ट्विशा शर्मा केस: पूर्व जज गिरिबाला ने पिछली बहू को भी किया था प्रताड़ित, CBI ने लगाए बेहद गंभीर आरोप

Neel Tiwari | Sept 28, 2026, 12:15 IST
ट्विशा शर्मा केस में गिरिबाला सिंह की जमानत का CBI ने विरोध किया है। Photograph: (The Sootr)
ट्विशा शर्मा केस में गिरिबाला सिंह की जमानत के खिलाफ जवाब पेश किया गया है। CBI ने 62 गवाहों के बयान और जांच रिपोर्ट सहित 1154 पन्नों का जवाब दाखिल किया है। गिरिबाला पर मानसिक प्रताड़ना, बेटे समर्थ का पक्ष लेने और जांच प्रभावित करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • CBI ने जमानत के विरोध में 1154 पन्नों का जवाब दिया है।
  • गिरिबाला पर ट्विशा को मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप हैं।
  • ट्विशा के पिता ने गिरिबाला को समर्थ के ड्रग्स लेने की जानकारी दी थी।
  • गिरिबाला सिंह ने समर्थ की पिछली पत्नी को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था, CBI का दावा।
  • कॉल ट्रांसक्रिप्ट सहित बैंक रिकॉर्ड भी रिपोर्ट में शामिल हैं।

Twisha sharma case: मध्य प्रदेश के चर्चित ट्विशा शर्मा मर्डर केस में जल्द सुनवाई होनी है। पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने जमानत के लिए हाई कोर्ट का रुख किया है। CBI ने उनकी जमानत का विरोध किया है। एजेंसी ने कोर्ट में 1154 पन्नों का जवाब पेश किया है। इस जवाब में मामले से जुड़े 62 गवाहों के बयान शामिल हैं।



गिरिबाला की भूमिका को लेकर कई आरोप लगाए गए हैं। CBI ने बातचीत, कॉल रिकॉर्ड, बैंक रिकॉर्ड और मेडिकल दस्तावेजों का हवाला दिया है। जांच में ट्विशा और उसके परिवार की बातचीत भी शामिल की गई है। गिरिबाला और समर्थ से जुड़ी बातचीत को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।



साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि गिरिबाला सिंह ने समर्थ की पिछली पत्नी को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था।



गिरिबाला पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप

इस जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। पेश किए गए जवाब में CBI ने गिरिबाला की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, शादी के बाद से ट्विशा मानसिक दबाव में थी। उसके पुराने रिश्तों को लेकर ताने दिए जाने का दावा किया गया है।



CBI के अनुसार, समर्थ द्वारा गाली देने पर गिरिबाला के समर्थन की बात सामने आई है। ट्विशा जब समर्थ की शिकायत करती थी, तब भी बेटे का पक्ष लेने का आरोप लगाया गया है। CBI ने इन घटनाओं को लगातार मानसिक दबाव का हिस्सा बताया है।



एजेंसी के अनुसार, ट्विशा अपने ही घर में अकेलापन महसूस कर रही थी। उसके परिवार से हुई बातचीत को भी जांच में शामिल किया गया है।


कातिल कहने का आरोप भी CBI की रिपोर्ट में



CBI की रिपोर्ट में 6 मई की घटना का भी जिक्र है। इसी दिन ट्विशा ने अबॉर्शन कराया था। इसके बाद गिरिबाला से उसका विवाद होने की बात सामने आई है।



ट्विशा ने अपनी भाभी राशि अबरोल को इसकी जानकारी दी थी। उसने गिरिबाला पर तीन बार कातिल कहने का आरोप लगाया था। इस बातचीत को CBI ने अपनी जांच में शामिल किया है।



इसके बाद ट्विशा ने परिवार से अपनी परेशानी साझा की थी। 9 मई की बातचीत में उसने मानसिक दबाव की बात कही थी। उसने कहा था कि उसका दम घुट रहा है।



गिरिबाला ने कहा था- मैं उसे कभी माफ नहीं करूंगी

CBI की रिपोर्ट में एक ट्रांसक्रिप्ट ऐसी भी है, जिसमें गिरिबाला सिंह से ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और मां की बातचीत का जिक्र है। यह रिकॉर्डिंग तब की है, जब कथित तौर पर समर्थ ने ट्विशा से अपशब्द कहते हुए झगड़ा किया था।



इसके बाद ट्विशा अपने घर चली गई थी। ट्विशा के पिता और मां गिरिबाला से बात कर उसे मनाने की कोशिश कर रहे थे।



गिरिबाला ने आरोप लगाया था कि ट्विशा उनसे बात किए बिना घर से चली गई। इसी बातचीत में गिरिबाला ने कहा था कि "मैं इसे न कभी भूलूंगी, न माफ करूंगी।"



गिरिबाला को थी समर्थ के ड्रग्स लेने की जानकारी

CBI की रिपोर्ट में समर्थ के ड्रग्स लेने का तथ्य भी अहम बताया गया है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने गिरिबाला को यह जानकारी दी थी।



