ESB के SI रिजल्ट पर डायरेक्टर बोले- हम सही, उम्मीदवार कोर्ट जाने के लिए स्वतंत्र

Sanjay Gupta | May 22, 2026, 14:24 IST
PSC ESB
कर्मचारी चयन मंडल ने पहली बार त्रिस्तरीय (प्री, मेंस, फिजिकल व इंटरव्यू) आधार पर परीक्षा ली है। ये एसआई-सूबेदार 2025 की भर्ती परीक्षा थी। इसके हाल ही में जारी मेन्स के रिजल्ट में 60 से ज्यादा उम्मीदवारों को 87% रिजल्ट से हटाकर 13% में शिफ्ट कर दिया गया।

Indore. कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा सब इंस्पेक्टर (एसआई)-सूबेदार के 500 पदों की भर्ती का मेन्स रिजल्ट 18 मई को जारी किया गया था। इस रिजल्ट को लेकर कई उम्मीदवार निराश हैं, क्योंकि उन्हें 87 फीसदी कैटेगरी से शिफ्ट करके 13 फीसदी में कर दिया गया है।



यानी इनका अंतिम रिजल्ट जारी नहीं होगा। ऐसे उम्मीदवारों की संख्या 60 से ज्यादा है। अब उम्मीदवार इसे GAD (General Administration Department) के 29 सितंबर 2022 को जारी सर्कुलर का उल्लंघन बता रहे हैं।



इस मामले में ESB डायरेक्टर क्या बोले

ईएसबी के डायरेक्टर अजय कटेसरिया से द सूत्र ने बात की। उन्होंने पहले हमसे सबूत मांगे थे, जिस पर हमने कई लोगों की मार्कशीट और डॉक्यूमेंट दिए थे। बाद में उन्होंने कहा कि 87 फीसदी में प्री के रिजल्ट में चयनित पद के मुकाबले 10 गुना उम्मीदवारों को मेन्स के रिजल्ट में तीन गुना तक सीमित किया गया है।



ऐसे में जो तीन गुना सूची में स्थान नहीं पा सके हैं, उन्हें 13 फीसदी प्रोविजनल रिजल्ट कैटेगरी में शिफ्ट किया गया है। नियम के तहत 13 फीसदी कैटेगरी वाले 87 फीसदी में नहीं आ सकते, लेकिन 87 फीसदी वाले मेरिट में नीचे आने पर 13 फीसदी में शिफ्ट हो सकते हैं। कानून के बिंदु पर ईएसबी सही है और उम्मीदवार चाहें तो कोर्ट जा सकते हैं।



a32e51af-27a

क्या है सर्कुलर

29 सितंबर 2022 को जीएडी के सचिव डॉ. श्रीनिवास शर्मा ने एक सर्कुलर जारी किया था। इसके बिंदु दो में लिखा है कि- प्रारंभिक परीक्षा में चयनित प्रावधिक (प्रोविजनल 13 फीसदी कैटेगरी) उम्मीदवार परीक्षा के अगले चरण (मुख्य परीक्षा, इंटरव्यू) में प्रोविजनल में ही शामिल होंगे, 87 फीसदी में नहीं जाएंगे।



इसके बाद पीएससी ने एक शपथ पत्र लेना शुरू किया, जिसमें दोनों ही कैटेगरी द्वारा 87 से 13 फीसदी में और 13 फीसदी से 87 में जाने पर दावा नहीं करने की बात कही गई।



पीएससी में यह नहीं होता है

ईएसबी पहली बार त्रिस्तरीय परीक्षा ले रहा है, इसलिए यह मुद्दा उछला है। इसके पहले दो स्तर की परीक्षा रिजल्ट में 87-13 फीसदी शिफ्टिंग की बात नहीं हुई क्योंकि तब 13 फीसदी रिजल्ट बना ही नहीं।



