ग्वालियर में 26-27 सितंबर न्यायिक सम्मेलन, सीजेआई सूर्यकांत के आने की उम्मीद
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- ग्वालियर में 26 और 27 सितंबर को बड़ा न्यायिक सम्मेलन होगा।
- इसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई न्यायाधीश आएंगे।
- सम्मेलन में न्यायिक शिक्षा को आधुनिक बनाने पर चर्चा होगी।
- एआई, साइबर कानून और डिजिटल सबूत भी चर्चा के विषय होंगे।
- जस्टिस सूर्यकांत के शामिल होने की चर्चा है।
ग्वालियर दो दिन देशभर के न्यायिक दिग्गजों की मेजबानी करेगा। 26 और 27 सितंबर को वेस्ट जोन रीजनल ज्यूडिशियरी कॉन्फ्रेंस होगी। सम्मेलन का विषय न्यायिक शिक्षा के बढ़ते आयाम रखा गया है। इस आयोजन में 60 से ज्यादा न्यायमूर्ति पहुंच सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीश भी शामिल होंगे। जिला अदालतों के न्यायाधीश भी इस सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे। राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी की वेबसाइट पर कार्यक्रम दर्ज है।
जस्टिस सूर्यकांत की मौजूदगी पर सस्पेंस
इस सम्मेलन को लेकर सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत का नाम भी चर्चा में है। कुछ स्थानीय रिपोर्टों ने उनकी मौजूदगी की संभावना जताई है।
कहां होगा ग्वालियर का बड़ा न्यायिक सम्मेलन
सम्मेलन राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में होगा। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में आयोजित किया जाएगा। दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में मुख्य कार्यक्रम रखा गया है। बाहर से आने वाले मेहमानों के लिए भी तैयारियां चल रही हैं। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर हेल्प डेस्क बन सकते हैं। शहर के प्रमुख होटलों में मेहमानों के ठहरने की तैयारी है।
न्यायिक शिक्षा में क्या बदलाव जरूरी हैं
सम्मेलन का पहला बड़ा सवाल न्यायिक शिक्षा से जुड़ा है। बदलते कानूनों के साथ न्यायिक प्रशिक्षण भी बदलना जरूरी है। नए मामलों के लिए नई सीख और नई तकनीक जरूरी है। सम्मेलन में प्रशिक्षण के बेहतर तरीकों पर चर्चा होगी। केस स्टडी और व्यावहारिक अभ्यास पर भी जोर रहेगा। न्यायाधीशों की निर्णय क्षमता बढ़ाने के तरीके बताए जाएंगे। प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर भी चर्चा प्रस्तावित है। न्यायिक अकादमियों के प्रशिक्षण मॉडल में बदलाव पर बात होगी।
एआई से न्यायिक कामकाज में क्या बदलेगा
सम्मेलन का सबसे अहम हिस्सा तकनीक से जुड़ा रहेगा। 27 सितंबर को डिजिटल बदलाव पर अलग सत्र रखा गया है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई पर चर्चा होगी। एआई के सही इस्तेमाल को समझने पर जोर रहेगा। न्यायिक फैसलों में तकनीक के असर पर भी बात होगी। जेनरेटिव एआई से प्रशिक्षण को बेहतर करने पर चर्चा होगी। ऑनलाइन और आम प्रशिक्षण को जोड़ने पर भी विचार होगा।
साइबर कानून और डिजिटल सबूत भी अहम विषय
आज अदालतों में डिजिटल सबूत का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। मोबाइल, ईमेल और ऑनलाइन रिकॉर्ड कई मामलों में अहम होते हैं। इसी कारण साइबर कानून पर भी चर्चा होगी। डिजिटल सबूत को समझने की जरूरत पर बात होगी। डेटा सुरक्षा से जुड़े सवाल भी सामने रखे जाएंगे। नई तकनीक से जुड़े मामलों की समझ बढ़ाने पर जोर रहेगा। न्यायिक अधिकारियों को इन बदलावों के लिए तैयार किया जाएगा।
नए आपराधिक कानूनों पर भी होगी चर्चा
सम्मेलन में नए आपराधिक कानूनों पर भी चर्चा प्रस्तावित है। इन कानूनों को लागू करने में न्यायिक समझ जरूरी है। अदालतों में नए प्रावधानों की व्यावहारिक समझ जरूरी होगी। न्यायिक नैतिकता और पेशेवर जिम्मेदारी भी चर्चा में रहेगी। निष्पक्षता और तटस्थता को भी जरूरी हिस्सा माना गया है। सोच और फैसला लेने की क्षमता पर भी जोर रहेगा।
दो दिन में होंगे कई महत्वपूर्ण सत्र
26 सितंबर को सम्मेलन के तीन सत्र प्रस्तावित हैं। पहले सत्र में न्यायिक शिक्षा की जरूरतों पर चर्चा होगी। दूसरे सत्र में प्रशिक्षण में नए तरीकों पर बात होगी। तीसरे सत्र में प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर चर्चा होगी। 27 सितंबर को डिजिटल बदलाव पर सत्र रखा गया है। इसके बाद समावेशी और जिम्मेदार न्याय पर चर्चा होगी। अंत में प्रतिभागियों से सम्मेलन का फीडबैक लिया जाएगा।
ग्वालियर में बढ़ी प्रशासनिक तैयारियां
बड़े न्यायिक आयोजन को लेकर स्थानीय तैयारियां भी तेज हैं। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर काम शुरू किया है। बाहर से आने वाले मेहमानों के लिए अलग व्यवस्था होगी। होटल, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर तैयारी की जा रही है। ट्रैफिक और सुरक्षा को लेकर भी योजना बनाई जा रही है।
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