ग्वालियर DIG असित यादव का विवादित बयान: तीस मार खां की पहले ही ऐसी-तैसी करूंगा, वीडियो वायरल
News in Short
- ग्वालियर के DIG डॉ. असित यादव का बयान सोशल मीडिया पर वायरल।
- यादव ने अपने विदाई समारोह में तीस मार खां को टारगेट करने की बात कही।
- बयान ने पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाई।
- डॉ. यादव ने पुलिस अधिकारियों को कहा कि वे गलतफहमियों वाले अफसरों को टारगेट करेंगे।
News in Detail
ग्वालियर के नए DIG डॉ. असित यादव का विवादित बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। उन्होंने अपने विदाई समारोह में कहा कि वह तीस मार खां को सबसे पहले टारगेट करेंगे। इस बयान के बाद पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। इस मुद्दे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
DIG का विवादित बयान
यह बयान पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। डॉ. यादव ने यह बयान भिंड में आयोजित अपने विदाई समारोह में दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ग्वालियर में अपने स्टेनो से पूछूंगा कि कौन अपने आपको तीस मारखां समझता है… उसका नाम बताना, उसकी मैं सबसे ज्यादा ऐसी-तैसी करूंगा।
क्या कहा मंच से?
इसी कार्यक्रम में मंच से डॉ. असित यादव ने कहा, ग्वालियर में अपने स्टेनो से पूछूंगा कि कौन अपने आपको तीस मार खां समझता है, उसका नाम बताना, उसकी मैं सबसे ज्यादा ऐसी-तैसी करूंगा। वे यहीं नहीं रुके। आगे कहा कि जिसे खुद के बारे में जरा भी गलतफहमी हो, चाहे वह टीआई हो, डीएसपी हो, एएसपी हो या एसपी भी हो, उसे सबसे पहले टारगेट किया जाएगा। यह सुनकर समारोह में मौजूद कई अधिकारी मुस्कुराते जरूर दिखे।
यह खबर क्यों जरूरी है?
एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का अपने ही विभाग के अफसरों को दी गई सार्वजनिक चेतावनी का वीडियो एक बड़ा मुद्दा बन गया। वीडियो में भाषा और लहजे की पद की मर्यादा की सीमा का उल्लंघन किया गया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत सरकारी सेवकों को समानता और निष्पक्ष व्यवहार का अधिकार है। ऐसे बयान, चाहे हल्के-फुल्के माहौल में ही क्यों न दिए गए हों, पुलिस बल में भय और पूर्वाग्रह को बढ़ावा दे सकते हैं। यह मामला डिजिटल नैतिकता के नजरिए से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी मंचों पर दिए गए बयान सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं और पुलिस की छवि पर असर डालते हैं। यह खबर नागरिकों को पुलिस अनुशासन, पद की गरिमा और जवाबदेही जैसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सोचने का मौका देती है।
बयान का सोशल मीडिया पर असर
आईपीएस असित यादव का यह नया बयान फिर से विवाद का कारण बन गया है। कुछ लोग इसे सख्त प्रशासनिक चेतावनी मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि यह एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने अपनी बात में कहा था, "जिसको अपने बारे में थोड़ी सी भी गलतफहमी हो, चाहे वह टीआई हो, डीएसपी हो, एएसपी हो, अगर वह एसपी भी होगा तो उसको भी देखेंगे।" इस बयान के बाद कई लोग इसे अप्रत्याशित और बड़बोलापन मान रहे हैं।
नायक नहीं खलनायक हूं मैं
यह पहला मौका नहीं है, जब डॉ. असित यादव चर्चा में आए हैं। इससे पहले भी एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे विदाई समारोह में फिल्मी गाने नायक नहीं खलनायक हूं मैं पर झूमते हुए नजर आए थे। उनके इस व्यवहार को लेकर भी सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आई थीं।
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