अखिलेश ने किया बागेश्वर धाम की कथा का विरोध तो भड़के राजा भैया के समर्थक, बोले- मां का दूध पिया है तो रोककर दिखाओ
राजा भैया कराएंगे कथा
यूपी के प्रतापगढ़ के कुंडा में होनी वाली धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा विरोध शुरू हो गया है। इस विरोध के बीच राजा भैया के समर्थकों धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि किसी की मां ने दूध पिलाया हो तो धीरेंद्र शास्त्री की कथा को कुंडा में रोक कर दिखाए। इस तरह यह बयान अखिलेश यादव के विरोध और कथा पर रोक लगाने की मांग के जवाब में राजा भैया के समर्थकों की ओर से दी गई खुली चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान राम और श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान से हुई। उनके बयान पर कई लोगों ने आपत्ति जताई। इसके बाद अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन से उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगाने की मांग की। इसी बीच प्रतापगढ़ के कुंडा में 17 से 19/20 नवंबर 2026 के बीच धीरेंद्र शास्त्री की रामकथा आयोजित होनी है। यह कार्यक्रम जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रमुख और विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की ओर से कराया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने आयोजकों को दी चेतावनी
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर धीरेंद्र शास्त्री और उनके कार्यक्रम के आयोजकों पर निशाना साधा। उन्होंने ऐसे कथावाचकों को तथाकथित बताते हुए कहा कि कुछ लोग धार्मिक कथाओं और प्रवचनों को व्यवसाय बना चुके हैं। अखिलेश ने कहा कि ऐसे लोग विवादित बयान देकर दूसरे शहर चले जाते हैं, लेकिन आयोजकों को उसी जगह रहना पड़ता है। उनके बयानों से पैदा होने वाले सामाजिक तनाव का सामना स्थानीय आयोजकों को करना पड़ सकता है। उन्होंने आयोजकों और प्रायोजकों से अपील की कि ऐसे लोगों को कार्यक्रमों में न बुलाएं। अखिलेश के मुताबिक, जनता ऐसे आयोजकों से भी नाराज हो सकती है और उन्हें सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
धीरेंद्र शास्त्री ने दी थी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने भावुक होकर भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उलाहना दिया था, लेकिन कुछ लोगों ने उनकी बात का गलत अर्थ निकाला। उन्होंने कहा, हम भगवान राम और भगवान कृष्ण में भेद नहीं करना चाहते थे। मैं खुद कृष्ण का भक्त हूं। अगर किसी को मेरी बात से ठेस पहुंची है तो हम क्षमाप्रार्थी हैं। हमने भगवान को बांटने की कोशिश नहीं की।
ओपी राजभर और VHP प्रवक्ता ने भी दी प्रतिक्रिया
अखिलेश यादव के बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश को कृष्ण से क्या मतलब है? उन्हें मथुरा जाकर भगवान कृष्ण के दर्शन करने चाहिए। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश केवल सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही इस मुद्दे पर बोलते हैं। वहीं, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रवक्ता श्रीराज नायर ने कहा कि हर हिंदू, चाहे वह किसी भी मत, पंथ या पूजा पद्धति को मानता हो, हिंदू है। उन्होंने अखिलेश यादव को 'चुनावी हिंदू' बताते हुए आरोप लगाया कि वे केवल चुनाव के समय हिंदुत्व की बात करते हैं। इस पूरे विवाद के बीच कुंडा में होने वाली रामकथा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई