एक्सेल व्हीकल का फर्जीवाड़ा उजागर, लोन के नाम पर की 42 करोड़ की धोखाधड़ी
News In Short
- ईडी ने Excel Vehicle और उसके डायरेक्टर्स के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की थी।
- मामला 42 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड से जुड़ा है। इसमें बैंक ऑफ इंडिया को गुमराह करने का आरोप है।
- CBI की FIR के आधार पर जांच शुरू हुई, 2022 में चार्जशीट भी पेश की जा चुकी है।
- ईडी की रेड में एक करोड़ नौ लाख रुपए कैश और ज्वेलरी जब्त किए गए हैं।
- अब तक 12 करोड़ 62 लाख रुपए की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं, जबकि मामले में आगे जांच जारी है।
News In Detail
राजधानी में बड़े बैंक घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने सख्त कार्रवाई की है। ईडी के भोपाल जोनल ऑफिस ने 13 अप्रैल को विशेष PMLA कोर्ट में M/s Excel Vehicles Pvt. Ltd. और उसके डायरेक्टर्स के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक यह पूरा मामला लगभग 42 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड से जुड़ा है। इसमें आरोप है कि कंपनी ने बैंक ऑफ इंडिया को गलत जानकारी देकर भारी नुकसान पहुंचाया है।
कैसे खुला घोटाले का राज
सूत्र बताते हैं कि इस मामले की शुरुआत CBI, ACB भोपाल में दर्ज FIR से हुई थी। जांच में सामने आया कि कंपनी और उसके डायरेक्टर्स ने इंडियन पीनल कोड (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध करते हुए बैंक को गुमराह किया।
बताया जा रहा है कि CBI ने इस मामले में 20 दिसंबर 2022 को चार्जशीट भी कोर्ट में पेश कर दी थी। इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की।
छापे में मिले कैश और गहने
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने 6 नवंबर 2024 को छापेमारी की थी। इस दौरान करीब एक करोड़ नौ लाख रुपए के कैश और ज्वेलरी जब्त किए गए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी ने बैंक ऑफ इंडिया से लगभग 42 करोड़ का लोन लिया, लेकिन इसके लिए दी गई सिक्योरिटी में गड़बड़ी की गई। इतना ही नहीं एक प्रॉपर्टी पर पहले से कोटक महिंद्रा बैंक का चार्ज छिपाया गया था।
फर्जीवाड़े से पैसे की हेराफेरी
सूत्रों का कहना है कि जांच में यह खुलासा हुआ कि, कंपनी ने लोन की रकम को सीधे व्यापार में लगाने के बजाय सिस्टर कंसर्न और संबंधित कंपनियों में डायवर्ट कर दिया।
इस तरह फंड को घुमाकर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। इससे असली लेनदेन को छिपाने की कोशिश की गई।
करोड़ों की संपत्ति अटैच
ईडी ने कार्रवाई करते हुए पहले ही करीब 12 करोड़ 62 लाख रुपए की दो अचल संपत्तियां अटैच कर दी हैं। इनमें भोपाल जिले के कोलार तहसील में स्थित एक कृषि भूमि और एक कमर्शियल प्लॉट शामिल हैं।
आगे क्या
सूत्रों के अनुसार अब कोर्ट में केस की सुनवाई के साथ ही आरोपियों पर शिकंजा और कस सकता है। ईडी की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और संपत्तियों पर कार्रवाई संभव मानी जा रही है।
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