पाकिस्तानी गोरी ब्यूटी क्रीम से किडनी को खतरा, 18 महिलाएं हो चुकीं शिकार! भारत में बैन फिर भी एमपी में हो रही बिक्री

Aman Vaishnav | Sootr Creatives | Nov 07, 2026, 14:13 IST
पाकिस्तानी गोरी ब्यूटी क्रीम में मिला 5700 गुना ज्यादा मर्करी, गोरेपन की चाहत में युवतियों की किडनियां हो रहीं खराब।
Pakistani Gori Beauty Cream Found With Toxic Mercury Levels Causing Severe Kidney Damage Among Women In India
दिवाली का समय चल रहा है और चारों ओर बाजार में शॉपिंग का माहौल बना हुआ है। जब भी त्योहार की बात आती है, तो लड़कियों और महिलाओं के दिमाग में सबसे पहले सजने-संवरने और मेकअप का ख्याल आता है। इसके लिए फेशियल से लेकर तरह-तरह की फेयरनेस क्रीमों की खूब खरीदारी होती है।

जरा सोचिए, जिस क्रीम को आप गोरा दिखने के लिए चेहरे पर लगा रही हैं, अगर वही आपकी किडनी खराब करने लगे तो? पाकिस्तान में बनी गोरी ब्यूटी क्रीम (गोरी ब्यूटी क्रीम से किडनी पर खतरा) को लेकर कुछ ऐसा ही बेहद डरावना मामला सामने आया है।



महाराष्ट्र के नागपुर में इस क्रीम का इस्तेमाल करने वाली करीब 18 महिलाओं में किडनी की गंभीर बीमारी पाई गई है। जब डॉक्टरों ने इस क्रीम की लैब में जांच करवाई, तो इसमें 5700 PPM तक मर्करी (पारा) निकला। कॉस्मेटिक्स नियमों के मुताबिक किसी क्रीम में पारे की मात्रा 1 PPM से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।



यानी इसमें जहर की तरह हजारों गुना ज्यादा मर्करी भरा हुआ था। इसके बाद Maharashtra FDA ने इस पर फौरन रोक लगा दी। वहीं मध्य प्रदेश के बाजारों और ऑनलाइन साइट्स पर यह अब भी आराम से बिक रही है। केंद्रीय संस्था CDSCO भी इसे लेकर चेतावनी जारी कर चुकी है।



भोपाल के बाजारों में भी बिक रही क्रीम

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भोपाल के बाजारों में भी यह क्रीम बिक रही है। इसकी बिक्री के लिए दुकानदार अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं।



दुकान में नहीं रखते, 10 मिनट में मंगाकर देते हैं:



मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भोपाल के बाजारों में भी यह क्रीम बिक रही है। बुधवारा में कुछ दुकानों पर यह क्रीम उपलब्ध है। दुकानदार इसकी कीमत 400 से 500 रुपए तक बता रहे हैं। वहीं, कुछ दुकानदार इसे खुले तौर पर बेचने के बजाय दूसरे तरीके अपना रहे हैं।



दुकानदारों का कहना है कि वह इसे दुकान में नहीं रखते, लेकिन ऑर्डर मिलने पर 10 मिनट में मंगाकर दे सकते हैं। बता दें कि इस क्रीम के डिब्बे पर मेड इन पाकिस्तान लिखा होता है।



क्रीम में क्यों मिलाया जाता है मर्करी?

मर्करी त्वचा में मेलेनिन बनने की प्रक्रिया को रोकता है। मेलेनिन ही हमारी त्वचा को उसका कुदरती रंग देता है। यह धूप की हानिकारक किरणों से भी बचाता है। जब शरीर में मेलेनिन बनना कम हो जाता है, तो चेहरा अचानक गोरा दिखने लगता है और दाग-धब्बे भी हल्के पड़ जाते हैं। इसी वजह से कुछ कंपनियां क्रीम में मर्करी की मात्रा ज्यादा मिला देती हैं।



पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अनिमेश सक्सेना के मुताबिक, चेहरे पर लगाई जाने वाली ऐसी क्रीम त्वचा के अंदर तक पहुंच जाती है। वहां से मर्करी शरीर में जाकर किडनी और लिवर जैसे जरूरी अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। Zero Mercury Working Group की रिपोर्ट में भी बताया गया है कि पूरे उपमहाद्वीप में बिकने वाले कई स्किन केयर प्रोडक्ट्स में पारे की मात्रा तय सुरक्षित सीमा से बहुत ज्यादा है।



नागपुर में 20 साल की लड़कियों की किडनी पर असर

नागपुर के किडनी स्पेशलिस्ट्स के पास 2023-24 से ऐसे मामले आ रहे थे, जहां करीब 18 महिलाओं में मेम्ब्रेनस नेफ्रोपैथी नाम की किडनी की बीमारी पाई गई। इनमें से ज्यादातर पीड़ित लड़कियां महज 20 साल के आसपास की थीं। सब नियमित रूप से गोरी क्रीम लगा रही थीं। इन मरीजों के चेहरे, हाथ-पैरों और पूरे शरीर पर सूजन आ गई थी। इसके अलावा यूरिन में झाग बनने की गंभीर समस्या हो रही थी।



आईआईटी हैदराबाद की रिसर्च में भी खुला था राज

इससे पहले साल 2021 में IIT हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने भारत में बिकने वाली फेयरनेस क्रीमों की जांच की थी। उन्होंने पाया कि भारत में बनी 34 क्रीमों में मर्करी बहुत कम था, लेकिन बाहर से आयात (इंपोर्ट) होकर आने वाली 14 क्रीमों में मर्करी का औसत 9.24 मिलियन माइक्रोग्राम प्रति किलो तक था। यह सुरक्षित सीमा (1 PPM) से हजारों गुना अधिक था। इससे शरीर के भीतर जहरीला पारा पहुंचने का भारी खतरा साबित हुआ।



भारत कैसे पहुंची यह क्रीम?

भारत सरकार ने 2 मई 2025 को ही पाकिस्तान से आने वाले सभी सामानों पर पूरी तरह रोक लगा दी थी।



इसके बावजूद सितंबर 2026 में CDSCO (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) को गोरी ब्यूटी क्रीम और चांदनी व्हाइटनिंग क्रीम को लेकर पब्लिक हेल्थ वॉर्निंग जारी करनी पड़ी। CDSCO ने साफ किया कि इन दोनों क्रीमों के पास भारत में बिक्री का कोई कानूनी इम्पोर्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं है। साथ ही इनमें तय सीमा से बहुत ज्यादा हेवी मेटल्स मौजूद हैं।



सरकार ने लोगों से इन्हें बिल्कुल न खरीदने, लगाने वालों को तुरंत बंद करने और दुकानदारों को इनकी बिक्री व विज्ञापन रोकने का आदेश दिया है। ऐसे में सवाल अब भी है कि आखिर ये क्रीम भारत में आई कहां से?



ऑनलाइन भी धड़ल्ले से बिक रही क्रीम

यह खतरनाक क्रीम सिर्फ गली मोहल्ले की दुकानों पर ही नहीं, बल्कि इंटरनेट पर भी आसानी से मिल रही है। IMPEXBEAUTY, KartWalk और Healthmug जैसी वेबसाइटों पर गोरी क्रीम 600 से 700 रुपए तक में लिस्टेड है। वहीं भोपाल की दुकानों पर यह 300 से 400 रुपए में बेची जा रही है।



त्योहारों के इस सीजन में गोरेपन के फेर में पड़कर अपनी सेहत को दांव पर न लगाएं। चेहरे पर लगाने के लिए कोई भी प्रोडक्ट खरीदने से पहले उसकी पैकेजिंग, बनाने वाली कंपनी का नाम और सरकारी रजिस्ट्रेशन जरूर चेक करें। किसी भी अनजान या बिना रजिस्ट्रेशन वाली फेयरनेस क्रीम से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें।



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