ट्रेन में वेटिंग, बसों में लूट! दिवाली पर फ्लाइट से भी महंगा होगा सफर, 7 हजार रुपए तक पहुंचा किराया
भोपाल से जबलपुर, रायपुर, इंदौर, ग्वालियर और दूसरे राज्यों के शहरों के लिए भी आम दिनों के मुकाबले बसों के किराए में करीब 25% तक बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म्स पर कई रूटों का किराया तो सामान्य से कई गुना ऊपर दिख रहा है। त्योहार के कारण भोपाल से हर रूट पर जाने वाले यात्रियों की संख्या आम दिनों से तीन गुना तक बढ़ चुकी है। इसी भीड़ का फायदा निजी बस वाले उठा रहे हैं।
कई रूटों पर फ्लाइट सस्ती और बस का सफर महंगा
आप हवाई जहाज और बस के किराए की तुलना करेंगे तो आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जानकारी के अनुसार ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म पर मध्य प्रदेश से लंबी दूरी तय करने वाली बसों के टिकट बेहद महंगे बिक रहे हैं।
- भोपाल से रीवा रूट: इस रूट पर फ्लाइट का टिकट करीब 3 हजार 700 रुपए में मिल रहा है। जबकि प्राइवेट स्लीपर बस का किराया 5 हजार रुपए तक वसूला जा रहा है।
- भोपाल से अहमदाबाद रूट: यहां फ्लाइट का टिकट 5 हजार 500 से 6 हजार 500 रुपए के बीच उपलब्ध है। वहीं बीआर ट्रैवल्स की लग्जरी बस का किराया 7 हजार रुपए तक पहुंच गया है।
- भोपाल से ग्वालियर रूट: इस रूट पर जय भवानी ट्रैवल्स की बस का टिकट 10 हजार रुपए तक दिखाई दे रहा है।
काम और पढ़ाई के सिलसिले में बाहर रहने वाले लोगों के पास घर जाने के सीमित विकल्प हैं। ट्रेन में लंबी वेटिंग होने के कारण उन्हें मजबूरी में यह भारी-भरकम किराया देकर बस की सीट बुक करनी पड़ रही है।
कैसे तय हो रहा है यह बढ़ा हुआ किराया?
निजी बस ऑपरेटर इसके लिए फ्लेक्सी फेयर सिस्टम का सहारा ले रहे हैं। इस व्यवस्था में जैसे-जैसे सीटों की मांग और यात्रियों की संख्या बढ़ती है, वैसे-वैसे टिकट के दाम भी अपने आप बढ़ जाते हैं। आमतौर पर यह तरीका एयरलाइंस कंपनियां अपनाती हैं।
हालांकि मध्यप्रदेश प्राइवेट बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन का दावा है कि बस संचालक सरकार का तय किराया ही ले रहे हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष जय कुमार जैन का कहना है कि स्टेट कैरिज बसों के ऑपरेटर तय किराया ही लेते हैं। जबकि ऑल इंडिया परमिट वाली बसों के ऑपरेटर चक्कर के हिसाब से खुद किराया तय करते हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म भी अपना चार्ज अलग से जोड़ देते हैं। इससे यात्रियों को टिकट बहुत महंगा पड़ता है।
छतरपुर और इंदौर से भी सामने आई ऐसी ही मार
यह परेशानी सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के दूसरे शहरों में भी यात्री परेशान हैं।
छतरपुर में तीन से चार गुना तक उछला किराया
छतरपुर से दिल्ली की ओर जाने वाली बसों का ऑनलाइन किराया 7 नवंबर के लिए 3 हजार 109 से 3 हजार 599 रुपए तक पहुंच गया है। वहीं दिल्ली से छतरपुर आने वाली बस का स्लीपर किराया 4 हजार 89 रुपए तक दिख रहा है। सामान्य दिनों में यह किराया लगभग 1050 रुपए रहता है। यानी त्योहार के नाम पर किराया तीन से चार गुना बढ़ा दिया गया है।
इस मामले में परिवहन विभाग का कहना है कि उनकी तरफ से किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। आरटीओ प्रभारी मधु सिंह के मुताबिक सभी बसों में आधिकारिक किराया सूची लगाने के आदेश दिए गए हैं। वहीं अगर किसी बस वाले द्वारा तय सीमा से अधिक किराया लेने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर आने-जाने वाले यात्रियों की भी बढ़ी परेशानी
इंदौर से बाहर काम करने वाले लोगों के लिए भी इस बार घर लौटना बहुत महंगा पड़ रहा है। दिवाली से पहले 5 से 7 नवंबर के दौरान मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों से इंदौर आने वाले मुसाफिरों की भारी भीड़ रहने वाली है।
- 8 नवंबर को मुंबई-पुणे रूट पर एसी बस का किराया 6 हजार 500 से 7 हजार 500 रुपए तक पहुंच गया है। यह आम दिनों में हवाई सफर से भी अधिक है।
- सामान्य दिनों में नॉन-एसी बस का टिकट 1000 से 1300 रुपए का रहता है, जो अब दिवाली पर 3 हजार 500 से 5 हजार रुपए तक बिक रहा है।
- एसी बस का सामान्य किराया 1300 से 1800 रुपए होता है। इसके लिए यात्रियों को अब 5 हजार 500 से 7 हजार 500 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं।