ग्वालियर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: स्टे के बावजूद रजिस्ट्री करने पर उप पंजीयक नपे, लगा 25 हजार का जुर्माना

Sanjay Dhiman | Mar 21, 2026, 16:17 IST
Photograph: (the sootr)
ग्वालियर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उप पंजीयक मानवेंद्र भदौरिया पर अवमानना मामले में 25 हजार का जुर्माना लगाया। रजिस्ट्री मामले में जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया।

News in Short

  • ग्वालियर हाईकोर्ट ने उप पंजीयक मानवेंद्र भदौरिया पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है।
  • कोर्ट के स्टे के बावजूद बड़ोरी गांव की संपत्ति की रजिस्ट्री करने पर कार्रवाई हुई।
  • नोटिस मिलने के बाद भी जवाब पेश न करने को कोर्ट ने गंभीर लापरवाही माना।
  • याचिकाकर्ता उम्मेद सिंह की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया।
  • मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी, जिसमें अन्य दोषियों पर फैसला लिया जाएगा।

News in Detail

ग्वालियर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उप पंजीयक मानवेंद्र भदौरिया के खिलाफ एक अवमानना प्रकरण में सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने उन्हें 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना तब लगाया गया, जब भदौरिया ने कोर्ट का नोटिस मिलने के बावजूद जवाब नहीं दिया। कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए दंड दिया और उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया।



बड़ोरी गांव की संपत्ति विवाद

यह मामला वार्ड क्रमांक 66 के बड़ोरी गांव की संपत्ति से जुड़ा है, जिस पर पहले ही हाईकोर्ट ने क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी थी। लेकिन इसके बावजूद, इस संपत्ति का विक्रय कर दिया गया। याचिकाकर्ता उम्मेद सिंह ने इस मामले में अवमानना याचिका दायर की थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि उप पंजीयक सहित पांच लोगों ने अवमानना की है। इसके बाद सभी को दंड के निर्धारण के लिए तलब किया गया था।



अस्थायी स्थगन और अपील की प्रक्रिया

6 मार्च 2026 के आदेश के खिलाफ कुछ पक्षकारों ने डिवीजन बेंच में अवमानना अपील दायर की है। डिवीजन बेंच ने 17 मार्च को आदेश के प्रभाव पर रोक लगा दी और निर्देश दिए कि संबंधित पक्षों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई फिलहाल न की जाए। इससे दो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है। अब इस मामले का अगला निर्णय अपील के अंतिम निपटारे पर निर्भर करेगा।



गंभीर लापरवाही और अदालत की सख्ती

इस दौरान एक अन्य आरोपी ने यह स्वीकार किया कि उसे कोर्ट का नोटिस प्राप्त हुआ था, लेकिन उसने जानबूझकर जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इस स्वीकारोक्ति को अदालत ने गंभीरता से लिया। अब इस मामले में अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी, जहां अदालत आगे की कार्रवाई और संभावित दंड पर फैसला लेगी।



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