ESB की जेल प्रहरी-वन रक्षक में सिस्टम नहीं चला, 50 हजार उम्मीदवारों की परीक्षा रद्द
Indore. कर्मचारी चयन मंडल की जेल प्रहरी, वन रक्षक 2026 की परीक्षा में दो हजार करीब पद है। इसके लिए मप्र के करीब छह लाख युवाओं ने फार्म भरे हैं। यह परीक्षा चार जून से चल रही जो करीब 15 दिन चलेगी। हर दिन 40 से 50 हजार उम्मीदवारों की ऑनलाइन परीक्षा हो रही है। इसके लिए सेंटर भी दूर-दूर शहरों में दिए गए हैं। परीक्षा विवादित कंपनी एप्टेक द्वारा कराई जा रही है।
यह हुआ सेंटर पर
परीक्षा के लिए जब उम्मदीवार परीक्षा के शहर और सेंटर पर पहुंचे तो उन्हें सर्वर की समस्या बताते हुए रोके रखा गया। करीब चार घंटे बैठाने के बाद बोल दिया गया कि सर्वर की तकनीकी समस्या है। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। बताया जा रहा है कि यह पूरे मध्य प्रदेश में सभी परीक्षा केंद्रों पर हुआ है और इससे 50 हजार उम्मीदवार करीब प्रभावित हुए हैं।
पहली भी सर्वर में छेड़छाड पर हो चुकी FIR
यह परीक्षा एप्टेक कंपनी द्वारा कराई जा रही है। उल्लेखनीय है कि आबकारी आरक्षक परीक्षा व सिपाही भर्ती परीक्षा में भी हाल ही में ईएसबी ने पाया था कि सेंटर पर सर्वर हैक हुआ है। इसमें कुछ उम्मीदवारों ने अंतिम एक मिनट में पूरा पेपर साल्व कर दिया और पूरे अंक हासिल किए। इसके बाद ईएसबी ने इसके खिलाफ एफआईआर भी कराई थी। हालांकि अभी तक इसकी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। केवल उम्मीदवारों को ही इसमें आरोपी बनाया गया था।
सिस्टम की तकनीकी चूक या फिर कोई खेल
उम्मीदवार इससे बहुत निराश है। वह पूरी तरह से इसके लिए मंडल और कंपनी एप्टेक को जिम्मेदार बता रहे हैं। उम्मीदवारों को आशंका है कि फिर उनके साथ फर्जीवाड़ा हो रहा है। वहीं उम्मीदवारों का यह भी कहना है कि हम एक-एक हजार किमी दूर से परीक्षा देने आए हैं, हमारे रुपए लगे हैं और अब परीक्षा रद्द कर दी गई है। हमे फिर दोबारा अपने शहर जाना होगा और फिर आना होगा। हम बहुत परेशान हो गए हैं और कोई सुनने वाला नहीं है।
ईएसबी डायरेक्टर बोले- फिर से होगी परीक्षा
इस मामले में ईएसबी डायरेक्टर आईएएस अजय कटेसरिया ने कहा कि तकनीकी समस्या के चलते दोपहर ढाई बजे की पाली में परीक्षा स्थगित हुई है। यह परीक्षा फिर से 20 जून को सुबह 10 बजे की पाली में होगी। इसका प्रवेशपत्र अलग से ईएसबी की साइट से डाइउनलोड किया जा सकेगा।
कांग्रेस विधायक ने की जांच की मांग
वहीं मनावर से कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने कहा कि मप्र में भर्ती परीक्षाओं में खिलवाड़ बढ़ता जा रहा है। सिस्टम फेल होने से युवा अभ्यर्थी परेशान हुए। यदि तैयारी सही नहीं थी तो फिर यह गंभीर लापरवाही है। परीक्षा रद्द होने की जांच कराई जाना चाहिए, साथ ही अधिकारी और एजेंसी पर भी कार्रवाई की जाना चाहिए।
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