनता की शिकायतों पर सुनवाई भी नहीं हो रही है। यह विधायक का पक्ष है।
सीएमओ पर विधायक के आरोप
विधायक कालू सिंह ठाकुर के मुताबिक उन्होंने कई बार शिकायत की। उन्होंने कलेक्टर, एसडीएम (Sub Divisional Magistrate), तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों तक अपनी बात रखी। लेकिन उनके अनुसार अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
विधायक का आरोप है कि सीएमओ के खिलाफ पहले एफआईआर भी दर्ज हुई थी और उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई भी की गई थी। लेकिन कुछ समय बाद वे फिर उसी पद पर बनी रहीं। इसी बात को लेकर विधायक नाराज थे।
हड़ताल का किया था ऐलान
नाराजगी में विधायक ने बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने 09 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की बात कही थी। यह हड़ताल केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर के धार स्थित निवास के सामने होनी थी।
यहां एक फर्क समझना जरूरी है। शिकायत स्थानीय प्रशासन की थी। लेकिन विरोध के लिए पार्टी की ही केंद्रीय मंत्री का घर चुना गया। इसी वजह से संगठन नाराज बताया गया है।
इससे पहले भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी ब्रजगोपाल लोया ने एक वायरल कथित नोटिस को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश नेतृत्व ने कोई कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया है। अब तलबी और फटकार की खबर सामने आई है।
अब आगे क्या हो सकता है
फिलहाल दो सवाल खुले हैं। पहला, क्या 9 अक्टूबर की भूख हड़ताल अब रद्द है? इसकी पुष्टि नहीं है। वीडियो में विधायक ने सिर्फ माफी और पार्टी आदेश मानने की बात कही है।
दूसरा, क्या धामनोद नगर परिषद की सीएमओ से जुड़ी शिकायतों पर कोई कार्रवाई होगी?
अब सबकी नजर दोनों सवालों के जवाब पर रहेगी। कालू सिंह ठाकुर की माफी ने पार्टी का तनाव कम किया है। लेकिन धामनोद का विवाद अभी सुलझा नहीं दिखता।