करवा चौथ को धीरेंद्र शास्त्री ने बताया खसम पूजन दिवस, बोले- एक दिन व्रत रखकर सालभर ताने मारती हैं पत्नियां

Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 28, 2026, 14:39 IST
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने करवा चौथ को 'खसम पूजन दिवस' बताया है।
Bageshwar Dham's Dhirendra Krishna Shastri calls Karwa Chauth 'Khasam Pujan Diwas' during a Ram Katha in Shivpuri, advising couples to maintain love and respect throughout the year.​
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने करवा चौथ को लेकर तंज कसा है। उन्होंने करवा चौथ को 'खसम पूजन दिवस'बताया है। साथ ही महिलाओं को सलाह दी कि एक दिन पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखना काफी नहीं है। बाकी 364 दिन भी दोनों के बीच प्यार और सम्मान बना रहना चाहिए।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि पत्नियों को एक दिन व्रत के बाद बाकी साल पतियों को ताने नहीं मारने चाहिए। दरअसल, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में सात दिवसीय श्रीराम कथा सुना रहे हैं। इसी दौरान सोमवार को 'सीधी बात' कार्यक्रम में एक श्रद्धालु ने उनसे करवा चौथ के व्रत को लेकर सवाल पूछा था। इस पर उन्होंने हंसी-मजाक के अंदाज में जवाब दिया।



करवा चौथ को क्यों बताया 'खसम पूजन दिवस'?

शिवपुरी के करैरा में चल रही श्रीराम कथा के दौरान एक श्रद्धालु ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से करवा चौथ का व्रत रखने के बारे में सवाल किया। इस सवाल का जवाब देते हुए शास्त्री ने करवा चौथ को 'खसम पूजन दिवस' कह दिया।



उन्होंने कहा कि महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए एक दिन व्रत रखती हैं। लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक दिन पूजा-पाठ और व्रत करने के बाद बाकी 364 दिन पति को ताने दिए जाएं।



शास्त्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि पत्नियों को यह नहीं कहना चाहिए कि पता नहीं कहां से मिल गए, किस मुहूर्त में शादी हुई थी। इससे अच्छा तो हम ऐसे ही मर जाते। उनकी इस टिप्पणी पर चर्चा हो रही है।



सिर्फ एक दिन व्रत रखना काफी नहीं, पूरे साल निभाएं संकल्प

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयान में करवा चौथ के व्रत को लेकर एक और बात कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं को व्रत जरूर रखना चाहिए। लेकिन इसके साथ एक संकल्प भी लेना चाहिए।



उनके मुताबिक, करवा चौथ पर महिलाएं जिस श्रद्धा और विश्वास के साथ पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं, वही भावना पूरे साल बनी रहनी चाहिए।



शास्त्री ने कहा कि व्रत का असली उद्देश्य केवल एक दिन पूजा करना नहीं है। पति-पत्नी के रिश्ते में पूरे साल प्रेम और सम्मान बनाए रखना भी जरूरी है।



उन्होंने पाश्चात्य संस्कृति के मौजूदा दौर का जिक्र करते हुए कहा कि भले ही शास्त्रों में करवा चौथ के व्रत को लेकर बहुत कड़ा विधान नहीं मिलता हो, लेकिन इस दिन एक अच्छा संकल्प जरूर लेना चाहिए।



पति-पत्नी के रिश्तों पर पहले भी दे चुके हैं बयान

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहले भी पति-पत्नी के रिश्तों और शादीशुदा जीवन को लेकर अपनी राय दे चुके हैं। अगस्त 2025 में उन्होंने कहा था कि आजकल लोग शादीशुदा रिश्तों में समझदारी से ज्यादा सुंदरता को महत्व देने लगे हैं।



उनके मुताबिक, सुंदरता समय के साथ कम हो सकती है, लेकिन समझदारी लंबे समय तक रिश्तों को संभालती है। इसके पहले जुलाई 2023 में भी उन्होंने विवाहित और अविवाहित महिलाओं की पहचान को लेकर टिप्पणी की थी।



उन्होंने कहा था कि अगर किसी महिला ने सिंदूर और मंगलसूत्र नहीं पहना है तो उसे अविवाहित समझा जा सकता है। इस बयान में उन्होंने 'खाली प्लॉट' जैसी उपमा का इस्तेमाल किया था।



जनवरी 2023 में संत तुकाराम की पत्नी को लेकर दिया गया उनका बयान भी चर्चा में आया था। उस समय उनके बयान पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने सफाई दी थी। इस तरह धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के शादी और पति-पत्नी के रिश्तों को लेकर दिए गए बयान पहले भी चर्चा में रहे हैं।



श्रीराम कथा में पहुंचीं पूर्व मंत्री इमरती देवी

शिवपुरी के करैरा में चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन भगवान श्रीरामलला का प्राकट्योत्सव मनाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री इमरती देवी भी शामिल हुईं।



उन्होंने व्यासपीठ पर बैठे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से आशीर्वाद लिया। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव से जुड़े बधाई गीत भी गाए गए। इस दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया।



पूर्व मंत्री इमरती देवी भी श्रद्धालुओं के साथ भक्ति गीतों पर झूमती नजर आईं।



'खसम' शब्द का मतलब क्या होता है?

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने करवा चौथ को 'खसम पूजन दिवस' कहा है। ऐसे में यह जानना भी जरूरी है कि आखिर 'खसम' शब्द का मतलब क्या है। दरअसल, 'खसम' हिंदी, उर्दू, पंजाबी और उत्तर भारत की कई लोकभाषाओं में इस्तेमाल होने वाला शब्द है।



इसका सामान्य अर्थ पति या शौहर होता है। ग्रामीण इलाकों और पुराने लोकगीतों में इस शब्द का इस्तेमाल लंबे समय से होता आया है। फिल्मों और कहावतों में भी यह शब्द सुनने को मिलता है।



हालांकि, आज की सामान्य हिंदी में पति और शौहर जैसे शब्द ज्यादा प्रचलित हैं। कुछ जगहों पर 'खसम' शब्द का इस्तेमाल मजाक या तंज के रूप में भी किया जाता है।



FAQ

  1. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने करवा चौथ पर क्या बयान दिया है?
    बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने करवा चौथ को मजाकिया अंदाज में 'खसम पूजन दिवस' बताया।
  2. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पत्नियों को लेकर क्या सलाह दी है?
    उन्होंने पत्नियों को कहा कि एक दिन पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखकर अगले 364 दिन ताने नहीं मारने चाहिए, बल्कि पूरे साल प्रेम और सम्मान बनाए रखना चाहिए।
  3. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने करवा चौथ पर यह बयान कहां दिया?
    उन्होंने मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के दौरान 'सीधी बात' कार्यक्रम में यह टिप्पणी की।
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