Gen-Z प्रदर्शन पर बोले धीरेंद्र शास्त्री, कहा-विरोध आपका हक, लेकिन गाली-गलौज गलत

Aman Vaishnav | Aug 03, 2026, 08:53 IST
Gen-Z प्रदर्शन पर बोले धीरेंद्र शास्त्री
जंतर-मंतर पर Gen-Z प्रदर्शन पर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के नाम पर गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना बिल्कुल गलत है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने जंतर-मंतर पर हुए Gen-Z प्रदर्शन पर बयान दिया है।
  • उन्होंने कहा कि विरोध जताना हर किसी का लोकतांत्रिक अधिकार है।
  • लेकिन प्रदर्शन में अपशब्दों का इस्तेमाल गलत है।
  • यह बयान उन्होंने मध्य प्रदेश के कटनी जिले में दिया।
  • वे कटनी के कुठला क्षेत्र में एक नए मठ के उद्घाटन पर पहुंचे थे।

कटनी में हुआ मठ का निर्माण

बता दें कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों मध्य प्रदेश के कटनी जिले में प्रवास पर हैं। वे कटनी के कुठला क्षेत्र पहुंचे थे। यहां उनके शिष्यों ने बागेश्वर बालाजी का नया मठ बनाया है। इसी कार्यक्रम में शास्त्री ने मीडिया से भी बातचीत की।



इस दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने युवाओं को सभ्य बातचीत का संदेश दिया। उन्होंने भारतीय संस्कृति की मर्यादा में रहने की बात कही। साथ ही देश के मौजूदा हालातों पर भी अपनी राय रखी।



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जंतर-मंतर विरोध पर टिप्पणी

दिल्ली जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों पर बोलते हुए शास्त्री ने साफ रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का पूरा हक है। विरोध जताना लोकतंत्र का हिस्सा है।



दूसरी ओर महाराज ने यह भी कहा कि किसी की मां या परिवार को लेकर गंदे शब्द कहना गलत है। उनके मुताबिक ऐसी भाषा भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। युवाओं को विरोध करते समय अपनी मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।



युवाओं से संवाद की अपील

धीरेंद्र शास्त्री ने देश के युवाओं से खास अपील की है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की तरफ देख रही है। ऐसे में विवाद की जगह बातचीत का रास्ता चुनना चाहिए।



धीरेंद्र शास्त्री ने युवाओं को समझाया कि अपनी बात शांति और प्रेम से रखनी चाहिए। भाषा में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। उनके मुताबिक यही भारत की असली पहचान है।



सावन और कांवड़ यात्रा पर संदेश

बातचीत में महाराज ने सावन महीने और कांवड़ यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से पूरी श्रद्धा और नियम से भक्ति करने को कहा। लेकिन साथ ही एक चेतावनी भी दी।



धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भक्ति के नाम पर किसी की भावनाएं आहत नहीं होनी चाहिए। कांवड़ियों को संयम बरतने की सलाह दी गई। उनके अनुसार इससे धर्म पर कोई उंगली नहीं उठा पाएगा।



संस्कृति और संस्कार पर जोर

अपने संबोधन के अंत में शास्त्री ने समाज में प्रेम और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी संस्कृति है। इसे हर हाल में बचाकर रखना जरूरी है।



बागेश्वर धाम सरकार का यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर में युवाओं के प्रदर्शनों को लेकर बहस जारी है। उनकी टिप्पणी को धार्मिक और सामाजिक दोनों नजरिए से देखा जा रहा है।



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बागेश्वर धाम का इतिहास

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में स्थित बागेश्वर धाम भगवान हनुमान (बालाजी) का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। पिछले कुछ वर्षों में यह देशभर में चर्चा का केंद्र बना है।



यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी समस्याओं के समाधान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। धाम में नियमित रूप से कथा, यज्ञ और सनातन धर्म से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।



सोशल मीडिया और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से बागेश्वर धाम की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है और आज यह देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।



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कौन हैं पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री?

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री प्रसिद्ध कथावाचक हैं। उन्होंने कम उम्र में रामकथा और भागवत कथा के माध्यम से पहचान बनाई है।



धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं। उनके धार्मिक कार्यक्रमों में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।



पिछले कुछ वर्षों में महाराज अपने बयानों, दिव्य दरबार और हिंदू संस्कृति से जुड़े अभियानों के कारण लगातार राष्ट्रीय चर्चा में रहे हैं।



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धीरेंद्र शास्त्री के बयान

इससे पहले भी बाबा कई बयान दे चुके हैं जो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बने हुए थे।



मौलाना जर्जिस अंसारी पर भड़के थे

हाल ही में मौलाना जर्जिस अंसारी के भगवान श्रीकृष्ण पर दिए गए विवादित बयान पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि अगर दोबारा भगवान श्रीकृष्ण के बारे में इस तरह की टिप्पणी की गई, तो वे संबंधित मौलाना के घर जाकर गीता पाठ करेंगे।



महाराज ने इसे हिंदू आस्था में हस्तक्षेप बताते हुए कहा था कि सनातन धर्म और देवी-देवताओं के अपमान को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने मौलाना को घर वापसी की सलाह भी दी थी।



राम मंदिर पर बयान

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी (राम मंदिर चढ़ावा चोरी) के आरोपों पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि रावण ने केवल जानकी को चुराया था, लेकिन जिन्होंने भगवान के नाम पर लोगों का भरोसा चुराया है, उन्हें ईश्वर का महादंड मिलेगा। यह बयान इंडोनेशिया में आयोजित उनकी हनुमंत कथा के दौरान सामने आया था।



राम नवमी पर राष्ट्र और अहिंसा का संदेश

राम नवमी के अवसर पर उन्होंने कहा था कि भगवान राम के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए समाज को अहिंसा और प्रजा के कल्याण का मार्ग अपनाना चाहिए।



इसी बयान में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यह भी कहा था कि राष्ट्र के लिए हानिकारक शक्तियों के संदर्भ में राम-रावण प्रसंग से सीख लेनी चाहिए, जिस पर व्यापक चर्चा हुई थी।



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