अस्पताल में जिंदा युवक को बताया मृत, पोस्टमार्टम रूम में खुली आंख तो बिना कपड़ों के भागा युवक
सोचिए क्या हो अगर आप जीवित हों और डॉक्टर आपको मृत बता दे? गुना जिला अस्पताल में एक युवक के साथ ऐसा ही खौफनाक मंजर बीता। उसे मरा हुआ समझकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। जब उसकी आंखें खुलीं तो वह सीधे मौत के कमरे में था।
क्या है पूरा मामला?
गुना जिले के हड्डी मील इलाके के रहने वाले जॉन पारदी ने 11 मार्च को मानसिक तनाव के कारण सल्फास नामक जहरीला पदार्थ खा लिया था। इसके बाद परिवार वाले और आसपास के लोग उसे अचेत अवस्था में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने उसे बिना सही जांच किए ही मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया था। हैरानी की बात है कि कुछ समय बाद पोस्टमार्टम रूम में जॉन को होश आ गया।
होश आते ही नग्न अवस्था में भागा युवक
बाद में जब युवक को होश आया तो उसने खुद को पोस्टमार्टम रूम में नग्न अवस्था में पाया। इस पर वह घबरा गया और तुरंत वहां से बाहर की ओर भागने लगा। इस घटना ने अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मचा दी थी। बाद में पीड़ित युवक के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए थे।
युवक ने डॉक्टरों पर लगाए गंभीर आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार युवक ने जिला अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का कहना है कि जब वह अचेत हालत में अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों ने उसे मृत मानते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमार्टम की तैयारी के दौरान उसे होश आ गया और वह नग्न अवस्था में ही अस्पताल से भाग गया। यदि उसे समय पर होश नहीं आता तो उसकी जान भी जा सकती थी, क्योंकि पोस्टमार्टम जीवित अवस्था में ही शुरू हो सकता था।
अस्पताल प्रबंधन का क्या कहना है?
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