पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हिंदू एकता यात्रा में चोरों का आतंक! सोने की चेन-मंगलसूत्र चोरी, थाने पहुंचीं पीड़ित महिलाएं
सनातन हिंदू एकता यात्रा में क्या हुआ?
धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। यह आयोजन सनातन हिंदू एकता यात्रा (Sanatan Hindu Ekta Yatra) के नाम से हुआ। इसी भीड़ के बीच चोरी की शिकायतें सामने आईं। लेकिन असली कहानी थाने में दिखाई दी।
थाने में क्यों रो पड़ीं महिलाएं?
हिंदू एकता का पोस्टर हाथ में लिए महिलाएं थाने में रो रही थीं। कुछ महिलाओं के साथ बच्चे भी थे। इन महिलाओं के गले से सोने का मंगलसूत्र गायब था।
सोने की चेन चोरी और जेब कटने की घटनाएं
दर्जनों घटनाएं चेन झपटने और जेब काटने की हुई हैं। चेन झपटने का मतलब है गले से चेन खींचकर भाग जाना। जेब काटने का मतलब है भीड़ में जेब से रुपए निकाल लेना। इतनी घटनाएं एक साथ सामने आईं तो क्षेत्र में हड़कंप मच गया। श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। घटनाओं के बाद पीड़ित अमानगंज थाने पहुंचे।
धक्का लगा, संभले तो चेन गायब थी
चोरी की घटनाओं को लेकर एक महिला ने गंभीर आरोप लगा रही है। महिला का दावा है कि भीड़ के साथ कुछ लोग जय श्री राम के नारे लगाते आए और धक्का दिया। हम जब संभले तो चेन गायब थी। हालांकि यह बयान एक पीड़ित का है। पुलिस जांच में ही इस दावे की सच्चाई साफ होगी। कुछ लोगों ने जेब से रुपए चोरी होने की बात कही।
कितनी शिकायतें आईं, कितना नुकसान?
जानकारी के मुताबिक अजयगढ़ में 5 और पन्ना में 5 शिकायतें आई हैं। अमानगंज में सबसे ज्यादा 47 शिकायतें बताई जा रही हैं। पवई से 6 शिकायतें आई हैं। इन्हें जोड़ें तो कुल 63 शिकायतें बनती हैं। अमानगंज की हिस्सेदारी करीब तीन चौथाई है। यानी हर चार में से तीन शिकायतें इसी इलाके की हैं।
एक करोड़ रुपए के नुकसान का दावा
जानकारी के मुताबिक एक करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इसमें सोने के गहने और नकदी शामिल बताई गई है। (यह आंकड़ा अभी confirm नहीं हुआ है)। एक अन्य जानकारी में शिकायतों की कुल संख्या और कीमत नहीं बताई गई है। आधिकारिक आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं। इसलिए इन आंकड़ों को अंतिम न मानें।
भीड़ प्रबंधन पर क्यों उठे सवाल?
धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। चोरी की शिकायतें आईं तो भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे। बागेश्वर धाम की यात्रा के बाद यही चर्चा शुरू हुई है। ऐसे आयोजनों में श्रद्धालुओं और उनके सामान की देखभाल का इंतजाम जरूरी है। क्या हजारों की भीड़ में हर श्रद्धालु की सुरक्षा तय हो पाई? यह सवाल अब चर्चा में है।
पकड़े गए संदिग्धों का क्या हुआ?
जानकारी के मुताबिक कुछ संदिग्ध पकड़े गए हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। अभी यह साफ नहीं है कि चोरी में उनकी भूमिका क्या है। संदिग्धों के बारे में आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पूछताछ के नतीजे पर पूरा मामला टिका है।
पीड़ितों की मांग और आगे क्या?
पीड़ितों ने चोरी गया सामान ढूंढने की मांग की है। उन्होंने मामले में कार्रवाई की भी मांग रखी है। अब पुलिस की जांच और बरामदगी पर सबकी निगाहें टिकी हैं। जांच के बाद ही घटनाओं की असली स्थिति सामने आएगी। तब जिम्मेदार लोगों की पहचान भी साफ हो सकेगी। फिलहाल इंतजार है।