दो करोड़ की नकली ड्रग्स केस में पुलिसकर्मी ने IPS मीणा, करणदीप के साथ 16 पुलिसकर्मियों पर लगाया परिवाद

Sanjay Gupta | Jun 27, 2026, 17:01 IST
दो करोड़ की नकली ड्रग्स केस में पुलिसकर्मी
इंदौर में फरवरी 2025 में हुए दो करोड़ के नकली एमडी ड्रग्स केस में गिरफ्तार हुए पुलिसकर्मी ने अब दो आईपीएस सहित 16 पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन सभी के खिलाफ पुलिसकर्मी ने जिला कोर्ट में परिवाद दायर किया है।

Indore. इंदौर में कनाडिया थाना एरिया में नशेडियों द्वारा पुलिसकर्मियों की पिटाई का मामला ठंडा भी नहीं हुआ और नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। फरवरी 2025 में इंदौर इंदौर पुलिस तेजाजीनगर में 198 ग्राम एमडी ड्रग्स (दो करोड़) के पकड़ाने का केस बनाया था। लेकिन बाद में यह भोपाल और हैदराबाद की लैब में यूरिया साबित हुई। जबकि इसी केस में कुछ आरोपियों को पैडलर बताकर गिरफ्तार किया गया। साथ ही आजाद नगर थाना आरक्षक लखन गुप्ता को इनका साथी बताकर गिरफ्तार किया गया।



लखन गुप्ता ने इन पुलिस अधिकारियों पर लगाया परिवाद

लखन गुप्ता ने इस केस में 16 दिन तक जेल में रहे और फिर जमानत हुई। इस मामले में फरवरी 2026 में लैब रिपोर्ट आने के बाद साबित हुआ यह ड्रग्स नहीं बल्कि यूरिया थी। इसके बाद पुलिस ने केस में खात्मा पेश कर दिया। लखन गुप्ता ने इस फर्जी कांड के लिए इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद परिवाद पेश किया है।



आईपीएस व तत्कालीन इंदौर डीसीपी जोन वन आईपीएस विनोद कुमार मीणा, आईपीएस व तत्कालीन एसीपी आजादनगर इंदौर आईपीएस करणदीप सिंह, टीआई तेजाजीनगर आदित्य सिंघारिया, एसआई रवि बट्टा, एसआई अविनाश नागर, एएसआई मनोज दुबे व संदीप बेस, प्रधान आरक्षक देंवेद्र परिहार, अभिनव शर्मा, प्रदीप पटेल, राजू बघेल, संजय मालाकार,, नीतीश अठौद, आरक्षक गोविंदा, दीपेंद्र राणा, अरुण घुरैया।



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केस में यह लगाया आरोप

लखन गुप्ता ने अधिवक्ता नितिन पाराशर के जरिए परिवाद लगाया। इसमें आरोप लगाया कि क्योंकि मेरा थाने पर एसीपी करणदीप सिंह से विवाद हो गया था। इसी के चलते मुझसे खुन्नस निकाली गई। मुझे धमकी भी दी गई थी कि आईपीएस क्या कर सकता है मैं दिखाता हूं। इसी के चलते ड्रग पैडलर के साथ मेरा नाम जोड़ा गया और कहा गया कि मैं इनके लिए 35 हजार प्रति माह लेकर काम करता हूं।



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मध्यप्रदेश में अपना नाम करने, पुरस्कार के लिए बनाया केस

लखन गुप्ता ने अपने 40 पेज के परिवाद में गंभीर आरोप लगाए हैं और आरोप लगाया कि एसीपी के रूप में पद संभालने के बाद करणदीप सिंह ने मप्र में नाम चमकाने के लिए ड्रग्स पर बड़ी कार्रवाई की बात कही। इसके लिए डीसीपी मीणा से बात कर टीम बनाई।



इनके जरिए 26 फरवरी 2025 को एक फर्जी दो करोड़ की ड्रग्स पकड़ने का केस शाहरूख उर्फ शहनवाज और विजय पाटीदार पर बनाया गया। इनके पास रालामंडल से 198 ग्राम एमडी ड्रग्स पकड़ना बताया और फिर एक मार्च को मुझे हिरासत में लेकर दो मार्च को गिरफ्तारी दिखाई और कहा कि मेरा नाम शाहरूख ने लिया और मैं ड्रग्स पैडलिंग में शामिल हूं।



पूरा केस फर्जी तरीके से पुरस्कार पाने के लिए किया गया। इसमें शाहरूख को मोहरा बनाया गया, जबकि उसका और पत्नी का तीसरी महिला को लेकर घरेलू विवाद चल रहा था। उसे पैडलर बताया गया और फिर उसके हवाले से मुझे ड्रग्स पैडलर का सहयोग करने वाला बताकर गिरफ्तार किया गया।



जिस पर जिला कोर्ट ने 16 दिन बाद मार्च 2025 में मुझे आरोप में मजबूत सबूत नहीं होने पर जमानत दी गई। फिर जब भोपाल व हैदराबाद की लैब रिपोर्ट से साफ हो गया कि यह ड्रग्स नहीं बल्कि यूरिया है तो फरवरी 2026 में ड्रग्स केस खारिज हो गया। इस फर्जी ड्रग्स कांड के लिए और निर्दोषों को जेल भेजने के लिए यह पुलिसकर्मी जिम्मेदार है।



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जिला कोर्ट में होंगे बयान

अधिवक्ता पाराशर ने बताया कि हमने परिवाद पेश कर दिया है और इसमें सभी सबूत लगाए हैं। यह गंभीर मामला है। इसमें पुलिसकर्मियों पर संविधान के मौलिक अधिकार का उल्लंघन कर फर्जी केस में जेल भेजने के आरोप है। इसमें कड़ी सजा और कार्रवाई की मांग की है। पहले इसमें लखन गुप्ता के बयान होंगे और आगे सुनवाई होगी।



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