गूगल को भ्रामक विज्ञापन दिखाना पड़ा भारी, अब 260 रुपए के अखरोट पर चुकाना पड़ेगा 81 गुना जुर्माना
कैसे शुरू हुआ यह विवाद?
ग्वालियर के रहने वाले बृजमोहन महाजन के साथ यह अजीबोगरीब मामला सामने आया है। 3 अक्टूबर 2023 के दिन महाजन अपने फोन पर गूगल नेटवर्क के जरिए खबरें पढ़ रहे थे। उसी समय स्क्रीन पर एक ऑनलाइन विज्ञापन नजर आया।
इस विज्ञापन में दावा किया गया था कि एक किलो अखरोट खरीदने पर पूरे 87 फीसदी की छूट दी जा रही है। यह ऑफर हैप्पी अवर्स-6 दिवाली सेल ऑनलाइन नाम की वेबसाइट पर उपलब्ध बताया गया था। भारी छूट देखकर बृजमोहन महाजन ने तुरंत उस पर भरोसा कर लिया। इसके बाद ऑनलाइन पैसे देकर ऑर्डर बुक कर दिया।
पैसे कटे लेकिन नहीं आया सामान
सामान खरीदने के लिए ग्राहक ने 260 रुपए का ऑनलाइन भुगतान कर दिया था। इसके बाद ग्राहक को न तो अखरोट का पैकेट मिला। न ही बेचने वाली कंपनी की तरफ से कोई फोन या मैसेज आया।
ग्राहक ने काफी समय तक सामान आने का इंतजार किया। जब कहीं से कोई मदद नहीं मिली और समस्या का हल नहीं निकला, तो उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अपनी शिकायत में गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के जिम्मेदार अधिकारी को पक्षकार बनाया।
उपभोक्ता आयोग में हुई सुनवाई
आयोग के सामने पीड़ित ग्राहक ने अपने पक्ष में जरूरी कागज और शपथ पत्र जमा किए। सुनवाई के दौरान आयोग ने देखा कि 87 प्रतिशत की भारी छूट दिखाई गई। साथ ही केवल 260 रुपए में एक किलो अखरोट देने का लालच दिया गया था। यह विज्ञापन सीधे तौर पर ग्राहक को आकर्षित करने के लिए बनाया गया था।
आयोग ने यह भी नोट किया कि शिकायत मिलने के बाद भी गूगल ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया था। आयोग के अनुसार फर्जी विज्ञापन की जानकारी मिलने के बाद भी उस पर सही कदम न उठाना सेवा में कमी माना जाएगा।
हर्जाने का पूरा हिसाब-किताब
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने इस मामले में गूगल को जिम्मेदार ठहराते हुए फैसला सुनाया है।
- मूल रकम की वापसी: ग्राहक के कटे हुए 260 रुपए वापस करने होंगे।
- मानसिक परेशानी और खर्च का मुआवजा: ग्राहक को हुई परेशानी और केस लड़ने में हुए खर्च के लिए 21 हजार रुपए देने होंगे।
- कुल भुगतान: गूगल को 45 दिनों के अंदर कुल 21 हजार 260 रुपये देने का आदेश मिला है।
- देरी पर ब्याज: अगर 45 दिन में पैसे नहीं दिए गए, तो आदेश की तारीख से पूरी रकम पर 6 प्रतिशत सालाना ब्याज भी भरना पड़ेगा।
उपभोक्ता आयोग की जरूरी सलाह
उपभोक्ता आयोग ने आम लोगों को भी साफ तौर पर सावधान किया है। बहुत ज्यादा छूट वाले लुभावने विज्ञापनों को देखकर तुरंत पैसे देने से बचना चाहिए। ऑनलाइन खरीदारी करते समय पूरी पड़ताल करना बहुत जरूरी है।
- गूगल पर किस बात के लिए जुर्माना लगाया गया है?
गूगल पर भ्रामक ऑनलाइन विज्ञापन दिखाने और उस पर शिकायत मिलने के बाद भी विज्ञापनदाता के खिलाफ कोई ठोस कदम न उठाने के कारण यह जुर्माना लगाया गया है। - अगर अखरोट मामले में गूगल ने 45 दिन में पैसे नहीं दिए तो क्या होगा?