धीरेंद्र शास्त्री बोले-जो गाय खाते थे, वो भी अब राष्ट्र माता बनाने की मांग कर रहे!
पांच पाइंट में समझें खबर को
- बड़ा ऐलान: धीरेंद्र शास्त्री 27 जुलाई को गाय को राष्ट्र माता बनाने के लिए देशव्यापी आंदोलन करेंगे।
- जिला स्तर पर प्रदर्शन: भारत के सभी जिलों में कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
- सुरक्षित ठिकाने की मांग: सड़कों पर लावारिस घूम रही गायों को सम्मानजनक ढंग से गौशाला पहुंचाने की मांग की।
- बदलता देश: बाबा बोले, अब गाय खाने वाले भी उसे राष्ट्र माता बनाने का समर्थन कर रहे हैं।
- संतों को न्योता: बाबा ने सभी संतों और सनातनी वीरों से दिल्ली पहुंचकर दबाव बनाने की अपील की।
सियासत के गलियारों और धार्मिक मंचों पर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। इस बार उन्होंने एक ऐसा मुद्दा उठाया है, जिसने पूरे देश की राजनीति को गरमा दिया है। उत्तराखंड के पवित्र बद्रीनाथ धाम में साधना पूरी करने के बाद बाबा ने हुंकार भरी है। उन्होंने व्यासपीठ से घोषणा की कि अब गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाकर ही दम लेंगे। उन्होंने 27 जुलाई की तारीख को पूरे देश में एक बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है।
27 जुलाई को देश के हर जिले में गूंजेगा एक ही नारा
पंडित धीरेंद्र शास्त्री का यह अभियान केवल प्रवचन तक सीमित रहने वाला नहीं है। उन्होंने बाकायदा पूरी प्लानिंग के साथ देश के सभी सनातनियों और गौ सेवकों को जमीन पर उतरने को कहा है। आगामी 27 जुलाई को भारत के हर जिले में एक साथ कलेक्ट्रेट दफ्तरों में ज्ञापन सौंपे जाएंगे। बाबा का लक्ष्य बहुत साफ है, सरकार तक करोड़ों लोगों की सामूहिक आवाज को सीधे पहुंचाना है। इस अभियान में एक बहुत बड़ा हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें लाखों लोगों के दस्तखत जुटाए जाएंगे।
सड़कों पर घूमती गायों को सम्मान और सुरक्षा की मांग
इस पूरे आंदोलन का मकसद सिर्फ एक सरकारी कागज पर गाय को दर्जा दिलाना नहीं है। धीरेंद्र शास्त्री ने सड़कों पर लावारिस घूम रही गायों की दुर्दशा पर भी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने मांग की है कि हर बेसहारा गाय को सम्मान के साथ सुरक्षित गौशालाओं में भेजा जाए। इसके लिए सरकार को कड़े नियम और बड़ी व्यवस्थाएं तुरंत करनी होंगी। बाबा ने कहा कि गौ सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और इसे अब हर हाल में निभाना होगा।
'गाय खाने वाले भी बदल रहे हैं', बाबा के बयान ने मचाई हलचल
कथा के दौरान बागेश्वर सरकार ने मीडिया का हवाला देते हुए एक बड़ी बात कह दी। उन्होंने कहा कि आज देश की सोच और हवा बहुत तेजी से बदल रही है। बाबा ने दावा किया कि जो लोग पहले गाय के मांस का समर्थन करते थे, आज वो भी बदल रहे हैं। मुस्लिम समाज के कई बड़े नेता और आम लोग भी अब गाय को राष्ट्र माता बनाने के पक्ष में आ रहे हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर टीवी चैनलों तक राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
मौलाना मदनी का जिक्र कर बाबा ने दिया देश के बदलने का सबूत
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने भाषण में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना मदनी का विशेष रूप से नाम लिया। उन्होंने कहा कि जब मदनी जैसे लोग भी इस मांग का समर्थन कर रहे हैं, तो समझो बदलाव आ चुका है। बाबा ने तंज कसते हुए कहा कि हम गाय को रोटी खिलाते हैं और कुछ लोग रोटी के साथ गाय खाते हैं। लेकिन आज वो लोग भी गौ माता के सम्मान में खड़े होने को मजबूर हुए हैं। यह सनातन संस्कृति की बहुत बड़ी वैचारिक जीत है, जिसे नकारा नहीं जा सकता।
संतों और समर्थकों को दिल्ली कूच करने का न्योता
बद्रीनाथ धाम में चल रही श्री सत्यनारायण कथा के मंच से बाबा ने संतों को भी जगाया। उन्होंने देशभर के सभी पूज्य संतों, महात्माओं और आम सनातनियों से दिल्ली पहुंचने का आग्रह किया। बाबा का मानना है कि जब तक देश की राजधानी में संतों की हुंकार नहीं गूंजेगी, तब तक बात नहीं बनेगी। दिल्ली में एक बड़ा प्रदर्शन करके सरकार पर इस ऐतिहासिक फैसले को लागू करने का दबाव बनाया जाएगा।
गौ भक्तों के बीच भारी उत्साह का माहौल
बद्रीनाथ की बर्फीली वादियों से निकली यह आवाज अब पूरे देश में आग की तरह फैल चुकी है। देश के कोने-कोने से गौ भक्तों और सामाजिक संगठनों ने इस मुहिम को अपना समर्थन देना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर #GaumataRashtraMata जैसे ट्रेंड्स चलने लगे हैं। लोग 27 जुलाई की तैयारी में अभी से जुट गए हैं। अब देखना यह है कि बाबा की इस बड़ी राजनीतिक और धार्मिक मुहिम पर केंद्र सरकार क्या कदम उठाती है।
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