फेल करने की धमकी देती है प्रिंसिपल, Gen Alpha ने भरे मंच से खोली पोल
गौरव शर्मा @ गुना
समझें क्या है पूरा मामला...
- गुना के धरनावदा स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़ा हंगामा हुआ।
- छात्राओं ने मंच से प्राचार्य ममता सोनी पर गंभीर आरोप लगाए।
- बच्चों ने कहा कि प्राचार्य उन्हें धमकाती हैं।
- शिकायत करने पर फेल करने की धमकी भी दी जाती है।
- जिला शिक्षा अधिकारी ने अब जांच के आदेश दे दिए हैं।
आजकल के बच्चे यानी जेन-Z और Gen Alpha गलत बात बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करते हैं। यदि उन्हें कुछ गलत लगता है, तो वे डरे बिना सीधे अपनी बात सबके सामने रख देते हैं।
ऐसा ही कुछ मामला मध्य प्रदेश के गुना जिले में देखने को मिला है, जहां स्कूली बच्चों ने अपनी ही प्रिंसिपल की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाई है।
मंच पर ही फूट-फूटकर रोने लगे छात्र
दरअसल यह पूरा मामला गुना जिले के धरनावदा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्कूल में कार्यक्रम चल रहा था। मंच पर गांव के सरपंच, नेता, माता-पिता और अन्य सम्मानित लोग बैठे थे।
इसी बीच स्कूल के छात्र-छात्राएं मंच पर आए और अपना दुख बताते हुए फूट-फूटकर रोने लगे। बच्चों ने मंच से ही प्रिंसिपल ममता सोनी पर उन्हें परेशान करने और धमकाने का आरोप लगा दिया।
शिकायत की तो प्रैक्टिकल में सिर्फ 12 नंबर दूंगी
बच्चों ने बताया कि स्कूल में पढ़ाई और मूलभूत सुविधाओं की हालत बहुत खराब है। जब वे इस असुविधा की शिकायत करते हैं या किसी नेता के पास अपनी बात लेकर जाते हैं, तो प्रिंसिपल ममता सोनी उन्हें सीधा धमकाती हैं।
छात्रों के मुख्य आरोप
- प्रिंसिपल बच्चों को बार-बार प्रैक्टिकल परीक्षा में फेल करने की धमकी देती हैं।
- वह बच्चों से कहती हैं कि उन्हें प्रैक्टिकल में सिर्फ 12 नंबर ही दिए जाएंगे।
- बच्चों के माता-पिता इस बारे में बात करने आते हैं, तो उनके साथ भी बदतमीजी की जाती है।
- अभिभावकों को स्कूल परिसर के अंदर आने से रोक दिया जाता है।
अब धरनावदा के बच्चों, उनके माता-पिता और पूरे गांव वालों की सिर्फ एक ही मांग है। वे चाहते हैं कि सरकार और कलेक्टर तुरंत प्रिंसिपल ममता सोनी को उनके पद से हटा दें।
गांव वालों की मांग है कि किसी अच्छे और सीनियर टीचर को स्कूल की जिम्मेदारी दी जाए, ताकि बच्चों का भविष्य खराब न हो और उन्हें एक अच्छा माहौल मिल सके।
वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों का भी मानना है कि इस स्कूल के टीचरों में आपस में तालमेल नहीं है और उनके बीच अक्सर विवाद होते रहते हैं।
पहले भी विवादों में रही प्रिंसिपल
प्रिंसिपल ममता सोनी का विवादों से पुराना नाता रहा है। साल 2022 में जब वे राघौगढ़ ब्लॉक के रुठियाई स्कूल में प्रभारी प्रिंसिपल थीं, तब भी उन पर गंभीर आरोप लगे थे।
वहां के 16 टीचरों ने उनके खिलाफ पैसों की हेराफेरी के आरोप लगाए थे। इसके अलावा मनमानी और भारी लापरवाही जैसे 14 अलग-अलग बिंदुओं पर जिला शिक्षा अधिकारी से लिखित शिकायत की थी।
जब बीईओ ने उस मामले की जांच की तो सारे आरोप सही पाए गए थे। इसके बाद तत्कालीन डीईओ चंद्रशेखर सिसौदिया ने ममता सोनी को पद से हटा दिया था। साथ ही उनकी जगह धर्मेंद्र कुमार राजोरिया को स्कूल का प्रभार सौंप दिया था।
अब अधिकारियों ने क्या एक्शन लिया?
इस नए मामले पर गुना के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) समर सिंह राठौर ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा है कि यह मामला उनके संज्ञान में आ गया है। उन्होंने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को इस पूरे मामले की जांच सौंप दी है।
अधिकारी का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिरोंज में भी दिखा था Gen Alpha का दम
बता दें कि हाल ही में ऐसा ही एक मामला कुछ दिन पहले विदिशा जिले के सिरोंज से आया था, जहां जेन अल्फा ने अपनी ताकत दिखाई थी।
सिरोंज कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने बस किराए को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद बस किराए में कमी आ गई है।
12 अगस्त को हुए विरोध के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों से स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं को पुराने किराए पर ही सुविधा मिलेगी।
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