गुजरात-एमपी से जैश के 8 आतंकी गिरफ्तार, पूछताछ शुरू
समझें क्या है पूरा मामला
- गुजरात एटीएस ने आठ संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारियां गुजरात और मध्य प्रदेश से हुईं।
- आरोपी अलग-अलग जिलों से पकड़े गए हैं।
- दो आरोपियों की उम्र 18 और 19 वर्ष है।
- एटीएस कथित आतंकी संबंधों की जांच कर रही है।
गुजरात में बना रहे थे नेटवर्क
जांच में सामने आया कि ये सभी आरोपी गुजरात में सक्रिय नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश में जुटे थे। मकसद था आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना। एटीएस को इस बारे में पहले से इनपुट मिल रहे थे।
गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने तुरंत पूछताछ शुरू कर दी। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इनका नेटवर्क कितना बड़ा है। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि इन्हें फंडिंग और मदद कहां से मिल रही थी।
जैश का आतंकी गिरफ्तारदो आरोपियों की उम्र काफी कम है। एक की उम्र 18 साल है और दूसरे की 19 साल। इससे साफ है कि आतंकी संगठन कम उम्र के युवाओं को भी अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
एमपी के देवास से भी गिरफ्तारी
आतंकियों में सात संदिग्ध पाटन और नवसारी से पकड़े गए। एक संदिग्ध देवास से गिरफ्तार किया गया। उसका नाम बिलाल दुर्रानी घाघरा बताया गया है।सभी पर जैश ए मोहम्मद से जुड़ाव का संदेह है। जांच में स्लीपर सेल बनाने की तैयारी सामने आई। आरोपी इंटरनेट मीडिया से पाकिस्तानी आकाओं से जुड़े थे। वे आतंकी गतिविधियों की जानकारी साझा करते थे। उनका मकसद गुजरात में आतंकी नेटवर्क बनाना था। जांच एजेंसी बड़ी साजिश की आशंका जता रही है।
मसूद अजहर ने बनाया था जैश
जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान का कुख्यात आतंकी संगठन है। इसे आतंकी मसूद अजहर ने साल 2000 में बनाया था। भारत सहित कई देशों में इस पर आतंकी हमलों के आरोप लगते रहे हैं।
संगठन का मुख्यालय पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर शहर में है। यहीं से यह संगठन अपने नेटवर्क को संचालित करता है। पाकिस्तान के कई इलाकों में इसके ट्रेनिंग कैंप भी बताए जाते हैं।
मसूद अजहर को साल 1994 में जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया था। लेकिन दिसंबर 1999 में एक बड़ी घटना हुई। इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट आईसी-814 (IC-814) का अपहरण हुआ था। बंधकों की रिहाई के बदले भारत सरकार को मसूद अजहर को छोड़ना पड़ा था।
पहले भी हुई हैं ऐसी गिरफ्तारियां
यह पहली बार नहीं है जब गुजरात एटीएस ने ऐसी कार्रवाई की हो। इससे पहले 21 अप्रैल 2026 को भी एक बड़ा ऑपरेशन हुआ था। तब आईएसआईएस (ISIS – Islamic State of Iraq and Syria) से जुड़े
दो आतंकी पकड़े गए थे।
एटीएस के अनुसार वे दोनों आरोपी सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुए थे। जांच में सामने आया कि वे देश में गजवा-ए-हिंद स्थापित करने की साजिश रच रहे थे। एएनआई (ANI – Asian News International) के मुताबिक उन दोनों आरोपियों को 11 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था।
इन घटनाओं से साफ है कि गुजरात में आतंकी नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को बरगलाने के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं।
इनकी हुई गिरफ्तारी
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