MPPSC के बाद ESB भर्ती नियम 2026 पर भी विवाद, आरक्षण व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
News In Short
- ESB की सभी प्रमुख भर्तियां अब संयुक्त अर्हता परीक्षा (CET) आधारित होंगी।
- स्कोर कार्ड दो वर्ष तक वैध रहेगा, जबकि निजी स्कूलों के लिए शिक्षक पात्रता आजीवन मान्य होगी।
- भर्ती प्रक्रिया के लिए राज्य स्तर पर नया "नियुक्ति पोर्टल" बनाया जाएगा।
- अधिवक्ता विनायक शाह ने अनारक्षित पदों पर मेरिट आधारित चयन को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है।
- 5 जून 2026 तक नियमों पर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
News in detail
मध्य प्रदेश सरकार का कनिष्ठ सेवा संयुक्त परीक्षा नियम 2026 विवादों में आ गया है। कर्मचारी चयन मंडल की भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए हैं। हाईकोर्ट के अधिवक्ता विनायक शाह ने आरक्षण और अनारक्षित पदों पर चयन प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। अब भर्ती नियमों को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
ESB भर्ती नियम भी विवादों के घेरे में
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियमों पर बहस जारी है। इसी बीच कर्मचारी चयन मंडल के कनिष्ठ सेवा संयुक्त परीक्षा नियम, 2026 भी चर्चा में हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य की अधिकांश कनिष्ठ और तृतीय-चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों को नए ढांचे में लाने का प्रस्ताव रखा है। सरकार इसे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और एकरूपता का बड़ा कदम बता रही है। आरक्षण और मेरिट से जुड़े प्रावधानों ने नए विवाद को जन्म दिया है।
चयन प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अधिवक्ता विनायक शाह ने 3 जून 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग को आपत्ति भेजी। उन्होंने नियम 11(1) को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।
शाह का कहना है कि प्रस्तावित नियम में स्पष्ट नहीं है कि अनारक्षित पदों की चयन सूची में आरक्षित वर्ग के अधिक अंकधारी शामिल होंगे या नहीं। उन्होंने कहा कि अस्पष्टता भविष्य में कानूनी विवाद पैदा कर सकती है।
उनका सुझाव है कि पहले सभी वर्गों की एकीकृत मेरिट सूची बनाई जाए। फिर उसी सूची के आधार पर अनारक्षित पद भरे जाएं। उसके बाद आरक्षित वर्ग के शेष अभ्यर्थियों को उनके श्रेणी के पदों पर मौका दिया जाए।
ESB भर्ती व्यवस्था में होंगे बड़े बदलाव
प्रस्तावित नियमों के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 से अधिकांश सरकारी भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होंगी। संयुक्त तकनीकी अर्हता परीक्षा, संयुक्त सामान्य अर्हता परीक्षा और शिक्षक अर्हता परीक्षा के आधार पर स्कोर कार्ड जारी किए जाएंगे।
तकनीकी और सामान्य अर्हता परीक्षाओं के स्कोर कार्ड दो कैलेंडर वर्ष बाद 31 दिसंबर तक वैध रहेंगे। भर्ती के लिए केंद्रीकृत नियुक्ति पोर्टल बनाया जाएगा। विभाग वहां रिक्त पदों की जानकारी अपलोड करेंगे।
नकल, फर्जी दस्तावेज या अनुचित साधनों के उपयोग पर उम्मीदवारी निरस्त और आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान है। 5 जून तक प्राप्त सुझावों पर विचार के बाद सरकार अंतिम नियम अधिसूचित करेगी।
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