मध्यावधि 2026: ग्वालियर संभाग में न बीजेपी आगे, न कांग्रेस मजबूत, स्विंग सीटों का गढ़ बना

The Sootr | Jun 15, 2026, 14:51 IST
ग्वालियर संभाग
ग्वालियर संभाग में हुए ऑनलाइन thesootr Survey में लोगों का रुझान ज्यादा उत्साहजनक नहीं दिखा। सिर्फ 31.8% लोगों ने अपने विधायक से संतुष्टि जताई। सरकार के कामकाज से संतुष्टि 32.7% रही, जबकि कांग्रेस को सक्रिय मानने वाले 33.8% लोग मिले।

    मध्यप्रदेश की हर विधानसभा से डेटा लेकर तैयार किए गए इस सर्वे में जानिए... ग्वालियर संभाग के लोगों के मन की बात… और हां! ये सर्वे किसी तरह की घोषणा नहीं करता सिर्फ प्राप्त आंकड़ों से परसेप्शन बताता है।



    हमने पूछे सिर्फ तीन सवाल

    1. क्या आप अपने विधायक से संतुष्ट हैं?
    2. BJP और डॉ. मोहन यादव की सरकार से संतुष्ट हैं या नहीं?
    3. क्या कांग्रेस प्रदेश में active दिखती है?

    तो पहली बार हर नागरिक जान सकेगा

    • उसके अपने जिले का मूड क्या है
    • उसके विधायक को जनता पास करती है या फेल
    • मोहन यादव सरकार के बारे में उसके इलाके की राय क्या है
    • कांग्रेस जनता को active दिखती है या नहीं
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    मध्यावधि 2026: ग्वालियर संभाग thesootr Survey

    Madhya Pradesh के ग्वालियर संभाग में पांच जिले और 21 विधानसभा सीटें हैं। इनमें 12 सीटें भाजपा के पास, 8 कांग्रेस के पास और एक सीट दतिया में रिक्त है। अब इन्हीं सीटों पर thesootr का ऑनलाइन सर्वे सामने आया है। नतीजे चौंकाने वाले हैं।



    सर्वे में तीन सवाल पूछे गए। पहला, क्या आप अपने विधायक से संतुष्ट हैं? दूसरा, क्या आप भाजपा और डॉ. मोहन यादव की सरकार से संतुष्ट हैं? और तीसरा, क्या कांग्रेस प्रदेश में सक्रिय दिखती है? तीनों सवालों पर औसत आंकड़े 30 से 34 फीसदी की बहुत संकरी पट्टी में आए। इसका मतलब साफ है कि ग्वालियर संभाग पूरी तरह स्विंग जोन है।



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    राघोगढ़ सबसे ऊपर, कोलारस सबसे नीचे

    विधायक संतुष्टि में सबसे ऊपर राघोगढ़ के कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह रहे। उनकी संतुष्टि दर 42.7 फीसदी है। दूसरे नंबर पर दतिया जिले की भांडेर सीट के कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया रहे जिन्हें 39.4 फीसदी मतदाताओं का समर्थन मिला। तीसरे पर ग्वालियर ग्रामीण के कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर 36.8 फीसदी के साथ हैं।



    दूसरी तरफ कोलारस के भाजपा विधायक महेंद्र यादव खतौरा सबसे निचले पायदान पर हैं। उनकी विधायक संतुष्टि दर सिर्फ 22.2 फीसदी है। इसके ऊपर मुंगावली के भाजपा विधायक बृजेंद्र सिंह यादव 23.3 और पिछोर के भाजपा विधायक प्रीतम लोधी 24.8 फीसदी के साथ हैं। इन सीटों पर असंतोष सबसे गहरा है।



