वंदे मातरम विवाद में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की इंट्री, सभी के वीडियो और जानकारी ली
News in Short
- वंदे मातरम विवाद से कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान
- दिग्विजय सिंह ने मामले में एंट्री ली
- सभी नेताओं के बयान और वीडियो मंगवाए
- पार्टी स्तर पर बयानबाजी रोकने की कोशिश
- सख्त कार्रवाई से बचने की रणनीति
News in Detail
इंदौर में चल रहे वंदे मातरम विवाद को लेकर कांग्रेस उलझन में है। मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगने का खतरा आ गया है। उधर, पार्षदों पर कार्रवाई करें या नहीं करें, इसे लेकर अजीब स्थिति फंस गई है। क्योंकि शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे बोल चुके हैं कि रुबीना अब पार्टी में नहीं है, यही माना लिया जाए। बड़े नेता अभी तो चुप हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार लंबे समय बाद भोपाल पहुंचे दिग्विजय सिंह की एंट्री इसमें हो रही है।
सिंह ने लिए सभी के बयान के वीडियो
इस मामले में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घटना को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह एक्टिव हुए हैं। सिंह ने इस मामले में सभी नेताओं के वीडियो बयान अपने पास बुलाए हैं। इसमें फौजिया शेख, रुबीना इकबाल खान के साथ ही चिंटू चौकसे, राजू भदौरिया, केके मिश्रा, इन सभी के बयान हैं। साथ ही महापौर व बीजेपी नेताओं के बयान की जानकारी भी ली है। बताया जा रहा है कि जल्द ही सिंह इन नेताओं से एक-दो दिन में ही फोन पर बात कर सकते हैं।
ओझा के घर बंद कमरे में नहीं बनी थी बात
इसके पहले मामले को संभालने के लिए शनिवार 11 अप्रैल को इंदौर आए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शोभा ओझा के घर बंद कमरे में मुलाकात की थी। इसमें इनके साथ ही चिंटू चौकसे और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा भी साथ थे। इसमें सभी को इसमें चुप्पी साधने और कोई विवादित बयान नहीं देने और बीजेपी के उकसावे में नहीं आने की नसीहत दी गई। चिंटू के इस बयान पर भी नाराजगी जताई गई कि रुबीना को पार्टी से निष्कासित करने की बात क्यों कही गई। लेकिन चिंटू अपनी बात पर अड़े रहे।
दिल्ली तक पहुंच चुका है मामला
यह मामला दिल्ली तक पहुंच चुका है। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश प्रभारी महेश चौधरी के साथ ही पटवारी से इसकी जानकारी ली है। कारण है कि इस मुद्दे से कांग्रेस को अन्य राज्यों, खासकर पश्चिम बंगाल में हो रहे विधानसभा चुनाव में भी असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में सभी को नसीहत यही है कि अपने स्तर पर बयानबाजी से भी बचें।
दोनों ही पार्षदों पर कार्रवाई से बचेगी कांग्रेस
वहीं, बताया जा रहा है कि पहले तो इस मामले को ठंडा करने पर ही सभी का जोर है। इसके लिए सभी को नसीहत दी गई है। वहीं बाद में मामले को अनुशासन कमेटी के स्तर पर निपटाया जाएगा। वोट बैंक को देखते हुए माना यही जा रहा है कि कांग्रेस किसी सख्त कार्रवाई से बचेगी। इसलिए रुबीना इकबाल खान ने भी इसमें खेद जताना शुरू कर दिया है। फौजिया ने पहले ही चुप्पी साध ली है, ताकि मामले को शांत किया जा सके।
संभव है कि दोनों से सार्वजनिक माफी वाले वीडियो जारी हो जाएं, जिससे मामले को खत्म किया जा सके। कांग्रेस के पास भी आधे से ज्यादा पार्षद तो मुस्लिम ही हैं और यह उनका बड़ा वोट बैंक है। ऐसे में कांग्रेस में बड़े स्तर पर यही बात है कि इसे माफी के साथ खत्म किया जाए।
यह खबरें भी पढ़ें...
वंदेमातरम विवाद पर बोले जीतू पटवारी, अनुशासन कमेटी के पास है मामला, सही समय पर होगा फैसला
नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव के नोटिफिकेशन विवाद में इंदौर हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
इंदौर में कॉपी-किताब की मोनोपोली पर बड़ी कार्रवाई- स्कूल संचालक और प्राचार्य पर FIR दर्ज
इंदौर स्टेट GST कमिश्नर आईएएस अनय द्विवेदी क्यों आए चर्चा में, फैसलों से विभाग में मचा हड़कंप