पिता से ज्यादा पुलिस को ऑक्सीजन की जरूरत, सिलेंडर लेकर पहुंचा बेटा, जानें मामला
ग्वालियर एसपी ऑफिस की जनसुनवाई में मंगलवार को एक अनोखा मामला सामने आया। हिमांशु शर्मा नाम का युवक अपने साथ ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पहुंचा। उसके पिता हरिओम शर्मा बिजली कंपनी में सहायक लाइनमेन हैं। 28 अप्रैल को ड्यूटी के दौरान करंट लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे, तब से आक्सीजन सपोर्ट पर है। हिमांशु का आरोप है कि पुलिस उसकी शिकायत दर्ज नहीं कर रही। इसलिए वह पुलिस के लिए ऑक्सीजन लेकर आया।
हादसे वाले दिन क्या हुआ था
हिमांशु के मुताबिक उसके पिता हरिओम शर्मा को अधिकारियों ने बिरला नगर लाइन नंबर 1 स्थित बिजली सब स्टेशन पर बुलाया था। वहां वे अन्य कर्मचारियों के साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान अधिकारियों ने ट्रांसफार्मर चालू करवा दिया। इससे हरिओम को करंट लगा और वे दूर जा गिरे। साथ काम कर रहे अन्य कर्मचारी भी घायल हुए। हरिओम के सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं। हालत गंभीर होने पर परिवार ने उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका ऑपरेशन भी हुआ।
अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप
हिमांशु का कहना है कि हादसे के समय मौके पर एक डीजीएम (DGM – Deputy General Manager), एक एई (AE) और दो जेई (JE) मौजूद थे। उसका आरोप है कि इतने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में भी लापरवाही बरती गई और काम के दौरान ही लाइन चालू करवा दी गई। उसने इन पांचों अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR – First Information Report) दर्ज करने की मांग की है।
पुलिस में शिकायत, फिर भी एफआईआर नहीं
हिमांशु ने बताया कि उसने हादसे के बाद पुलिस में शिकायत दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। उसका कहना है कि उसके पिता आज भी ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं और जिंदगी-मौत के बीच झूल रहे हैं। इसी वजह से उसने तंज कसते हुए कहा कि शायद उसके पिता से ज्यादा ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पुलिस को है, ताकि उसे होश आए और शिकायत दर्ज हो सके।
हादसे के दिन आए थे ऊर्जा मंत्री
हिमांशु ने बताया कि जिस दिन यह हादसा हुआ, उसी दिन 28 अप्रैल को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अस्पताल पहुंचे थे। उनके साथ बिजली कंपनी के अधिकारी भी आए थे। लेकिन इसके बाद चार महीने बीत जाने पर भी न तो कोई अधिकारी दोबारा पहुंचा और न ही परिवार को कोई आर्थिक मदद दी गई। इस लंबी चुप्पी ने परिवार को और परेशान कर दिया।
पुलिस का जवाब
हिमांशु की शिकायत सुनने के बाद सीएसपी (CSP – City Superintendent of Police) नागेंद्र सिंह सिकरवार ने कहा कि युवक का आवेदन ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेटे की चेतावनी
हिमांशु ने साफ कहा कि यदि तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज नहीं हुई, जैसा आश्वासन पुलिस ने दिया है, तो वह अपने बीमार पिता को खुद एसपी दफ्तर लेकर आएगा। उसका कहना है कि परिवार अब और इंतजार करने की स्थिति में नहीं है।
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