    क्रमविधानसभाविधायकपार्टीसंतुष्टि %
    1रायगढ़जयवर्धन सिंहकांग्रेस42.7%
    2भांडेर (एससी)फूलसिंह बरैयाकांग्रेस39.4%
    3ग्वालियर ग्रामीणसाहब सिंह गुर्जरकांग्रेस36.8%
    4दतियाराजेन्द्र भारती (सीट रिक्त)—36.4%
    5डबरा (एससी)सुरेश राजेकांग्रेस36.1%
    6करैरा (एससी)रमेश प्रसाद खटीकभाजपा34.7%
    7शिवपुरीदेवेंद्र कुमार जैनभाजपा34.4%
    8बमोरीकृष्‍ण अग्रवालकांग्रेस34.1%
    9ग्वालियरप्रद्युम्न सिंह तोमरभाजपा33.7%
    10अशोकनगर (एससी)हरिबाबू रायकांग्रेस32.6%
    11भितरवारमोहन सिंह राठौरभाजपा32.2%
    12गुना (एससी)पन्नालाल शाक्यभाजपा31.7%
    13चंदेरीजगन्नाथ सिंह रघुवंशीभाजपा31.2%
    14ग्वालियर पूर्वसतीश सिकरवारकांग्रेस30.4%
    15चांचौड़ाप्रियंका पैंचीभाजपा28.1%
    16ग्वालियर दक्षिणनारायण सिंह कुशवाहभाजपा27.5%
    17सेवड़ाप्रदीप अग्रवालभाजपा26.9%
    18पोहरीकैलाश कुशवाहाकांग्रेस26.4%
    19पिछोरप्रीतम लोधीभाजपा24.8%
    20मुंगावलीबृजेंद्र सिंह यादवभाजपा23.3%
    21कोलारसमहेंद्र यादव खटीराभाजपा22.2%

    कांग्रेस विधायकों की पकड़ व्यक्तिगत है

    सर्वे में एक दिलचस्प रुझान सामने आया। कांग्रेस के स्थानीय विधायकों की संतुष्टि दर औसतन 34.8 फीसदी रही, जबकि भाजपा विधायकों की दर 29.2 फीसदी। यह फर्क बताता है कि मतदाता सरकार से नहीं, बल्कि स्थानीय चेहरे से ज्यादा जुड़े हैं।



    सरकार संतुष्टि के मामले में दोनों दलों के क्षेत्रों में आंकड़े लगभग बराबर रहे। कांग्रेस क्षेत्रों में 32.8 और भाजपा क्षेत्रों में 32.6 फीसदी। इसका मतलब है कि सरकार की छवि सीट के राजनीतिक रंग से नहीं, बल्कि स्थानीय अनुभव से तय होती है।



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    सरकार संतुष्टि में भांडेर शीर्ष पर

    सरकार संतुष्टि की बात करें तो सबसे ऊपर भांडेर सीट है, जहां 43.6 फीसदी मतदाता संतुष्ट हैं। यह कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया की सीट है। दूसरे नंबर पर भाजपा की ग्वालियर सीट है जहां सरकार संतुष्टि 42.1 फीसदी दर्ज हुई। इसके बाद ग्वालियर ग्रामीण में 38.6 और पोहरी में 37.4 फीसदी रहा।



    सबसे कम सरकार संतुष्टि बमोरी में रही, जहां सिर्फ 24.2 फीसदी मतदाता खुश हैं। इसके बाद पिछोर में 25.7 और करेरा में 26.5 फीसदी रहा। इन क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच कमजोर दिखती है।



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    कांग्रेस की सक्रियता: भांडेर-राघोगढ़ आगे

    कांग्रेस की सक्रियता को लेकर मतदाताओं से पूछा गया तो भांडेर में 42.6, राघोगढ़ में 39.6 और डबरा में 39.2 फीसदी लोगों ने माना कि कांग्रेस सक्रिय दिख रही है। ये परंपरागत कांग्रेस प्रभाव वाले क्षेत्र हैं।



    मगर चौंकाने वाली बात यह है कि चंदेरी में 37.5 और मुंगावली में 36.7 फीसदी लोगों ने भी कांग्रेस को सक्रिय माना। ये दोनों सीटें भाजपा के पास हैं। यह आंकड़ा सत्ता पक्ष के लिए खतरे की घंटी है। दूसरी तरफ कोलारस में सिर्फ 21.1 और चांचौड़ा में 24 फीसदी ने ही कांग्रेस को सक्रिय माना, यानी यहां विपक्ष की पकड़ सबसे कमजोर है।



