ग्वालियर में पकड़ाया 100 करोड़ का इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क

Sandeep Kumar | Sept 13, 2026, 23:43 IST
100 करोड़ का इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क
ग्वालियर पुलिस ने विंडसर हिल्स के किराए के डुप्लेक्स पर छापा मारा। यहां कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड नेटवर्क संचालित था। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

ग्वालियर के विंडसर हिल्स में 100 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड नेटवर्क चल रहा था। यह सेटअप बॉलीवुड फिल्म जन्नत के अंदाज में तैयार किया गया था। क्राइम ब्रांच और साइबर विंग ने रविवार को इसका भंडाफोड़ किया। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का सीधा संपर्क दुबई और श्रीलंका के सट्टेबाजों से था।



पूरा मामला क्या है

ग्वालियर के पॉश इलाके विंडसर हिल्स में एक किराए का डुप्लेक्स था। यहां बैठकर आरोपी करोड़ों का खेल खेल रहे थे। अंदाज बिल्कुल फिल्म जन्नत के उस मशहूर सीन जैसा था। उस सीन में हीरो ऑनलाइन मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी का नेटवर्क चलाता है।



इसी तरह यहां भी हाई-टेक तरीके से सट्टा खिलाया जा रहा था। कुल रकम करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह पूरा नेटवर्क इंटरनेशनल स्तर पर फैला हुआ था।



कैसे हुआ खुलासा

आम नागरिक की एक सूचना पर पुलिस हरकत में आई। एडिशनल एसपी (Additional Superintendent of Police) सुजावल जग्गा ने बताया कि सूचना विंडसर हिल्स के एक फ्लैट को लेकर मिली थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की संयुक्त टीम बनाई गई।



टीम ने रविवार रात करीब 8 बजे कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया। आरोपी 100पैनल नाम की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन सट्टा और गैम्बलिंग करवा रहे थे। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह व्हाट्सएप के जरिए विदेशी सट्टेबाजों से जुड़ा हुआ था।



फ्रॉड की रकम को ऑनलाइन माध्यम से कई बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा था। यह पूरा तरीका बेहद सुनियोजित और तकनीकी था।



किन-किन को किया गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुरार निवासी सोहित करेर, दतिया निवासी दिनेश रायकवार शामिल हैं। इसके अलावा मुरार निवासी शांतनु श्रीवास, गोला का मंदिर निवासी सुमित कुशवाह भी पकड़े गए। पांचवां आरोपी मुरार निवासी दीपक आर्य है।



पुलिस ने इनके पास से मोबाइल और लैपटॉप बरामद किए हैं। इसके साथ ही सिम कार्ड, चेक बुक और पासबुक भी जब्त की गई है। आधार कार्ड, पैन (PAN – Permanent Account Number) कार्ड और क्रेडिट कार्ड भी मिले हैं। सभी आरोपी इस नेटवर्क में कमीशन पर काम करते थे।



मकान मालिक की भूमिका

एसएसपी (Senior Superintendent of Police) धर्मवीर सिंह के निर्देशन में यह पूरी कार्रवाई की गई। अब पुलिस उस डुप्लेक्स के मकान मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है। सवाल यह है कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन के इतना बड़ा नेटवर्क कैसे चल रहा था।



पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या मकान मालिक को इस फ्रॉड की जानकारी थी। जांच पूरी होने के बाद ही इस पर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।



पुलिस की चेतावनी

पुलिस ने आम नागरिकों के लिए एक जरूरी चेतावनी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि अपने बैंक खाते, एटीएम (ATM – Automated Teller Machine) या सिम कार्ड किसी अनजान व्यक्ति को न दें। ऐसे खाते अक्सर म्यूल अकाउंट्स के तौर पर साइबर ठगी में इस्तेमाल होते हैं। अगर किसी का खाता ठगी में इस्तेमाल पाया जाता है, तो मूल खाताधारक पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। पुलिस फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।



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