गुटखा थूकने छज्जे पर आया था बुजुर्ग, पास से गुजर रही 11 KV लाइन ने खींच ली सांसें
गंजबासौदा के गायत्री नगर में कैसे हुआ यह हादसा?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्रभु लाल गुटका थूक रहे थे, तभी वे घर के पास से गुजर रही 11 केवी की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गए। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया बुजुर्ग बुरी तरह झुलस गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इस हादसे में करंट लगने से बुजुर्ग की मौत हो गई।
10 साल से किराए पर रहकर मजदूरी कर रहे थे प्रभु लाल
हादसे का शिकार हुए प्रभु लाल गुप्ता मूल रूप से मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के रहने वाले थे। वे पिछले करीब दस सालों से गंजबासौदा के गायत्री नगर में किराए का कमरा लेकर रह रहे थे। वे पेशे से मिस्त्री थे और मेहनत-मजदूरी करके अपना गुजारा चलाते थे। उनकी अचानक हुई मौत से आसपास के पड़ोसियों और पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल छा गया है। यह करंट हादसा सामने आने के बाद इलाके में बिजली व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
बिजली कंपनी की लापरवाही
इस हादसे के बाद इलाके के लोगों में बिजली कंपनी के खिलाफ काफी गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों के पास से गुजर रही इन खतरनाक बिजली की तारों को हटाने के लिए कई बार शिकायत की गई थी। लोग दफ्तर जाकर भी अधिकारियों से गुहार लगा चुके थे, लेकिन किसी ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया।
पार्षद ने उठाई मेंटेनेंस और सुरक्षा की मांग
वार्ड पार्षद मनीष विश्वकर्मा ने इलाके की लचर बिजली व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने बताया कि इस इलाके में बिजली लाइनों और जरूरी उपकरणों का समय पर मेंटेनेंस नहीं किया जाता है। कई जगहों पर 11 केवी की हाईटेंशन लाइनें मकानों के बिल्कुल करीब से निकल रही हैं। इससे हर समय लोगों की जान का खतरा बना रहता है। पार्षद ने बिजली विभाग से मांग की है कि इलाके की सभी तारों और उपकरणों की तुरंत जांच कराई जाए और जरूरी सुधार किए जाएं।
बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं हटी तार
दूसरी ओर, मकान मालकिन ने भी बिजली कंपनी की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि घर के बिल्कुल पास से गुजर रही इस हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए वे कई बार बिजली कंपनी के अधिकारियों से गुहार लगा चुकी थीं। अधिकारियों ने हर बार लाइन को जल्द हटाने का भरोसा दिया था। महीनों बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। मकान मालकिन के अनुसार, अधिकारियों की इसी अनदेखी के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें बुजुर्ग की जान चली गई।
ये खबर क्यों जरूरी है?
यह खबर सिर्फ एक हादसे की नहीं है, बल्कि बिजली विभाग की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करती है। रिहायशी इलाकों में घरों के पास से गुजरने वाले 11 केवी के खतरनाक तार लोगों की जान के लिए खतरा बन सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार इन तारों को हटाने की शिकायत की थी। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। समय रहते इन शिकायतों पर ध्यान दिया जाता और सुरक्षा के इंतजाम किए जाते, तो शायद बुजुर्ग की जान बच सकती थी। गंजबासौदा बुजुर्ग करंट हादसा (Ganjbasoda High Tension Line Accident) बिजली विभाग और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि लोगों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।