आजादी के जश्न में बंटवारे पर भिड़े भाजपा-कांग्रेस नेता, हाथापाई की आई नौबत
समझें क्या है पूरा मामला...
- गुना में स्वतंत्रता दिवस समारोह हंगामे में बदल गया।
- सीएम राइज स्कूल में भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच बहस हुई।
- बहस इतनी बढ़ी कि दोनों तरफ के समर्थक मंच पर आ गए।
- आरोप है कि धक्का-मुक्की तक की नौबत आई।
- आयोजकों को कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ा।
देशभक्ति के मंच पर सियासत
एकतरफ देशभर में 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर गुना के कुंभराज तहसील स्थित सीएम राइज स्कूल में माहौल कुछ अलग था। यहां स्वतंत्रता दिवस का मंच देखते ही देखते राजनीतिक बहस का अखाड़ा बन गया।
स्कूल में हुए कार्यक्रम में भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को आमंत्रित किया गया था। सैकड़ों छात्र-छात्राएं और ग्रामीण देशभक्ति का माहौल देखने पहुंचे थे।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य था लेकिन देखते ही देखते एक नेता के भाषण के बाद माहौल अचानक बदल गया।
भाजपा नेता ने उठाए विभाजन पर सवाल
कार्यक्रम में भाजपा नेता राजबहादुर सिंह चौहान ने माइक संभाला। उन्होंने भाषण में 1947 के विभाजन का जिक्र किया। उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व और महात्मा गांधी पर सवाल उठाए।
राजबहादुर सिंह ने पूछा कि आजादी के साथ देश के दो टुकड़े क्यों हुए। उन्होंने यह भी पूछा कि विभाजन किसकी मांग पर हुआ था।
भाषण के दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके विधायक पुत्र जयवर्धन सिंह पर भी टिप्पणी की। इस टिप्पणी ने माहौल को और गर्म कर दिया।
कांग्रेस नेता ने जताई आपत्ति
भाजपा नेता के भाषण पर मंच पर मौजूद वरिष्ठ कांग्रेस नेता राधेश्याम मीणा (अमाल्या) ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि स्वतंत्रता दिवस का राष्ट्रीय मंच राजनीतिक बयानबाजी के लिए नहीं है। इस आपत्ति के बाद दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
मंच पर पहुंचे समर्थक, हुई धक्का-मुक्की
बहस देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के समर्थक भी मंच पर पहुंच गए। आरोप है कि इस दौरान दोनों तरफ से धक्का-मुक्की हुई। कुछ देर के लिए हाथापाई जैसी स्थिति भी बनी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों और आयोजकों ने बीच-बचाव किया।
मंच पर बढ़ते विवाद को देखकर आयोजकों को हस्तक्षेप करना पड़ा। स्कूल परिसर में मौजूद सैकड़ों बच्चों के सामने यह विवाद हुआ। आयोजकों ने आखिरकार दोनों नेताओं से माइक ले लिया।
समय से पहले खत्म हुआ कार्यक्रम
हंगामे के बाद आयोजकों ने कार्यक्रम को समय से पहले समाप्त करने की घोषणा कर दी। बच्चे स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति का माहौल देखने पहुंचे थे। लेकिन उन्हें मंच पर नेताओं की बहस और धक्का-मुक्की का नजारा देखने को मिला।
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