स्कूल बंदी में मध्य प्रदेश सबसे आगे, हर दिन बंद हो रहे 7 स्कूल!

Aman Vaishnav | Jul 09, 2026, 09:30 IST
स्कूल बंदी में मध्य प्रदेश सबसे आगे
UDISE+ की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश में हर दिन 13 स्कूल बंद हो रहे हैं। वर्ष 2025-26 में कुल चार हजार 791 स्कूल बंद हुए। इनमें सबसे ज्यादा दो हजार 426 स्कूल अकेले मध्य प्रदेश के हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • देश में हर रोज 13 स्कूल बंद हो रहे हैं।
  • 2025-26 में कुल चार हजार 791 स्कूल बंद हुए।
  • मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा दो हजार 426 स्कूल बंद हुए हैं।
  • देश में स्कूलों की संख्या घटकर 14 लाख 66 हजार 682 रह गई है।
  • कई राज्यों में स्कूल बढ़े लेकिन छात्रों का नामांकन घटा है।

देश में स्कूलों की तस्वीर लगातार तेजी से बदल रही है। हर दिन औसतन 13 स्कूल बंद हो रहे हैं। यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय की यूडाइस+ (UDISE+ – Unified District Information System for Education Plus) रिपोर्ट से सामने आई है।



आंकड़ों में गिरावट कितनी बड़ी

वर्ष 2024-25 में देश में कुल 14 लाख 71 हजार 473 स्कूल थे। इसके अगले ही साल यानी 2025-26 में यह संख्या घटकर 14 लाख 66 हजार 682 रह गई है। यानी एक साल में हजारों स्कूल कम हो गए।



मध्य प्रदेश के बाद तेलंगाना में सबसे ज्यादा एक हजार 392 स्कूल बंद हुए। पश्चिम बंगाल में 568, आंध्र प्रदेश में 474, तमिलनाडु में 369, कर्नाटक में 281 और हिमाचल प्रदेश में 266 स्कूल बंद हुए।



विलय है बड़ी वजह

शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कई राज्यों में स्कूलों का आपस में विलय हो रहा है। इसी वजह से स्कूलों की संख्या में कमी दिख रही है। छोटे स्कूलों को बड़े स्कूलों में मिलाया जा रहा है।



वहीं हर राज्य की कहानी एक जैसी नहीं है। कुछ राज्यों में स्कूलों की संख्या घटने के बजाय बढ़ी है। फिर भी वहां छात्रों की संख्या कम हुई है।



स्कूल बढ़े, छात्र घटे

बिहार में इस दौरान 946 नए स्कूल जुड़े। लेकिन वहां छात्रों का नामांकन 4 लाख 37 हजार 37 कम हो गया। छत्तीसगढ़ में 234 स्कूल बढ़े, जबकि नामांकन 49 हजार 459 घटा। दिल्ली में भी 87 स्कूल बढ़े और नामांकन 45 हजार 250 कम हुआ।



यह आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ स्कूलों की संख्या बढ़ने से शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होती। असली सवाल यह है कि उन स्कूलों में बच्चे पढ़ने आ भी रहे हैं या नहीं।



बिना छात्रों वाले स्कूल घटे

देश में जीरो एनरोलमेंट यानी बिना छात्रों वाले स्कूलों की संख्या में पहली बार गिरावट आई है। एक साल पहले ऐसे स्कूल सात हजार 993 थे। अब यह संख्या घटकर पांच हजार 663 रह गई है।



लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इन पांच हजार 663 स्कूलों में अब भी 20 हजार 667 शिक्षक तैनात हैं। यानी स्कूल में पढ़ने वाला कोई नहीं, फिर भी शिक्षक मौजूद हैं।



पश्चिम बंगाल में हालात उलट

जहां देश में जीरो एनरोलमेंट स्कूल घटे हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में यह संख्या बढ़ी है। पिछले साल राज्य में ऐसे 321 और स्कूल जुड़ गए। अब राज्य में कुल चार हजार 133 स्कूल ऐसे हैं जहां कोई छात्र नहीं है।



इन स्कूलों में 19 हजार 502 शिक्षक तैनात हैं। बीते साल यहां एक हजार 537 नए शिक्षक भी जोड़े गए, जिनके पास पढ़ाने के लिए कोई छात्र नहीं है।



उत्तर प्रदेश में भी हालात बिगड़े हैं। पिछले सत्र में राज्य में सिर्फ 81 जीरो एनरोलमेंट स्कूल थे। इस सत्र में यह संख्या बढ़कर 313 हो गई। यहां शिक्षकों की संख्या भी 56 से बढ़कर 177 हो गई है।



छत्तीसगढ़ में नई समस्या

सबसे दिलचस्प मामला छत्तीसगढ़ का है। 2024-25 सत्र में राज्य में एक भी जीरो एनरोलमेंट स्कूल नहीं था। लेकिन 2025-26 में ऐसे 149 स्कूल हो गए हैं। इन स्कूलों में 140 शिक्षक भी कार्यरत हैं। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक नई चुनौती बनकर उभरा है।



एक शिक्षक वाले स्कूलों की स्थिति

देशभर में एक शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या में पहली बार गिरावट दर्ज हुई है। 2025 सत्र में ऐसे एक लाख 4 हजार 125 स्कूल थे। 2026 सत्र में यह संख्या घटकर एक लाख 843 रह गई। यह राष्ट्रीय स्तर पर एक सकारात्मक संकेत है।



वहीं कुछ राज्यों में इसका उलटा असर देखा गया है। आंध्र प्रदेश में एक शिक्षक वाले स्कूल तीन हजार 445 बढ़ गए। महाराष्ट्र में एक हजापर 117, राजस्थान में एक हजार 63, कर्नाटक में 693 और झारखंड में 655 ऐसे स्कूल बढ़े।



इसके अलावा तमिलनाडु में 286, असम में 339, हरियाणा में 212, हिमाचल प्रदेश में 164 और बिहार में 141 एक शिक्षक वाले स्कूल बढ़े हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि इन राज्यों में शिक्षक भर्ती और तैनाती की योजना पर फिर से विचार करने की जरूरत है।



आगे क्या करने की जरूरत

एक्सपर्ट मानते हैं कि सिर्फ स्कूलों की संख्या घटाना या बढ़ाना समाधान नहीं है। जरूरत इस बात की है कि शिक्षकों की तैनाती छात्रों की जरूरत के हिसाब से हो।



जिन स्कूलों में छात्र नहीं हैं, वहां शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेजा जा सकता है। इससे शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों को मदद मिलेगी।



FAQ

  1. देश में कुल कितने स्कूल बंद हुए हैं?
    2025-26 में देशभर में 4,791 स्कूल बंद हुए हैं। यह आंकड़ा यूडाइस+ रिपोर्ट से सामने आया है। इनमें आधे से ज्यादा मध्य प्रदेश के हैं।
  2. जीरो एनरोलमेंट स्कूल क्या होते हैं?
    जीरो एनरोलमेंट स्कूल वे स्कूल हैं जहां एक भी छात्र दर्ज नहीं है। इन स्कूलों में शिक्षक तो तैनात हैं। लेकिन उनके पास पढ़ाने के लिए कोई छात्र नहीं है।
  3. मध्य प्रदेश में कितने स्कूल बंद हुए?
    मध्य प्रदेश में 2,426 स्कूल बंद हुए हैं। यह देश में बंद हुए कुल स्कूलों का आधे से ज्यादा हिस्सा है। यह देश में सबसे ज्यादा है।

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