दवाइयों के लिए नहीं भटकेंगे मरीज, एमपी में ई-औषधि पोर्टल पर दिखेगा लाइव स्टॉक
समझें क्या है पूरा मामला
- सरकारी अस्पतालों को अब ऑनलाइन ई-औषधि पोर्टल से जोड़ा जा रहा है।
- इस सिस्टम से हर अस्पताल में किस दवा का कितना स्टॉक है, इसकी लाइव जानकारी दिखेगी।
- दवा खत्म होने से 10 दिन पहले ही अधिकारियों के पास अलर्ट पहुंच जाएगा।
- मरीज खुद चेक कर सकेंगे कि उनके नजदीकी अस्पताल में कौन सी दवा मौजूद है।
- इससे सरकारी अस्पतालों में दवाओं की बर्बादी और फिजूलखर्ची पर पूरी तरह रोक लगेगी।
ई-औषधि पोर्टल क्या है?
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में दवा उपलब्धता की जानकारी अब एक क्लिक पर मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ई-औषधि पोर्टल को और प्रभावी बना रहा है। इससे जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी सभी जुड़ेंगे। हर केंद्र का दवा स्टॉक रियल टाइम में पोर्टल पर अपडेट होगा।
अभी तक कई बार ऐसी स्थिति बनती थी कि अस्पताल में दवाइयांखत्म हो जाती थी। मरीज को दूसरे जिले के दूसरे अस्पताल में जाना पड़ता था। या फिर बाहर से दवा खरीदनी पड़ती थी। इस पोर्टल के आने के बाद ऐसा नहीं होगा।
कैसे काम करेगा सिस्टम
सभी सरकारी अस्पतालों के दवा स्टॉक ऑनलाइन जुड़ेंगे। दवा खत्म होने पर स्टॉक तुरंत अपडेट होगा। साथ ही संबंधित अधिकारियों को लाइव अलर्ट और भेज दिया जाएगा।
वहीं नया फार्मेसी होने पर डिजिटल स्वीकृति और आपूर्ति होगी। सभी जगह सिस्टम को कौन सी दवा कितने दिन में अस्पताल में उपलब्ध है इसका पूरा हिसाब रहेगा।
इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि संबंधित दवा किस अस्पताल में उपलब्ध है। वहीं दवाई खत्म होने पर सीधे रिपोर्ट जाएगी। जल्द ही यह सेवा पूरी तरह चालू होगी।
अनावश्यक दवा खरीदी पर लगेगी लगाम
अभी तक की व्यवस्था में ये चक्कर मरीजों को लाने पड़ते थे। कई बार बाहर से दवा खरीदनी पड़ती थी। इससे मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ पड़ता था। साथ ही सरकारी अस्पताल में दवा न मिलने की शिकायतें भी आम हो गई थीं।
ई-औषधि पोर्टल की वजह से अब यह तय हो सकेगा कि दवा कहां है और किस जिले में भेजनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्टॉक खत्म होने, दवाओं की बर्बादी और अनावश्यक खरीद तीनों समस्याओं पर निगरानी मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग का यह नया कदम
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल में दवा की स्थिति को आगे से ऑनलाइन ट्रैक किया जाएगा। अस्पतालों को अब 10 दिन पहले ही स्टॉक की कमी का अनुमान लगाया जा सकेगा। यह जानकारी सीधे आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी होगी।
इससे दवा की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। मरीजों को सरकारी अस्पताल में बेहतर अनुभव मिलेगा।
FAQ
- ई-औषधि पोर्टल क्या है?
ई-औषधि पोर्टल एक सरकारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। इस पर सरकारी अस्पतालों का दवा स्टॉक रियल टाइम में देखा जा सकता है। यह मरीजों और अधिकारियों दोनों के लिए उपयोगी है। - ई-औषधि पोर्टल पर दवा खत्म होने पर क्या होगा?
दवा का स्टॉक खत्म होते ही पोर्टल पर लाइव अलर्ट आएगा। यह अलर्ट संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगा। इससे समय पर दवा की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। - ई-औषधि पोर्टल पर मरीज कौन-कौन सी जानकारी देख सकते हैं?
पोर्टल पर एक क्लिक में यह पता चलेगा कि किस अस्पताल में कौन सी दवा उपलब्ध है। इससे मरीजों को अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह सुविधा मोबाइल पर भी आसानी से उपलब्ध होगी।
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