वहीं पीएससी में साल 2019 राज्य सेवा परीक्षा के रिजल्ट से ही यह नियम लागू है। इसके तहत 87 और 13 फीसदी रिजल्ट के उम्मीदवार प्री से लेकर अंतिम चयन तक अपनी ही कैटेगरी में रहते हैं। 87 फीसदी वाला न तो 13 फीसदी में शिफ्ट होता है और न ही 13 फीसदी वाले को 87 फीसदी में लिया जाता है। इसके लिए बकायदा उम्मदीवार से इस तरह के दावे नहीं करने का शपथपत्र भी लिया जाता है।



1aa2cc1a-269

पीएससी क्यों करता है ऐसा, क्या है तर्क

अब इसकी मूल वजह समझते हैं। ओबीसी आरक्षण 27 फीसदी देने पर रोक है और 14 फीसदी मान्य है। ऐसे में विवादित अतिरिक्त 13 फीसदी ओबीसी आरक्षण पदों को सामान्य प्रशासन विभाग ने 29 सितंबर 2022 के सर्कुलर के जरिए 87-13 फीसदी फॉर्मूले में बांट दिया।



यानी 100 में से 13 पद ओबीसी और अनारक्षित दोनों के लिए रखे। यदि आरक्षण 27 फीसदी मान्य होता है तो ये ओबीसी को जाएंगे, नहीं तो फिर अनारक्षित उम्मीदवार को दिए जाएंगे। बाकी 87 फीसदी पद मूल रिजल्ट में रखे गए।



अब प्री से ही कैटेगरी 87-13 फीसदी की अलग रखी गई। इसके लिए तर्क दिया गया कि प्री क्वालिफाइंग स्टेज यानी स्क्रूटनी स्टेज है। वहीं मेन्स और इंटरव्यू चयन स्टेज हैं, जिनके अंकों पर मेरिट बनती है। लेकिन प्री स्टेज पर उम्मीदवार ने मेरिट से 87 फीसदी या 13 फीसदी में जगह बनाई है, इसलिए बाद की परीक्षा मेन्स के आधार पर वे कैटेगरी शिफ्टिंग करने की मांग नहीं कर सकते हैं।



e22bff32-13e

हाईकोर्ट में भी चला है केस और यह है मांग

इस मामले में जबलपुर हाईकोर्ट में भी 38598/2025, 24847/22 व अन्य याचिकाएं लगी हुई हैं। इसमें शासन से जवाब मांगा गया है, लेकिन अभी अंतिम फैसला नहीं आया है।



पीएससी सही या ईएसबी

अब मुद्दा यह है कि एक ही नियम को दो भर्ती एजेंसी अलग-अलग तरह से देख रही है। पीएससी नॉन शिफ्टिंग की बात कर रही है तो वहीं ईएसबी 87 फीसदी से 13 फीसदी में मेरिट के आधार पर शिफ्टिंग की बात कर रही है।



ऐसे में कौन सही है इसे लेकर जीएडी को ही स्थिति साफ करनी होगी। लेकिन सवाल यह है कि यदि पीएससी गलत है तो क्या अभी तक के जारी भर्ती रिजल्ट गलत हैं। यह बड़ा सवाल खड़ा हो जाएगा। यदि ईएसबी गलत है तो एसआई भर्ती का रिजल्ट सुधारना होगा।



ये खबरें भी पढ़ें...



MPPSC ने 2026 की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा से पहले बढ़ाए पद, देखिए 87% और 13% कोटे के हाल



MPPSC Officer Vacancy: साइंटिफिक ऑफिसर पदों के लिए वैकेंसी जारी, 20 मई तक करें आवेदन



MPPSC भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव, नया ड्राफ्ट जारी, जानिए क्या-क्या बदलने वाला है



MPPSC ने राज्य सेवा परीक्षा 2026 प्री की आंसर की दी, रिजल्ट अगले सप्ताह, पद बढ़ेंगे या नहीं



Tags:
  • जबलपुर हाईकोर्ट
  • पीएससी
  • कर्मचारी चयन मंडल
  • MPPSC
  • राज्य सेवा परीक्षा
  • ओबीसी आरक्षण
  • सब इंस्पेक्टर
  • ESB