दिलजीत के इंदौर कॉन्सर्ट को महापौर की हरी झंडी, लेकिन चार गानों पर लगी रोक, बम धमाके की धमकी के बाद पुलिस अलर्ट
वहीं वम धमाके की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हैं। बच्चों पर गानों के असर को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है
दिलजीत दोसांझ का कॉन्सर्ट
बता दें कि इंदौर के C-21 ग्राउंड पर 15 नवंबर को दिलजीत दोसांझ का लाइव कॉन्सर्ट प्रस्तावित है। इसे लेकर एक तरफ फैंस में उत्साह है, तो दूसरी तरफ धमकी भरे ई-मेल और कुछ गानों पर रोक लगाने के निर्देशों ने कार्यक्रम को चर्चा में ला दिया है।
इसी बीच महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा है कि कॉन्सर्ट अच्छे से आयोजित हो इसके लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि किसी को भी बिना वजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए। कार्यक्रम से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं नियमों के अनुसार हों। साथ ही आयोजन में अनावश्यक रुकावट न आए।
पटियाला पैग समेत चार गाने नहीं गा सकेंगे दिलजीत
कॉन्सर्ट को लेकर सबसे बड़ा फैसला चार गानों पर रोक लगाने का है। इनमें पटियाला पैग, 5 तारा ठेके, जेब विचों फीम लब्बी आ और जट्ट उत्थे फायर करदा जित्थे पबंदी हथियार दी शामिल हैं।
चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धारेनावर ने इन गानों को लेकर शिकायत की थी। उनका कहना है कि गानों में नशे और हथियारों से जुड़े शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। इसका बच्चों पर गलत असर पड़ सकता है।
इस शिकायत के बाद इंदौर जिला बाल संरक्षण अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग एमपी ने 6 नवंबर को मॉल प्रबंधन को पत्र जारी किया। इसमें चारों गानों को कॉन्सर्ट में नहीं गाने देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के आदेश का हवाला भी दिया गया है। इसकी कॉपी इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा संबंधित राजस्व अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक और विजय नगर थाना प्रभारी को भेजी गई है।
5 साल से बड़े बच्चों की एंट्री
दिलजीत के शो में पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी प्रवेश मिल सकता है। इसी वजह से बच्चों की सुरक्षा और उन पर गानों के प्रभाव को लेकर सवाल उठाए गए हैं। प्रोफेसर ने अपनी शिकायत में तीन प्रमुख मांगें रखी थीं। पहली मांग चार गानों पर रोक लगाने की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि गानों के बोल बदलकर भी उन्हें गाने की अनुमति नहीं दी जाए।
दूसरी मांग बच्चों को मंच पर नहीं बुलाने की थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि लाइव कॉन्सर्ट में तेज आवाज बच्चों की सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने WHO की गाइडलाइन का हवाला देते हुए दावा किया कि ऐसे कार्यक्रमों में आवाज 120 डेसिबल से अधिक हो सकती है।
इसके अलावा तेज चमकने और बुझने वाली Flashing Lights को लेकर भी चिंता जताई गई। शिकायत में कहा गया कि 5 से 30 हर्ट्ज की आवृत्ति वाली लाइटें कुछ बच्चों में दौरे पड़ने का कारण बन सकती हैं।
तीसरी मांग दिलजीत के पहनावे से जुड़ी थी। प्रोफेसर ने सीने पर क्रॉस के आकार में पहनी जाने वाली चांदी के रंग की कारतूस बेल्ट या नकली धातु के कारतूसों पर रोक लगाने की मांग की। उनका तर्क है कि इस तरह का पहनावा हथियार और हिंसा की संस्कृति को बढ़ावा दे सकता है।
शिकायत में केंद्र सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि जारी पत्र में मुख्य रूप से चार गानों को नहीं गाने देने के निर्देश दिए गए हैं।
महापौर कार्यालय और 3 स्कूलों को मिली बम धमाके की धमकी
गानों को लेकर चल रहे विवाद के बीच कॉन्सर्ट की Security को लेकर भी चिंता बढ़ी है। महापौर कार्यालय और शहर के तीन निजी स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल मिले थे। इनमें दिलजीत के कॉन्सर्ट के दौरान बम धमाके करने की चेतावनी दी गई थी। स्कूलों को यह धमकी भी दी गई थी कि वे अपने छात्रों को कार्यक्रम में न भेजें।
ई-मेल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। तीनों स्कूलों में बम निरोधक दस्ते ने जांच की, लेकिन कहीं भी विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
पुलिस की शुरुआती जांच में ई-मेल फर्जी होने की आशंका जताई गई है। हालांकि मामले को गंभीरता से लेते हुए क्राइम ब्रांच तकनीकी जांच के जरिए ई-मेल भेजने वालों की पहचान करने में जुटी है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी धमकी भरे ई-मेल पुलिस कमिश्नर को भेजे थे।
डबल टैक्सेशन के विवाद पर भी महापौर ने दिया जवाब
कॉन्सर्ट के आयोजन से जुड़े डबल टैक्सेशन के मुद्दे पर भी महापौर ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि इस मामले को स्पष्ट कर दिया गया है। फिलहाल जो एजेंसी काम कर रही है, उसे नए नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। वहीं अगर पुरानी एजेंसी ने पैसे जमा नहीं किए हैं, तो उसके खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाएगी।
महापौर ने अधिकारियों से कहा है कि कार्यक्रम के आयोजन में अनावश्यक परेशानी पैदा न हो और सभी जरूरी व्यवस्थाएं नियमानुसार पूरी की जाएं।
बच्चों के साथ दिवाली मनाते हुए महापौर ने की कॉन्सर्ट पर बात
महापौर पुष्यमित्र भार्गव (Mayor Pushyamitra Bhargava) ने कॉन्सर्ट को लेकर यह बातें अपने रेसीडेंसी स्थित निवास पर बच्चों के साथ दीपोत्सव मनाने के दौरान कहीं। इस मौके पर उनकी पत्नी जूही भार्गव भी मौजूद थीं। महापौर दंपती ने स्कूली और बस्ती के बच्चों के साथ रंगोली बनाई। बच्चों के साथ पटाखे और फुलझड़ियां जलाकर दिवाली की खुशियां साझा कीं।
महापौर ने कहा कि असली दिवाली उन लोगों के साथ मनाने में है, जो इंदौर को लगातार नंबर वन बनाए रखने के लिए मेहनत करते हैं। इसी भावना से बस्ती हाट में ट्रिपल आर (RRR) फॉर्मूले के तहत भी दिवाली मनाई गई थी।
फैंस के लिए राहत, लेकिन नियमों के साथ होगा शो
फिलहाल दिलजीत के कॉन्सर्ट को लेकर महापौर का रुख सकारात्मक है। दूसरी तरफ प्रशासन ने चार गानों को नहीं गाने देने के निर्देश जारी किए हैं और धमकी भरे ई-मेल की जांच भी जारी है।
ऐसे में 15 नवंबर को C-21 ग्राउंड पर होने वाले शो का इंतजार कर रहे फैंस के लिए राहत की बात यह है कि आयोजन को लेकर जरूरी तैयारियां आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक नियमों का पालन करना होगा।