ग्वालियर में होटल से चल रहा था इंटरनेशनल ठगी का नेटवर्क, पाकिस्तान से कनेक्शन की आशंका
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में क्राइम ब्रांच ने एक हाईटेक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गैंग के तार सरहद पार पाकिस्तान से जुड़े होने की आशंका है। पुलिस ने शहर के एक होटल में दबिश देकर चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन ठगी के जरिए जुटाया गया पैसा विदेश भेज रहे थे।
होटल बना कंट्रोल रूम
जानकारी के अनुसार आरोपी ग्वालियर के कैलाश विहार इलाके में एक होटल का कमरे में अपना नेटवर्क चला रहे थे। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए चारों आरोपी छात्र हैं।
ये युवा अपनी पढ़ाई की आड़ में होटल के बंद कमरों से साइबर अपराध का जाल बुन रहे थे। पुलिस को इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और दर्जनों सिम कार्ड मिले हैं।
गरीब लोगों के खातों का इस्तेमाल
पूछताछ के दौरान एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। ये शातिर ठग सीधे अपने बैंक खातों में पैसा नहीं मंगाते थे। इसके बजाय वे गरीब और जरूरतमंद लोगों को चंद रुपयों का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे।
तकनीकी भाषा में इसे म्यूल अकाउंट्सनेटवर्क कहा जाता है। इस तरीके से वे पुलिस की नजरों से बचकर ठगी की राशि को एक खाते से दूसरे खाते में घुमाते थे।
मोबाइल से मिले पाकिस्तानी नंबर
गिरफ्तार किए गए चार युवकों में से एक मुरैना, एक धौलपुर और दो ग्वालियर के रहने वाले हैं। जब पुलिस ने इनके मोबाइल खंगाले तो उसमें पाकिस्तानी नंबर और चैट्स मिले हैं। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह वास्तव में कोई विदेशी नेटवर्क है।
मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच का वार
यह पूरी कार्रवाई ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने एक मुखबिर की सूचना पर की है। फिलहाल पकड़े गए सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि अब तक इन खातों के जरिए कितने करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन किया जा चुका है। इस गिरोह के मास्टरमाइंड कहां छिपे हैं इस बात की जांच भी की जा रही है।
क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट
हाल ही में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने साल 2024 के अपराधों के आंकड़े जारी किए हैं। बुधवार, 6 मई को आई यह रिपोर्ट देश की सुरक्षा व्यवस्था और समाज के गिरते स्तर पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
एमपी में साइबर अपराध के मामले
मध्य प्रदेश में 2024 के दौरान साइबर अपराध के एक हजार 81 नए मामले दर्ज हुए हैं। पिछले साल के एक हजार 193 लंबित मामलों को जोड़ें, तो कुल दो हजार 274 केस जांच के लिए आए हैं। इनमें से 767 मामले निपटाए गए, जबकि एक हजार 507 मामले अभी भी जांच में हैं।
बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध के 58 मामले सामने आए हैं। इनमें साइबर पोर्नोग्राफी, साइबर बुलिंग और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाएं शामिल हैं।
FAQ
- साइबर ठगी से कैसे बच सकते हैं?
किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता इस्तेमाल न करने दें। चंद पैसों के लालच में अपनी सिम कार्ड या एटीएम किसी को न दें और समय-समय पर अपने बैंक ट्रांजैक्शन चेक करते रहें।
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