उन्होंने बताया था कि समर्थ ड्रग्स लेता है। उन्होंने उसके कई तरह के ड्रग्स लेने की बात भी कही थी। इस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग की ट्रांसक्रिप्ट CBI ने कोर्ट में जमा की है।



यानी यह जानकारी केवल आरोप के रूप में नहीं रखी गई है। CBI ने बातचीत के रिकॉर्ड को भी जांच दस्तावेजों में शामिल किया है।



ट्विशा को भी समर्थ के ड्रग्स लेने से बच्चे पर असर का डर था। उसे बच्चे के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता थी।



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अबॉर्शन के बाद भी ट्विशा पर सवाल उठाने का आरोप

CBI के अनुसार, अबॉर्शन के बाद समर्थ ने ट्विशा से सवाल किए थे। उससे बच्चे के पिता को लेकर सवाल पूछे जाने की बात सामने आई है।



ट्विशा ने इस बातचीत से परेशान होकर अपनी मां और भाभी से बात की थी। उसने समर्थ के व्यवहार को लेकर शिकायत की थी। गिरिबाला पर बेटे के व्यवहार का समर्थन करने का आरोप भी लगाया गया है।



CBI ने इन घटनाओं को मौत से पहले के मानसिक दबाव से जोड़ा है। रिपोर्ट में ट्विशा की लगातार बढ़ती परेशानी का भी जिक्र है। इसी वजह से अबॉर्शन के बाद का घटनाक्रम जांच में अहम माना गया है।



पैसों और शेयर को लेकर भी गिरिबाला पर दबाव का आरोप

CBI ने आर्थिक विवादों का भी अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है। रिपोर्ट के अनुसार, शादी में 2 लाख रुपये नकद दिए गए थे। इसके बाद शादी के खर्च को लेकर ताने देने का आरोप है।



ट्विशा के करीब 20 लाख रुपये के शेयर भी जांच में बताए गए हैं। इन शेयरों को संयुक्त खाते में डालने का दबाव होने की बात सामने आई है।



CBI ने पैसों से जुड़े इन विवादों को भी जांच में शामिल किया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ट्विशा पुराने रिश्तों को लेकर दिए गए तानों से परेशान थी।



समर्थ के व्यवहार को लेकर उसकी शिकायतों का भी जिक्र किया गया है।



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गिरिबाला पर बेटे को उकसाने का भी आरोप

CBI के जवाब में गिरिबाला की भूमिका को लेकर एक और आरोप लगाया गया है। एजेंसी के अनुसार, वह समर्थ को ट्विशा के खिलाफ भड़काती थीं।



ट्विशा के पुराने रिश्तों को लेकर समर्थ को ताने देने के लिए उकसाने की बात कही गई है। रिपोर्ट में समर्थ द्वारा इस्तेमाल किए गए अपमानजनक शब्दों का भी जिक्र है।



CBI का आरोप है कि गिरिबाला ने इस व्यवहार को रोकने के बजाय उसका समर्थन किया। ट्विशा जब इसकी शिकायत करती थी, तब उसकी बात नजरअंदाज किए जाने का दावा है।



CBI ने इस पूरे घटनाक्रम को मानसिक प्रताड़ना के संदर्भ में देखा है।



पिछली बहू को लेकर भी CBI ने किया खुलासा

CBI की जांच में गिरिबाला के परिवार से जुड़ा एक और आरोप सामने आया है। रिपोर्ट में बड़े बेटे की पूर्व पत्नी दिव्या सिंह का जिक्र है। उसके साथ भी मानसिक दबाव की बात कही गई है। बच्चे नहीं होने और नौकरी नहीं करने को लेकर उसे परेशान करने का आरोप लगाया गया है।



CBI ने इस जानकारी को भी अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है। एजेंसी ने इसे परिवार में पहले के व्यवहार के संदर्भ में रखा है।



हालांकि, इस मामले का सीधा संबंध ट्विशा की मौत से अलग जांच के हिस्से के रूप में देखा गया है।



मौत से पहले ट्विशा लगातार मदद मांग रही थी

CBI की रिपोर्ट में ट्विशा की कई बातचीत को शामिल किया गया है। 30 अप्रैल को उसने अपनी मां से परेशानी साझा की थी। वहीं, 7 मई को उसने मां से उसे लेने आने को कहा था।



9 मई को उसने फिर मानसिक दबाव की बात कही थी। 11 मई को उसने ड्रग्स को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का जिक्र किया था।



उसने बताया था कि उसे भी ड्रग्स लेने वाला समझा जा रहा है। उससे डार्क वेब से ड्रग्स मंगाने को लेकर सवाल किए जाने की बात सामने आई है।



CBI ने इन बातचीत को मौत से पहले ट्विशा की मानसिक स्थिति समझने में अहम माना है।



मौत वाले दिन भी ट्विशा ने परिवार से मदद मांगी

12 मई की रात ट्विशा ने अपनी भाभी को आखिरी मैसेज किया था। यह मैसेज रात 9 बजकर 36 मिनट पर भेजा गया था। इसके बाद उसने पिता से व्हाट्सएप कॉल पर बात की। CBI के अनुसार, उसने समर्थ के आक्रामक व्यवहार की बात कही थी।



