ट्विशा शर्मा केस: धारा 108 पर फंसी गिरिबाला की जमानत, हाईकोर्ट ने दिया अमेंडमेंट का समय
गिरिबाला सिंह की जमानत (Giribala Singh bail) की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को दोपहर 2:30 बजे होगी।
धारा 108 को लेकर हाई कोर्ट ने उठाया सवाल
ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर बुधवार 30 सितंबर को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। मामला जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की सिंगल बेंच के सामने लगा। बीते करीब दो हफ्तों से यह मामला लगातार लिस्ट हो रहा था, लेकिन कॉज लिस्ट में नंबर काफी आगे होने के कारण सुनवाई टलती रही। आखिरकार बुधवार को मामले की सुनवाई शुरू हुई और गिरिबाला की ओर से अधिवक्ता ने जमानत के पक्ष में दलीलें रखना शुरू कीं।
जमानत आवेदन में धारा 108 को चुनौती नहीं
सुनवाई के दौरान गिरिबाला की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि भोपाल पुलिस की ओर से दर्ज मामले की जांच के बाद CBI ने धारा 108 जोड़ी है। इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि मौजूदा जमानत आवेदन में धारा 108 को लेकर न तो कोई चुनौती दी गई है और न ही इस धारा के संबंध में कोई पक्ष रखा गया है।
गिरिबाला की ओर से बताया गया कि जमानत याचिका दायर होने के बाद CBI ने चालान पेश किया है। चालान में धारा 108 जोड़ी गई है। धारा 108 आत्महत्या के लिए उकसाने के मामलों में लगाई जाती है।
कोर्ट ने कहा- चालान के बाद आवेदन में सुधार होना था
इस पर हाई कोर्ट ने कहा कि जब चालान पेश हो गया था और धाराओं में बदलाव हुआ था, तब जमानत आवेदन में भी आवश्यक सुधार किया जाना चाहिए था। कोर्ट ने सवाल किया कि जब जमानत आवेदन में धारा 108 के खिलाफ कोई पक्ष ही नहीं रखा गया है तो इस धारा को लेकर बहस कैसे की जा सकती है।
इसके बाद गिरिबाला की ओर से जमानत आवेदन में संशोधन के लिए समय मांगा गया।
8 अक्टूबर को अगली सुनवाई
हाई कोर्ट ने जमानत आवेदन में सुधार के लिए समय दे दिया है। गिरिबाला की ओर से जमानत आवेदन में आवश्यक संशोधन कर इसे 1 अक्टूबर को कोर्ट में जमा किया जाएगा। इसके बाद संशोधित आवेदन की प्रति सभी प्रतिवादियों और आपत्तिकर्ताओं को उपलब्ध कराई जाएगी।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को दोपहर 2:30 बजे जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की सिंगल बेंच में होगी। अगली सुनवाई में संशोधित जमानत आवेदन के आधार पर गिरिबाला की ओर से दलीलें रखी जाएंगी और CBI सहित अन्य पक्षों का जवाब सामने आएगा।
1154 पन्नों के जवाब में CBI ने लगाए हैं आरोप
इससे पहले CBI ने गिरिबाला की जमानत का विरोध करते हुए हाई कोर्ट में 1154 पन्नों का जवाब दाखिल किया था। इसमें 62 गवाहों के बयान, कॉल ट्रांसक्रिप्ट, बैंक रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज और डिजिटल सबूत शामिल हैं।
CBI ने गिरिबाला पर ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, बेटे समर्थ का पक्ष लेने और जांच प्रभावित करने की आशंका जैसे आरोप लगाए हैं। CBI ने यह भी दावा किया है कि गिरिबाला को समर्थ के ड्रग्स लेने की जानकारी दी गई थी। इसके अलावा ट्विशा की मौत से पहले परिवार के साथ हुई बातचीत और उसके आखिरी दिनों के घटनाक्रम को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
ट्विशा की मौत और मेडिकल रिपोर्ट
CBI जांच में ट्विशा की मौत से पहले की परिस्थितियों पर भी जोर दिया गया है। एम्स दिल्ली के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी से दम घुटना और मौत की प्रकृति आत्महत्या बताई गई है।
CBI ने इसके साथ ट्विशा की मौत से पहले की बातचीत, मैसेज, कॉल रिकॉर्ड, CCTV और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को जांच में शामिल किया है। अब 8 नवंबर की सुनवाई में जमानत आवेदन में धारा 108 को लेकर किए जाने वाले संशोधन के बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।