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    जिलेवार तस्वीर: दतिया सबसे बेहतर, शिवपुरी सबसे चुनौतीपूर्ण

    पांच जिलों की तुलना करें तो दतिया सबसे संतुलित जिला है। यहां विधायक संतुष्टि 34.2, सरकार संतुष्टि 35.9 और कांग्रेस सक्रियता 34.8 फीसदी है। गुना में विधायक संतुष्टि 34.2 फीसदी है लेकिन सरकार संतुष्टि 30.6 पर है। ग्वालियर जिला तीनों मानकों पर लगभग बराबर 32 से 34 फीसदी के बीच है।



    शिवपुरी जिला सबसे ज्यादा चिंताजनक है। यहां विधायक संतुष्टि सिर्फ 28.5 फीसदी है, जो पूरे संभाग में सबसे कम है। अशोकनगर में कांग्रेस की सक्रियता 37.7 फीसदी के साथ संभाग में सबसे ज्यादा दर्ज की गई। यहां भाजपा को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।



    किन सीटों पर सबसे ज्यादा काम जरूरी

    सर्वे के मुताबिक कोलारस, मुंगावली, पिछोर और सेवड़ा में विधायक स्तरीय असंतोष सबसे गहरा है। इन चारों पर तत्काल जनसंपर्क जरूरी है। बमोरी और डबरा में सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ानी होगी। भांडेर, राघोगढ़ और ग्वालियर ग्रामीण में स्थिति बेहतर है और मौजूदा गति बनाए रखना काफी है।



    दतिया सीट फिलहाल रिक्त है। इसके बावजूद वहां के आंकड़े स्थिर हैं। उपचुनाव की स्थिति में मजबूत स्थानीय चेहरा यहां सबसे निर्णायक भूमिका निभाएगा। कांग्रेस की सक्रियता यहां 28.4 फीसदी के साथ कम है, जो भाजपा के लिए फायदेमंद है।



    FAQ

    1. प्रश्न 1: ग्वालियर संभाग के द सूत्र के सर्वे में कुल कितनी सीटों को शामिल किया गया और किन जिलों से डेटा आया?
      उत्तर: ग्वालियर संभाग की 21 विधानसभा सीटों को इस सर्वे में शामिल किया गया। इसमें पांच जिले हैं जो हैं ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर और दतिया। राजनीतिक रूप से 12 सीटें भाजपा, 8 कांग्रेस के पास हैं और एक सीट दतिया में रिक्त है।
    2. प्रश्न 2: द सूत्र के सर्वे में ग्वालियर संभाग के सबसे संतुष्ट और सबसे असंतुष्ट विधायक कौन रहे?
      उत्तर: विधायक संतुष्टि में राघोगढ़ के कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह 42.7 फीसदी के साथ शीर्ष पर रहे। सबसे कम संतुष्टि कोलारस के भाजपा विधायक महेंद्र यादव खतौरा की रही जो सिर्फ 22.2 फीसदी है। इसके अलावा मुंगावली के बृजेंद्र सिंह यादव 23.3 और पिछोर के प्रीतम लोधी 24.8 फीसदी के साथ निचले पायदान पर रहे।
    3. प्रश्न 3: ग्वालियर संभाग में कांग्रेस की सक्रियता को लेकर सर्वे क्या कहता है?
      उत्तर: संभाग में औसतन 33.8 फीसदी मतदाताओं ने माना कि कांग्रेस सक्रिय दिखती है। भांडेर में 42.6, राघोगढ़ में 39.6 और डबरा में 39.2 फीसदी के साथ यह धारणा सबसे मजबूत रही। चौंकाने वाली बात यह है कि भाजपा की सीटों जैसे चंदेरी और मुंगावली में भी यह 36 फीसदी से ऊपर है। कोलारस में सबसे कम 21.1 फीसदी दर्ज हुई।

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