दिग्विजय सिंह का सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा: उज्जैन से अयोध्या तक करेंगे पदयात्रा, जानें पूरा रूट
उज्जैन में महाकाल दर्शन से शुरू हुई यात्रा
दिग्विजय सिंह ने उज्जैन में सबसे पहले चिंतामन गणेश मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद वे नृसिंह घाट के पास बालाजी गार्डन में शिवलिंग निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए। फिर महाकाल मंदिर में दर्शन कर यात्रा की शुरुआत की।
यात्रा उज्जैन के पटनी बाजार, गोपाल मंदिर और कंठाल चौराहे से होकर गुजरी। इसका पहला पड़ाव कानीपुरा में होगा।
यात्रा का रूट क्या रहेगा?
यात्रा मध्य प्रदेश में तराना और शाजापुर से आगे बढ़ेगा। इसके बाद सारंगपुर, खुजनेर, राजगढ़ और चाचौड़ा जाएगी। फिर आरोन, अशोकनगर और चंदेरी से गुजरेगी। साथ ही तालबेहट, जेरोन और ओरछा होते हुए चिरगांव पहुंचेगी। वहां से उरई, कालपी, कानपुर देहात, लखनऊ देहात और बाराबंकी के रास्ते अयोध्या जाएगी। दिग्विजय सिंह के पदयात्रा का अंतिम पड़ाव अयोध्या का राम मंदिर होगा।
70 दिन तक जारी रहेगी पदयात्रा
यह पदयात्रा करीब 70 दिन चलेगी। इस दौरान उन्हें रोजाना लगभग 15 किलोमीटर पैदल चलना होगा। यात्रा की तैयारी के लिए दिग्विजय सिंह रोज करीब 8 किलोमीटर चलते थे। आयोजकों के मुताबिक, पदयात्रा के पहले दिन करीब 3 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना एक हजार से एक हजार 500 लोगों के पदयात्रा से जुड़ने का अनुमान है।
30 से 40 लाख रुपए खर्च का अनुमान
दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा पर करीब 30 से 40 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। यह यात्रा 20 अक्टूबर 2026 को उज्जैन से शुरू हुई है और अयोध्या तक जाएगी।
- रोजाना खर्च: करीब 30 से 50 हजार रुपए।
- छोटे पड़ावों पर: 20 से 30 हजार रुपए।
- बड़े पड़ावों पर: 50 से 60 हजार रुपए।
- कुल खर्च: लगभग 30 से 40 लाख रुपए।
रथ में राम-सीता और पांच नदियों का जल
यात्रा के साथ एक विशेष रथ भी चलेगा। इसमें भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। रथ में पांच नदियों के पवित्र जल से भरे कलश भी रखे जाएंगे। इन नदियों में गंगा, यमुना, शिप्रा, कावेरी और नर्मदा शामिल हैं।
बता दें रथ का निमार्ण भरत पोरवाल के निर्देशन में महावीर जैन और सतीश शर्मा ने किया है।
यात्रा में कौन-कौन जुड़ेंगे?
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा में कई संत शामिल होंगे। इनमें महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा का नाम भी शामिल है। वहीं, अग्निपीठाधीश्वर रामकृष्णानंद जी महाराज ने भी यात्रा की सफलता की कामना की है।
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गांवों में खाने-पीने और रुकने का इंतजाम
यात्रा के दौरान खाने-पीने और रुकने का इंतजाम रास्ते में आने वाले गांवों के लोग करेंगे। कांग्रेस विधायक परमार ने बताया कि हर तीन किलोमीटर पर चाय और सुबह का नाश्ता भी मिलेगा। कई लोग मदद के लिए आगे आए हैं। उनकी संख्या इतनी ज्यादा है कि कुछ लोगों को सहयोग करने से मना करना पड़ा।
अब सवाल है कि इस यात्रा का खर्च कौन उठाएगा? अनुमान है कि छोटे गांवों में एक दिन का खर्च 20 से 30 हजार रुपए होगा। वहीं, बड़े पड़ावों पर 50 से 60 हजार रुपए तक खर्च हो सकते हैं।
पूरी यात्रा पर रोजाना करीब 30 से 50 हजार रुपए खर्च होने का अनुमान है। 70 दिन की इस यात्रा का कुल खर्च 30 से 40 लाख रुपए तक पहुंच सकता है।
FAQs
- दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत कब और कहां हुई?
दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर 2026 को उज्जैन से शुरू हुई। - इस यात्रा का मुख्य मार्ग क्या होगा?
यात्रा उज्जैन से होते हुए मध्य प्रदेश के तराना, शाजापुर, सारंगपुर, खुजनेर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर और चंदेरी की तरफ बढ़ेगी, और अंत में अयोध्या के राम मंदिर तक पहुंचेगी। - इस यात्रा का कुल खर्च कितना होगा और इसे कैसे प्रबंधित किया जाएगा?
इस यात्रा का कुल खर्च लगभग 30 से 40 लाख रुपयों का अनुमान है, जिसमें रोजाना 30 से 50 हजार रुपयों का खर्च होगा। खाने-पीने और रुकने का इंतजाम रास्ते में आने वाले गांवों के लोग करेंगे।