उसने पिता से तुरंत भोपाल आने को कहा था। रात 10 बजकर 5 मिनट पर मां से भी उसकी बात हुई थी।



इसके बाद फोन अचानक कट गया था। मां ने समर्थ और गिरिबाला को कई कॉल किए थे। CBI ने इसके बाद की CCTV गतिविधियों को भी जांच में शामिल किया है।



दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत आत्महत्या बताई गई

ट्विशा की मौत के बाद एम्स भोपाल में पहला पोस्टमार्टम हुआ था। इसके बाद एम्स दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। दिल्ली के मेडिकल बोर्ड में 12 डॉक्टर शामिल थे। रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी से दम घुटना बताया गया है। मौत की प्रकृति आत्महत्या (ट्विशा शर्मा सुसाइड केस) बताई गई है।



शरीर पर फांसी के निशान के अलावा कोई चोट नहीं मिली। जो अन्य चोटें थीं, वह शव उतारते समय आने की बात कही गई है।



मारपीट या संघर्ष के निशान भी नहीं मिले। CBI ने इस मेडिकल रिपोर्ट को अपनी जांच का हिस्सा बनाया है।



CBI ने आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों पर जोर दिया

पोस्टमार्टम रिपोर्ट मौत की प्रकृति बताती है। CBI ने इसके साथ मौत से पहले की परिस्थितियों की भी जांच की है। एजेंसी की मनोवैज्ञानिक जांच में गहरी निराशा का जिक्र है। रिपोर्ट में लगातार मानसिक उत्पीड़न की बात कही गई है।



ट्विशा के अकेलेपन और सहयोग नहीं मिलने का भी उल्लेख है। CBI के अनुसार, इन परिस्थितियों ने उसकी मानसिक स्थिति पर असर डाला।



एजेंसी ने मौत से पहले के मैसेज और बातचीत को भी जांच में शामिल किया है। इस तरह CBI ने केवल मौत के कारण नहीं, बल्कि उससे पहले के घटनाक्रम पर भी जोर दिया है।



गिरिबाला कर सकती हैं गवाहों को प्रभावित - CBI

CBI ने गिरिबाला सिंह के पुराने पद का भी जिक्र किया है। वह रिटायर्ड जिला जज और जिला उपभोक्ता फोरम की अध्यक्ष रह चुकी हैं। CBI ने उनकी स्थिति को देखते हुए गवाहों को प्रभावित करने की आशंका जताई है। एजेंसी ने जांच में हस्तक्षेप की संभावना भी बताई है।



क्राइम सीन को लेकर भी CBI ने सवाल उठाए हैं। एजेंसी के अनुसार, गिरिबाला और समर्थ ने वॉयस सैंपल देने में सहयोग नहीं किया था।



बाद में कोर्ट के आदेश के बाद दोनों के वॉयस सैंपल लिए गए। क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन में सहयोग नहीं करने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।



CBI ने डिजिटल सबूतों को भी जांच में शामिल किया

सीबीआई ने चार्जशीट नंबर 15/2026 दाखिल की है। इसमें BNS की धारा 85, 108 और 3(5) लगाई गई हैं।



आगे की जांच जारी रहने की बात भी कही गई है। ट्विशा के आईफोन का डेटा जांच के लिए भेजा गया है।



घर का CCTV DVR भी CFSL नई दिल्ली भेजा गया है। कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट को भी जांच में शामिल किया गया है।



गिरिबाला और ट्विशा की बातचीत की ट्रांसक्रिप्ट भी रिपोर्ट में शामिल है। ट्विशा के पिता और गिरिबाला के बीच हुई बातचीत की ट्रांसक्रिप्ट भी अहम बताई गई है।



CBI ने इन्हीं रिकॉर्ड के आधार पर गिरिबाला की जमानत का विरोध किया है।



HC की सुनवाई में CBI की आपत्ति पर नजर

हाईकोर्ट में गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होगी। यह मामला जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की बेंच के सामने लगभग रोज लिस्ट हो रहा है।



सीरियल नंबर काफी आगे होने के कारण मामले की सुनवाई चल रही है। हालांकि, CBI ने जमानत के विरोध में 1154 पन्नों का जवाब पेश किया है।



इस जवाब में गिरिबाला पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। बेटे के व्यवहार का समर्थन करने का आरोप भी लगाया गया है।



ट्विशा को कातिल कहने का आरोप भी जांच में दर्ज है। समर्थ के ड्रग्स लेने की जानकारी गिरिबाला को दिए जाने की बात भी सामने आई है।



इस बातचीत की कॉल ट्रांसक्रिप्ट CBI ने कोर्ट में पेश की है। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत को आत्महत्या बताया गया है।



वहीं, CBI ने मौत से पहले की मानसिक और पारिवारिक परिस्थितियों पर जोर दिया है। अब हाईकोर्ट इस पूरे रिकॉर्ड पर सुनवाई करेगा।



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