पत्नी ने कहा-21 साल बड़े पति के साथ नहीं रहूंगी, हाईकोर्ट ने बॉयफ्रेंड के साथ रहने की दी परमिशन

Sanjay Dhiman | Apr 05, 2026, 17:19 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक 19 साल की युवती को अपने प्रेमी के साथ रहने की अनुमति दी। युवती ने कहा कि उसका वैवाहिक जीवन अपने 40 साल के पति के साथ खुशहाल नहीं था।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने एक विवादित मामले में फैसला सुनाते हुए 19 साल की युवती को अपने प्रेमी के साथ रहने की अनुमति दी। युवती ने अदालत में कहा कि उसके पति की उम्र 40 साल है, जबकि उसकी खुद की उम्र केवल 19 साल है। इस 21 साल के अंतर के कारण उनका वैवाहिक जीवन सुखमय नहीं चल रहा। युवती ने अदालत में बताया कि वह अब अपनी मर्जी से अनुज कुमार के साथ रहना चाहती है और इस निर्णय को काउंसलिंग के बावजूद नहीं बदलना चाहती।



युवती की इच्छा को प्राथमिकता दी

कोर्ट ने युवती की इच्छा को सर्वोपरि मानते हुए उसे प्रेमी के साथ रहने की अनुमति दी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए कि युवती की सुरक्षा के लिए 6 महीने तक शौर्या दीदी के रूप में एक निगरानी व्यवस्था की जाएगी। यह व्यवस्था युवती की भलाई और मार्गदर्शन के लिए होगी, ताकि उसे किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।



मामले की सुनवाई में कोर्ट ने कहा

कोर्ट ने युवती से उसकी इच्छा पूछी और उसने स्पष्ट तौर पर कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से किसी भी अवैध बंधन में नहीं रहना चाहती। उसने कहा, "मैं किसी भी तरह के दबाव में नहीं हूं और मैं अपनी मर्जी से अनुज कुमार के साथ रह रही हूं।"



पति ने उठाए थे आरोप

युवती के पति, अवधेश ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसकी पत्नी को अनुज कुमार ने अवैध तरीके से अपने पास रखा है। इसके बाद, पुलिस ने युवती को वन स्टॉप सेंटर में रखा था। मगर कोर्ट ने उसकी स्वतंत्र इच्छा का सम्मान करते हुए उसे उसके प्रेमी के पास जाने की अनुमति दी।



काउंसलिंग के बाद भी युवती ने दोहराया अपना निर्णय

कोर्ट ने सरकारी वकील अंजलि ज्ञानानी को युवती की काउंसलिंग करने का निर्देश दिया, लेकिन युवती ने अपनी इच्छा में कोई बदलाव नहीं किया। उसने प्रेमी के साथ रहने की अपनी इच्छा फिर से व्यक्त की और अनुज कुमार ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि वह युवती का पूरा ख्याल रखेगा और उसे किसी भी प्रकार की प्रताड़ना नहीं होगी।



6 महीने के लिए शौर्या दीदी की नियुक्ति

कोर्ट ने युवती की सुरक्षा के लिए शौर्या दीदी नियुक्त की, जो उसकी मदद और मार्गदर्शन के लिए 6 महीने तक उसके संपर्क में रहेंगी। इसके साथ ही, युवती को वन स्टॉप सेंटर से जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मुक्त कर दिया जाएगा।



यह खबरें भी पढ़ें...



दुबई से रायपुर तक ड्रग्स का भूतनाथ कनेक्शन; प्रोफेसर गैंग के गुर्गों का सनसनीखेज खुलासा



अनूपपुर में चार मंजिला लॉज गिरने से तीन लोगों की मौत, सीएम ने किया दो लाख मुआवजे का ऐलान



एमपी में मौजूद है नीम करोली बाबा की दुर्लभ निशानी, जानें 53 साल पुराने कलश का रहस्य



भगवान पास कर दो, 100 लड्डू चढ़ाऊंगी... एमपी बोर्ड रिजल्ट से पहले छात्रों की अनोखी मन्नतें



Tags:
  • मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
  • प्रेमी
  • काउंसलिंग
  • हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच
  • याचिका