धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा: बुंदेलखंड के 5 जिलों से गुजरेगी, 15 अक्टूबर को टीकमगढ़ में होगा समापन
पहले दिन कितने किलोमीटर यात्रा चलेगी?
यात्रा की शुरुआत रविवार को बागेश्वर धाम से हुई है। पहले हनुमान चालीसा का पाठ और राष्ट्रगान हुआ। पहले दिन यात्रा करीब 100 किलोमीटर चलेगी। इसका रूट बागेश्वर धाम से बमीठा, चंद्रनगर, अजयगढ़ और सिंहपुर होते हुए पन्ना तक रहेगा।
यात्रा के दौरान कहां-कहां कार्यक्रम होगा
बता दें बमीठा के मैरिज हाउस में 20 मिनट का मंचीय कार्यक्रम होगा। चंद्रनगर में शास्त्री वैन में बैठकर 20 मिनट तक लोगों को संकल्प दिलाएंगे। इसके बाद यात्रा अजयगढ़ पहुंचेगी। वहां आश्रम में दोपहर का भोजन होगा। साथ ही यात्रा वहां करीब 90 मिनट रुकेगी।
इसके बाद यात्रा सिंहपुर की और बढ़गी। वहां 20 मिनट का प्रवचन कार्यक्रम रखा गया है। पहले दिन का रात्रि विश्राम पन्ना के रघुलीला पैलेस और मधुवन पैलेस में होगा।
कौन-कौन रथयात्रा में होंगे शामिल
पहले दिन कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय भी यात्रा में शामिल होंगे। उनकी मौजूदगी में धर्म ध्वजा लेकर यात्रा शुरू की जाएगी। उनके साथ जगद्गुरु चिन्ना जियर स्वामी, देवी चित्रलेखा और अयोध्या की हनुमानगढ़ी से राजूदास महाराज शामिल होंगे। मलूक पीठ के गंगादास महाराज, हरिद्वार के मोनी महाराज और चित्रकूट के राधेश्याम महाराज भी साथ रहेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यात्रा में करीब 5 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है। रास्ते में जगह-जगह स्वागत होगा और 20 मिनट के प्रवचन कार्यक्रम रखे गए हैं।
हर 20 किलोमीटर पर दिलाए जाएंगे संकल्प
- भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित कराना।
- जातिवाद और छुआछूत का खात्मा कराना।
- गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना।
- अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद पर रोक लगाना।
- हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों की मुक्ति और संरक्षण।
- आने वाली पीढ़ी को सनातन धर्म के संस्कारों से जोड़ना।
- प्रत्येक हिंदू को एकजुट करना, यानी हिंदू एकता।
हाइड्रोलिक लिफ्ट वाला रथ
इस बार पदयात्रा के बजाय रथयात्रा निकली है। शास्त्री यात्रा के दौरान लग्जरी वैन में सवार हुए हैं। हर पड़ाव पर सुबह हनुमान चालीसा, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज फहराने का कार्यक्रम भी रखा गया है।
यह रथ वैनिटी वैन से बनाया गया है। इसे विशेष सुरक्षा मानकों पर तैयार किया गया है। इसमें हाइड्रोलिक लिफ्ट लगी है, जिससे शास्त्री रथ के ऊपर आकर भक्तों को संबोधित कर सकेंगे। वैन पर हनुमान, गदा और सनातन धर्म के प्रतीकों की नक्काशी है। दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं।
ड्रोन से निगरानी होगी
छतरपुर एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि यात्रा के लिए सागर जोन से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जरूरत पड़ने पर पुलिस मुख्यालय से भी फोर्स लिया जाएगा। सुरक्षा में ड्रोन, सीसीटीवी वाहन और रेडियो कम्युनिकेशन शामिल हैं। इसके अलावा सिविल ड्रेस में सिविल पुलिस और बम डिस्पोजल दस्ता भी तैनात रहेगा।
साथ ही मल्टी-लेयर सिक्योरिटी, कारकेड और ट्रैफिक डायवर्जन का प्लान आयोजकों के साथ फाइनल किया जा रहा है। साधु-संतों को भी उनकी श्रेणी के हिसाब से सुरक्षा मिलेगी।
अजयगढ़ में भंडारे की व्यवस्था
रविवार दोपहर यात्रा अजयगढ़ पहुंचेगी। वहां 90 मिनट का विश्राम रहेगा। इस दौरान तीन स्तरीय भंडारे में करीब 5 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का व्यवस्था रहेगा। भोजन में आलू-छोले की सब्जी, पूरी, खीर, सलाद, अचार और पापड़ परोसा जाएगा।
एक हजार शिष्यमंडल और सेवादारों के लिए पनीर की सब्जी और रसगुल्ला बनेंगे। शास्त्री और संत-महात्माओं समेत 100 लोगों के लिए विशेष प्रसादी की व्यवस्था है।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्या संदेश दिया
यात्रा से पहले शनिवार यानी 10 अक्टूबर को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि यात्रा का मकसद हिंदू समाज को एकजुट करना है। वे छुआछूत, भेदभाव और जाति-पाति की दीवारें खत्म करना चाहते हैं।
पंडित शास्त्री ने कहा कि दूसरे धर्मों के लोग यात्रा का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अपने ही समाज के कुछ लोग यात्रा का विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें यात्रा की सफलता का पूरा भरोसा है।
FAQs
- सनातन हिंदू एकता रथयात्रा 3.0 कब से शुरू हो रही है?
यह रथयात्रा आज, 15 अक्टूबर तक चलने वाली है और इसकी शुरुआत बागेश्वर धाम से होगी। - यात्रा के दौरान क्या कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे?
यात्रा के दौरान हर 20 किलोमीटर पर सात संकल्प दिलाए जाएंगे और विभिन्न स्थानों पर 20 मिनट के प्रवचन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। - यात्रा में कौन-कौन शामिल होंगे?
यात्रा में कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय, जगद्गुरु चिन्ना जियर स्वामी, देवी चित्रलेखा और अन्य अनेक संत शामिल होंगे।