इंदौर-उज्जैन रूट पर चलती बस में आग, धुआं देख रोकी, एआईसीटीएसएल ने बस ऑपरेटर को दिया नोटिस
सभी यात्री सुरक्षित, दूसरी बस से भेजे
कार्यवाही प्रतिवेदन के मुताबिक यात्रियों को बिना देर किए नीचे उतारा गया। इसमें एआईसीटीएसएल और बस ऑपरेटर ने मिलकर काम किया। फिर यात्रियों को दूसरी बस से उनकी मंजिल तक भेजा गया।
राहत की बात है कि सांवेर रोड बस हादसा जानलेवा नहीं बना। किसी यात्री, ड्राइवर या कंडक्टर के घायल होने की सूचना नहीं है। bus fire Indore से जुड़े इस मामले में कोई जनहानि नहीं हुई।
फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू की कोशिश की
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। दमकल दल ने आग पर नियंत्रण की कार्रवाई की। तब तक बस बुरी तरह जल चुकी थी।
आग का कारण जांच के बाद पता चलेगा
आग की असली वजह अभी तय नहीं है। टायर फटना और शॉर्ट सर्किट, दोनों अभी सिर्फ संभावित कारण हैं।
बस ऑपरेटर को नोटिस, तुरंत जवाब मांगा
बस की मालिक और परमिट धारक कंपनी मेसर्स दिलराज मनमीत ट्रांसपोर्टेशन प्राइवेट लिमिटेड है। इसका दफ्तर इंदौर के आरएनटी मार्ग पर श्याम टॉवर में है।
अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड ने 6 अक्टूबर को ही नोटिस भेजा। AICTSL ने नोटिस में घटना को अत्यंत गंभीर और चिंताजनक बताया है।
नोटिस में एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी
नोटिस में ऑपरेटर से आग लगने के कारणों पर लिखित जवाब मांगा गया है। जवाब तुरंत दफ्तर भेजना होगा।
ऐसा न करने पर अनुबंध के मुताबिक एकतरफा कार्रवाई होगी। नोटिस के मुताबिक इसकी पूरी जिम्मेदारी बस संचालक की होगी।
लेकिन कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक नहीं रुकी।
बस परमिट निरस्त करने की सिफारिश
एआईसीटीएसएल (अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड) ने इंदौर आरटीओ को पत्र लिखा है। यह पत्र कार्यकारी निदेशक की ओर से भेजा गया। आरटीओ (RTO – Regional Transport Officer) यानी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी।
पत्र में बस के स्टेज कैरिज परमिट क्रमांक MP2025-SC-0347A का जिक्र है। स्टेज कैरिज परमिट यानी तय रूट पर सवारी ढोने की मंजूरी। यह परमिट 4 अप्रैल 2025 से 3 अप्रैल 2030 तक वैध है।
आरटीओ से बस परमिट निरस्त करने पर नियम से फैसला लेने को कहा गया है। पत्र के मुताबिक यात्री सुरक्षा की नजर से यह घटना गंभीर है।
बस की फिटनेस की भी होगी जांच
आरटीओ से बस के फिटनेस सर्टिफिकेट की जांच करने को कहा गया है। साथ ही आग से बचाव के उपकरण और आपातकालीन निकास भी जांचे जाएंगे।
टायरों की हालत और बिजली की वायरिंग भी जांच के दायरे में है। बीमा और पीयूसी के कागज भी देखे जाएंगे। पीयूसी (PUC – Pollution Under Control) यानी प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र।
बस में आग की तकनीकी जांच होगी
कार्यवाही प्रतिवेदन के मुताबिक बस का यांत्रिक परीक्षण कराया जाएगा। आग से हुए नुकसान का आकलन भी होगा। इसी जांच से आग का असली कारण सामने आएगा।
भोपाल तक पहुंची कार्रवाई की कॉपी
नोटिस और पत्र की कॉपी भोपाल भी भेजी गई है। यह मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के प्रबंध संचालक और मुख्य महाप्रबंधक को गई है। इंदौर और उज्जैन आरटीओ को जरूरी कार्रवाई के लिए कॉपी मिली है।
क्या यह इंदौर बस हादसा बाकी बस ऑपरेटरों के लिए सबक बनेगा? एआईसीटीएसएल ने यात्रियों की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता बताया है। आगे ऐसी घटना रोकने के लिए लगातार निगरानी की बात भी कही गई है।