विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपनी सरकार को घेरा, बोले- लिखा था पत्र, नहीं हुई सफाई
समझें क्या है पूरा मामला
- गुना में तेज बारिश से कई इलाकों में पानी भरा।
- गोविंद गार्डन और पटेल नगर प्रभावित हुए।
- एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
- BJP विधायक पन्नालाल शाक्य ने सवाल उठाए।
- उन्होंने प्रशासनिक तैयारियों पर चिंता जताई।
अपनी सरकार पर सीधा हमला
पत्रकारों से बात करते हुए विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा कि सरकार और शासन के भरोसे बैठे रहना सबसे बड़ी चूक है। उनके मुताबिक जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह जवाबदेह नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में भारी जन-धन की हानि हो सकती है। विधायक ने समाज से भी आगे आकर अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
दो महीने पहले लिखा था पत्र
विधायक ने दावा किया कि मानसून से करीब दो महीने पहले उन्होंने कलेक्टर और नगरपालिका अध्यक्ष को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने गुनिया नदी की सफाई और चौड़ीकरण की मांग रखी थी।
उनका कहना था कि समय पर नालियों और नदी की सफाई होती तो शहर बच सकता था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रशासन को सचेत करना उनका काम था, जो उन्होंने कर दिया।
महाभारत का उदाहरण देकर दी नसीहत
सत्ता पक्ष का विधायक होने के बावजूद सुनवाई न होने के सवाल पर शाक्य ने कहा कि इसे सिर्फ सत्ता पक्ष से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने महाभारत की सभा का उदाहरण दिया, जहां बड़े बुद्धिजीवी मौन रहे और नतीजा भयावह हुआ। उन्होंने कहा कि समाज से ही सरकार बनती है। कई जरूरी मुद्दों पर समाज का चुप रहना भी चिंता की बात है।
सिंधिया ने मांगा था कायाकल्प का पैसा
गुनिया नदी के कायाकल्प को लेकर सरकार की तैयारियां पहले से चर्चा में थीं। पिछले साल की बाढ़ के बाद नदी की सफाई और चौड़ीकरण के दावे किए गए थे।
10 मई को मुख्यमंत्री मोहन यादव के गुना दौरे पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कायाकल्प के लिए मांग रखी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत 80 करोड़ 72 लाख रुपये की योजना भेजने का ऐलान किया था। दिल्ली से आई टीम ने आठ प्रमुख स्थानों का निरीक्षण भी किया था।
नारों पर भी विधायक का तंज
करोड़ों की योजना और तैयारियों के बीच पहली ही भारी बारिश में शहर डूब गया। विधायक ने ‘गुना, गुलाब और गुनिया देखेगी दुनिया’ जैसे नारों का जिक्र करते हुए कहा कि अब गुनिया की हालत पूरी दुनिया देख रही है। उन्होंने नदी की सफाई के नाम पर चंदा जुटाने वालों पर भी सवाल उठाए।
FAQ
- गुनिया नदी के कायाकल्प के लिए कितना पैसा मंजूर हुआ था?
नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत 80 करोड़ 72 लाख रुपये की योजना भेजी गई थी। यह मांग केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रखी थी। इसके बाद टीम ने निरीक्षण भी किया था। - विधायक पन्नालाल शाक्य ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि सरकार के भरोसे बैठे रहना सबसे बड़ी चूक है। उन्होंने प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए। समाज से भी आगे आने की अपील की।
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