इंदौर में 70 करोड़ का ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त, ED ने तीन आरोपियों को दबोचा

Aman Vaishnav | Jul 24, 2026, 10:01 IST
इंदौर में 70 करोड़ का ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त
इंदौर में ED ने 70 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग्स तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान वेद प्रकाश व्यास, दिनेश अग्रवाल और अक्षय अग्रवाल के रूप में हुई है।

इंदौर में ड्रग्स तस्करी और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा मामला सामने आया है। करीब 70 करोड़ रुपए कीमत की 70 किलो मेफेड्रोन एमडी ड्रग्स तस्करी का यह मामला है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसमें बड़ी कार्रवाई की है।



ईडी के इंदौर सब-जोनल कार्यालय ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम वेद प्रकाश व्यास, दिनेश अग्रवाल और अक्षय अग्रवाल हैं। एजेंसी का आरोप है कि तीनों ड्रग्स तस्करी से मिली करोड़ों की कमाई को बैंक खातों के जरिए छिपा रहे थे।



कैसे शुरू हुआ मामला

यह पूरी कार्रवाई क्राइम ब्रांच इंदौर की एक एफआईआर से शुरू हुई थी। यह एफआईआर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 22 के तहत दर्ज की गई थी। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने अपनी जांच शुरू की।



जांच में सामने आया कि आरोपियों के पास से बरामद मेफेड्रोन की बाजार कीमत करीब 70 करोड़ रुपए है। यह मात्रा करीब 70 किलो थी। इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा।



कैसे छिपाई जा रही थी कमाई

पीएमएलए के तहत हुई जांच में ईडी को अहम जानकारी मिली। आरोपियों ने ड्रग्स तस्करी से कमाए पैसे को व्यक्तिगत और व्यावसायिक बैंक खातों में ट्रांसफर किया। ऐसा पैसों के असली स्रोत को छिपाने के लिए किया गया था।



जांच में बड़े पैमाने पर नकद लेनदेन भी सामने आए हैं। पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी अपने सामान्य कारोबार के साथ-साथ ड्रग्स की सप्लाई से भी जुड़े थे। यानी असली धंधा नशे की तस्करी का था।



इंदौर और मंदसौर में छापे

बता दें कि ईडी ने 17 जुलाई को इंदौर और मंदसौर के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। यह कार्रवाई निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी। इसी छापेमारी के दौरान तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।



छापेमारी में कई अहम दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड भी ईडी के हाथ लगे हैं। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी रहेगी।



ईडी ने क्या कहा

ईडी का कहना है कि सिर्फ ड्रग्स जब्त करना काफी नहीं है। नशा तस्करी से जुड़े आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना जरूरी है। एजेंसी ने साफ किया कि अपराध से कमाई गई संपत्तियों की पहचान की जाएगी।



इन संपत्तियों को जब्त करने और असली दोषियों तक पहुंचने की कार्रवाई लगातार चलती रहेगी। ईडी ने यह भी कहा कि युवाओं को नशे से बचाना सिर्फ एजेंसियों का काम नहीं है। इसके लिए समाज की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।



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