दिग्विजय सिंह का केंद्र और प्रदेश सरकार पर हमला, बोले- सरकार के खिलाफ बोलो तो निशाने पर आ जाते हो
भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक माहौल को लेकर कई बड़े बयान दिए और दावा किया कि आज विरोध की आवाज उठाने वालों पर दबाव बनाया जा रहा है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश में ऐसा माहौल बन गया है जहां सरकार के खिलाफ बोलना आसान नहीं रह गया। उन्होंने मौजूदा दौर की तुलना अंग्रेजों के शासनकाल से करते हुए कहा कि तब भी आवाज दबाई जाती थी और अब भी विरोध करने वालों को निशाना बनाया जाता है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि सरकार के खिलाफ बोलो तो प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। आज के हालात अंग्रेजों के दौर जैसे दिखाई दे रहे हैं। नेहरू ने सुख-सुविधाएं छोड़कर संघर्ष का रास्ता चुना था। देश में नफरत और सांप्रदायिकता सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है।
बहुसंख्यक सांप्रदायिकता ज्यादा खतरनाक होती है।
नेहरू पर फैलाई जा रही बातें झूठी
दिग्विजय बोले- त्याग और संघर्ष को भूलाया जा रहा जवाहरलाल नेहरू के जीवन और उनकी छवि को लेकर दिग्विजय सिंह ने भाजपा और विरोधियों पर अप्रत्यक्ष हमला बोला। उन्होंने कहा कि नेहरू के बारे में कई झूठी बातें फैलाई जा रही हैं, जबकि सच्चाई यह है कि उन्होंने ऐशो-आराम छोड़कर स्वतंत्रता आंदोलन का रास्ता चुना था। उन्होंने कहा कि विदेश में पढ़ाई करने और संपन्न परिवार से आने के बावजूद नेहरू ने महात्मा गांधी के साथ संघर्ष किया और कई बार जेल गए। दिग्विजय ने इसे त्याग और विचारधारा की राजनीति का उदाहरण बताया।
आज भी डर का माहौल
दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज देश में ऐसा माहौल बन चुका है जहां खुलकर सरकार का विरोध करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि “किसी ने भी मौजूदा हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई तो उसके साथ क्या होता है, यह सब जानते हैं।” उनके इस बयान को आने वाले चुनावी माहौल में कांग्रेस की आक्रामक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
समाज में नफरत पैदा करती है सांप्रदायिकता
अपने संबोधन में दिग्विजय सिंह ने सांप्रदायिकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू मानते थे कि सांप्रदायिकता समाज में नफरत पैदा करती है। उन्होंने दावा किया कि देश की सबसे बड़ी चुनौती सामाजिक विभाजन और नफरत की राजनीति है। साथ ही बहुसंख्यक सांप्रदायिकता को ज्यादा खतरनाक बताया।
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