ग्वालियर कोर्ट में सरेआम रिश्वतखोरी: फाइल में चुपके से रखे पैसे, बाबू ने जेब में डाले
समझें पूरा मामला...
- ग्वालियर जिला कोर्ट रूम का एक रिश्वत लेते वीडियो वायरल हुआ है।
- वीडियो में कोर्ट का बाबू कुलदीप बंसल फाइल से पैसे निकालता दिख रहा है।
- एक अज्ञात व्यक्ति चुपचाप फाइल के अंदर नोटों की गड्डी रख देता है।
- बाबू मुस्कुराते हुए उन पैसों को अपनी जेब के हवाले कर लेता है।
- वीडियो सामने आने के बाद कोर्ट परिसर और वकीलों में हड़कंप मच गया है।
Gwalior News.मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां के जिला एवं सत्र न्यायालय का एक वीडियो तेजी से इंटरनेट पर फैल रहा है। इस वीडियो ने न्याय के मंदिर की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट रूम के भीतर सरेआम रिश्वत का खेल चल रहा था।
वायरल वीडियो में कोर्ट के एक बाबू कुलदीप बंसल दिखाई दे रहे हैं। वह अपनी टेबल पर रखी फाइलों को पलट रहे हैं। तभी एक दूसरा व्यक्ति उनके पास आता है। वह व्यक्ति बहुत ही शातिर अंदाज में एक फाइल के भीतर चुपचाप कुछ नोट रख देता है।
इसके ठीक कुछ ही सेकंड बाद बाबू कुलदीप बंसल हरकत में आते हैं। वह बड़े ही आराम से फाइल खोलते हैं। फिर मुस्कुराते हुए फाइल के अंदर से नोटों को बाहर निकालते हैं। इसके बाद वह बिना किसी डर के उन पैसों को अपनी जेब में रख लेते हैं।
यह पूरा घटनाक्रम कोर्ट रूम के अंदर बेहद सामान्य तरीके से होता दिख रहा है। इसे देखकर ऐसा लगता है कि वहां यह सब रोज की बात हो। बाबू के चेहरे पर न तो कोई शिकन दिखती है और न ही पकड़े जाने का कोई डर।
वायरल वीडियो के बाद कोर्ट में हड़कंप
यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया, न्यायिक महकमे में खलबली मच गई। कोर्ट के बड़े अधिकारियों तक यह पूरा मामला पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो कुछ महीने पुराना हो सकता है।
वीडियो में बाबू कुलदीप बंसल स्वेटर पहने हुए नजर आ रहे हैं। इस पहनावे के आधार पर लोग अंदाजा लगा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यह वीडियो जनवरी या फरवरी के महीने में रिकॉर्ड किया गया होगा।
हालांकि यह वीडियो किसने रिकॉर्ड किया है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। इसे सबसे पहले इंटरनेट पर किसने डाला, इसकी जांच भी की जा रही है। लेकिन इस खुलासे ने कोर्ट परिसर के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है।
वकीलों ने खोली कोर्ट के कामकाज की पोल
इस वीडियो के सामने आने के बाद जिला न्यायालय में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कोर्ट के वकीलों ने इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई वकीलों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ है।
वकीलों के मुताबिक कोर्ट में फाइल आगे बढ़ाने के लिए पैसे मांगे जाते हैं। नकल निकालने और अगली तारीख चढ़वाने के नाम पर भी वसूली होती है। इस अवैध वसूली को कोर्ट परिसर में नेग का नाम दिया गया है।
कुछ वकीलों ने नाम न छापने की शर्त पर कई बड़ी बातें बताई हैं। उन्होंने कहा कि अदालतों में काम कराने के लिए सुविधा शुल्क देना पड़ता है। अब यह रकम मांगना एक आम बात बन चुकी है।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ग्वालियर के अध्यक्ष पवन पाठक ने भी इस पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति न्यायपालिका की छवि खराब करती है। कोर्ट के न्यायाधीशों को अपने स्टाफ के कामकाज पर सख्त ध्यान देना चाहिए।
ये खबरें भी पढ़ें...
28 मौतों के बाद भी अस्पतालों में मिल रही अमानक दवाएं, जांच में 10 फेल
जयश्री गायत्री फूड मिलावट में गिरफ्तार सुनील त्रिपाठी की रिमांड खत्म, कोर्ट में होगी पेशी
एमपी न्यूज: अमानक बीज से बर्बाद फसल पर सिसक रहे किसान, चुप्पी साधे बैठी सरकार
महासमुंद गैस घोटाला: 90 लाख की एलपीजी गबन करने वाले दो आरोपी महाराष्ट्र से गिरफ्तार